शब्बीर अहमद, भोपाल। राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां डॉक्टरों ने डिलीवरी के बाद नवजात बच्ची को मृत घोषित कर परिजनों को सौंप दिया। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने बच्ची का मृत्यु प्रमाण पत्र (डेथ सर्टिफिकेट) भी जारी कर दिया, जिसके बाद परिवार कफन-दफन की तैयारी में जुट गया था।

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परिजनों के अनुसार, प्रसव के बाद बच्ची को मरा हुआ बताकर उन्हें सौंपा गया। घर पहुंचकर जब वे अंतिम संस्कार की तैयारियां कर रहे थे, तभी लगभग 4 घंटे बाद बच्ची के शरीर में हरकत दिखी। यह देखकर परिवार स्तब्ध रह गया और तुरंत बच्ची को वापस हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में बच्ची को आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश इलाज के दौरान नवजात की मौत हो गई।

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परिजनों ने अस्पताल की लापरवाही पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टरों ने बच्ची की सही जांच नहीं की और जल्दबाजी में मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि अगर समय पर सही इलाज मिलता तो शायद बच्ची बच सकती थी। इस घटना से परिजनों में रोष है और वे अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

HOD ने गठित की जांच कमेटी

अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की है। हमीदिया अस्पताल की HOD (हेड ऑफ डिपार्टमेंट) डॉ. शबाना परवेज ने जांच के लिए एक डॉक्टरों की कमेटी गठित कर दी है। कमेटी यह पता लगाएगी कि लापरवाही कहां और क्यों हुई, नवजात को मृत समझकर क्यों सौंपा गया। घटना के समय ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टर और मौके पर मौजूद अन्य स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

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