Dilip Ray Statement on RMC Elections: राउरकेला. राउरकेला म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (RMC) के चुनाव नहीं होने के कारण शहर के लोगों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. कारपोरेटर होने से वार्ड का विकास होता है. शहर की गलियां, सड़कें और ड्रेनेज सिस्टम बेहतर होते हैं. पिछले 14 सालों से चुनाव न होने का खामियाजा शहर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है. अगर मैं विधायक होता तो शहर के विकास के लिए बहुत कुछ कर सकता था. अब सिस्टम से बाहर रहकर काम करना पड़ रहा है. जितना हो सकता है, उतना करने की कोशिश कर रहा हूं. शहर विकास के लिए संघर्ष कर रहा है और यह आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा. मैं मुख्यमंत्री से बात करूंगा कि RMC के चुनाव जल्द कैसे कराए जा सकते हैं. यह बात पूर्व केंद्रीय मंत्री और राउरकेला के पूर्व विधायक दिलीप रॉय ने कही.
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डेली मार्केट दुर्गा पूजा मंडप के नए गेट के उद्घाटन के मौके पर बतौर अतिथि शामिल हुए दिलीप रॉय ने कहा कि सालों से चल रहे आध्यात्मिक कार्यक्रमों को राजनीति के चलते रोक दिया गया है. जब सुंदरगढ़ जिला मजिस्ट्रेट डॉ. शुभंकर महापात्रा से इस बारे में पूछा गया तो उनके जवाब से वे हैरान रह गए. मजिस्ट्रेट ने कहा कि उन्हें ऊपर से निर्देश मिले थे कि स्कूल परिसर में सालों से चल रहे आध्यात्मिक कार्यक्रम को बंद कर दिया जाए. जब उनसे पूछा गया कि यह दबाव किसका था, तो मजिस्ट्रेट चुप रहे. दिलीप रॉय ने कहा कि वे इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने कहा कि शहर के विकास पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. राउरकेला को राज्य में विकास के मामले में आगे बढ़ाने के लिए पार्टी से ऊपर उठकर सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए.
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BJD और कांग्रेस दोनों चुप
दिलीप रॉय ने कहा कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद राउरकेला में BJD और कांग्रेस दोनों ही चुप हैं. कई परियोजनाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा, लेकिन वे आवाज नहीं उठा रहे हैं. सरकार पर RMC चुनाव कराने का कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा. चूंकि कोई निर्वाचित जनप्रतिनिधि या कारपोरेटर नहीं है, इसलिए प्रशासनिक व्यवस्था हावी हो गई है. विभागों के अधिकारी मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं. हालांकि शहर के लोग अधिकारियों के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं, फिर भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. ASP के अंतर्गत आने वाले अधिकतर वार्डों के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं.
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