वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले में धान अधिप्राप्ति कार्य की धीमी प्रगति को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में जिलेभर में चल रहे धान अधिप्राप्ति कार्य की प्रगति को लेकर संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि जिले के लिए निर्धारित 1,22,085 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 4,598 किसानों से 33,424 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है, जो कुल लक्ष्य का मात्र 27.41 प्रतिशत है।
समीक्षा में प्रखंडवार धान अधिप्राप्ति की स्थिति भी सामने आई। थरथरी प्रखंड 40.64 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि कतरीसराय (33.60%), नूरसराय (33.09%), बेन (32.86%), एकंगरसराय (32.68%), सरमेरा (32.32%) और चंडी (31.17%) अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में पाए गए। वहीं बिहारशरीफ (19.77%), आस्थावा (18.86%), बिंद (16.63%) और करायपरसुराय (10.22%) जैसे प्रखंडों में धान अधिप्राप्ति बेहद कम पाई गई।
कम प्रगति वाले प्रखंडों पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि 20 प्रतिशत से कम प्रगति वाले प्रखंडों के सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण किया जाए और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए धान अधिप्राप्ति कार्य में तेजी लाई जाए। डीएम ने कहा कि, धान अधिप्राप्ति किसानों से जुड़ा अहम कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने का निर्देश दिया।
इस समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता सह जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला प्रबंधक राज्य खाद्य निगम, वरीय उपसमाहर्ता (अधिप्राप्ति) एवं जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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