क्या आपको भी बैठे-बैठे या चलते-फिरते अचानक से कमर में बहुत तेज दर्द होता है? यदि हां तो इसकी वजह स्लिप डिस्क हो सकती है। स्लिप डिस्क को हर्नियेट डिस्क (herniate Disc) के नाम से भी जाना जाता है। स्लिप डिस्क की प्रॉब्लम आज तेजी से बढ़ रही है और इसका शिकार ज्यादातर 22 से 40 साल के लोग हो रहे हैं। स्लिप डिस्क में कमर और गर्दन में दर्द होता है। बैठने के साथ ही लेटने और चलने-फिरने में भी कई बार बहुत दिक्कत होती है। तो अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो पहले डॉक्टर से मिलें, जिससे वो इसकी गंभीरता के बारे में बता सकें, उसके बाद उनसे सलाह देते हुए योग को अपने रूटीन में शामिल करें। कुछ योग आसानों की मदद से स्लिप डिस्क की प्रॉब्लम को ठीक किया जा सकता है। आइए इनके बारे में जानते हैं।

स्लिप डिस्क के कारण

स्लिप डिस्क होने के मुख्य कारणों में गलत पोश्चर में बैठना, अधिक वजन उठाना, बहुत ज्यादा ड्राइविंग करना, लंबे समय तक बैठे रहना, अचानक चोट लगने या दुर्घटना होने के कारण, अधिक धूम्रपान करना,  मोटापा और अधिक वजन होना, व्यायाम की कमी या व्यायाम ना करना ये सभी बढ़ती उम्र भी स्लिप डिस्क का कारण बनती है।

स्लिप डिस्क के लिए फायदेमंद योगासन

भुजंगासन
भुजंगासन योग आपकी पीठ के निचले हिस्से और रीढ़ को एक अच्छा खिंचाव देता है और स्लिप डिस्क के कारण होने वाले दर्द से राहत देता है।

ष्ट्रासन
उष्ट्रासन योगासन को करने से आपकी रीढ़ की हड्डी पर खिंचाव पड़ता है, जो पीठ दर्द और गर्दन दर्द आदि सभी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। 


शलभासन
शलभासन योग पीठ के निचले हिस्से को मजबूत करता है और हिप एरिया में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है। यह स्लिप डिस्क के दर्द को दूर करने में मदद करता है क्योंकि जब ब्लड सर्कुलेशन सही तरह से नहीं होता, तो यह उस क्षेत्र में प्रेशर बनता है।


सेतुबंधासन
सेतुबंधासन स्लिप डिस्क में आराम देने वाला बहुत ही अच्छा आसन है, जो पीठ को मजबूत करता है। यह आसन धीरे-धीरे पीठ के निचले हिस्से और हिप्स मसल्स को रिलैक्स करता है। यह फ्लेक्सिबिलिटी को बढ़ता है और स्लिप डिस्क प्रभावित उन हिस्सों को एक्टिव करता है, जिनका मूवमेंट इस प्रॉब्लम के चलते धीरे या कम हो गया है।