रायपुर. छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने वक्फ संशोधन बिल को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह देश में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करेगा. उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से वक्फ संपत्तियों को कानून के दायरे में लाया गया है, जो पहले न्यायिक समीक्षा से परे थीं. यह एक महत्वपूर्ण सुधार है, जिससे देश की न्यायिक प्रणाली को मजबूती मिलेगी.

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि भारत में वक्फ संपत्तियों की संख्या अत्यधिक है, लेकिन उनका समुचित उपयोग गरीब और जरूरतमंद मुस्लिम समुदाय तक नहीं पहुंच पा रहा था. उन्होंने जोर देकर कहा कि वक्फ संपत्तियों का लाभ मुस्लिम समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिलना चाहिए, न कि कुछ विशेष लोगों तक सीमित रहना चाहिए.

उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों में कई अनियमितताओं की पुष्टि हुई है, जिनका समाधान आवश्यक था. वक्फ संपत्तियों पर हुए अनधिकृत कब्जों को हटाने और इन संपत्तियों का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कठोर प्रावधान किए हैं. इस संशोधन के माध्यम से वक्फ ट्रिब्यूनल के निर्णयों को अब न्यायालय में चुनौती दी जा सकेगी, जो एक बड़ा सुधार है. पहले यह संभव नहीं था, जिससे कई विवादों का समाधान नहीं हो पाता था. अब न्याय की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी.

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने विपक्ष द्वारा विधेयक के विरोध को अनुचित बताया और कहा कि यह किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ उठाया गया कदम है. उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में वक्फ संपत्तियों पर हुए अनधिकृत कब्जों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी और आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने इस निर्णय को राष्ट्रहित में बताते हुए कहा कि यह केवल वक्फ संपत्तियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सभी संपत्तियों की पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत रहेगी.