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नीरज उपाध्याय/सारण: जिले के बनियापुर प्रखंड के बारोपुर गांव के 36 वर्षीय उदय कुमार ने अपने साहसिक कार्यों से बिहार और देश का नाम ऊंचा किया है. भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें तेनजिंग नॉर्गे नेशनल एडवेंचर अवार्ड 2023 से सम्मानित किया. यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन्हें लैंड एडवेंचर के लिए दिया गया. बता दें कि एक पैर गंवाने के बावजूद, उदय कुमार ने पश्चिम सिक्किम के कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान में स्थित माउंट रेनॉक (16,500 फीट) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई किया. वहां उन्होंने 780 वर्ग फुट का भारतीय ध्वज फहराकर पूरे बिहार को गौरवान्वित किया.
विश्व रिकॉर्ड बनाया
उदय की कहानी साहस से भरी पड़ी है. 2015 में एक रेल दुर्घटना में अपना एक पैर गंवाने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. मामूली वेतन पर प्राइवेट नौकरी करते हुए, छुट्टियां लेकर अपने जुनून को पूरा करने के लिए उन्होंने हर मुश्किल का सामना किया और अब तक उदय कुमार 7 दर्जन से अधिक मैराथन में भाग ले चुके हैं, जिनमें से कई में उन्होंने 21 किलोमीटर तक दौड़ लगाया है. उन्होंने के2के मिशन के तहत ग्रुप कैप्टन जय किशन के नेतृत्व में अफ्रीकी देश तंजानिया की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो (19,341 फीट) पर चढ़ाई की. बैसाखी के सहारे यह अद्वितीय उपलब्धि हासिल कर उन्होंने विश्व रिकॉर्ड बनाया है.
सरकारी सहायता की आस
उदय 91% दिव्यांगता के बावजूद, यह कारनामा कर वे इस क्षेत्र में विश्व पटल पर चमक गए. इस मिशन के दौरान टीम ने तंजानिया में थल, जल और वायु तीनों स्थानों पर तिरंगा फहराया. अब उदय का अगला सपना है कि माउंट एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहराए. विश्वास रखते हैं कि बैसाखी और अपने जुनून के सहारे वे इस लक्ष्य को एक दिन अवश्य पूरा करेंगे. बस बिहार सरकार से सरकारी सहायता की आस है. अगर सरकार उन्हें सहयोग करे, तो वे और भी बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं.
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