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रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य शासन के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को मुख्य सचिव की तरह सहकारी समितियों और धान उपार्जन केन्द्रों का नियमित रूप से दौरा कर वहां समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और किसानों की सहूलियत के लिए केन्द्रों में की गई व्यवस्थाओं का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा है कि धान खरीदी सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है, किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत न आए, यह सुनिश्चित की जाना चाहिए. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव अमिताभ जैन द्वारा आज धान खरीदी के पहले दिन रायपुर जिले के जरोदा और बंगोली उपार्जन केन्द्र पहुंचकर वहां धान बेचने आए किसानों का फूल- मालाओं से स्वागत और पूजा-अर्चना के बाद स्वयं धान तौलकर धान खरीदी का शुभारंभ करने पर उन्हें बधाई देते हुए कहा है कि राज्य शासन के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को इसी तरह आकस्मिक रूप से धान खरीदी केन्द्रों का मुआयना करना चाहिए और किसानों से बातचीत कर व्यवस्था को और बेहतर बनाने का प्रयास लगातार किया जाना चाहिए.

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आज एक दिसम्बर से समर्थन मूल्य पर शुरू हुई धान खरीदी को लेकर किसानों में बेहद उत्साह है. धान खरीदी के लिए राज्य में 2399 उपार्जन केन्द्रों बनाए गए हैं. किसानों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा इस साल 88 नये उपार्जन केन्द्र शुरू किए गए हैं, ताकि किसानों को धान बेचने के लिए ज्यादा दूर न जाना पड़े. नये उपार्जन केन्द्रों की स्थापना विधायकगणों, किसान संगठन एवं किसानों की मांग पर शुरू किए गए हैं. बीते वर्ष राज्य में धान उपार्जन 2311 केन्द्रों में किया गया था. इस साल समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए 22 लाख 66 हजार किसानों ने अपना पंजीयन कराया है. इस साल धान के रकबे और किसानों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए लगभग 105 लाख मेट्रिक टन धान खरीदी का अनुमान है. बीते वर्ष राज्य में समर्थन मूल्य पर 92 हजार मेट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया था.