रेफर सेंटर के नाम से बदनाम था ये सरकारी अस्पताल, डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गर्भाशय से निकाला 2-2 किलो का ट्यूमर, अब लोगों में जगी उम्मीद…

रोहित कश्यप, मुंगेली. स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बदनाम मुंगेली जिले में बतौर कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे के पदस्थापना के बाद से जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं में काफी हद तक सुधार हुआ है. कलेक्टर के प्रयास से ही इस अस्पताल में सर्जरी जैसी सुविधा प्रारंभ की गई है. जिसका लाभ खासकर गरीब तबके के लोगों को मिल रहा है. इसी कड़ी में जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी करके 45 वर्षीय महिला की जान बचाई.

महिला के गर्भाशय ग्रीवा में लगभग 2 किलो के दो अलग-अलग ट्यूमर थे. इस वजह से उसे अत्याधिक रक्तस्राव हो रहा था, जिससे उसकी जान पर बन आई थी. जिला अस्पताल के विशेषज्ञों के सूझबूझ से डॉ आनंद मांझी, डॉ.प्रियंका जांगड़े, डॉ. रश्मि भूरे और उनकी टीम ने लगभग दो घंटे की जटिल सर्जरी कर महिला की जान बचा ली.

बता दें कि जिला अस्पताल मुंगेली में इस तरह की क्रिटिकल सर्जरी का ये पहला मामला था. आम तौर पे जहां ऐसे ऑपरेशन का खर्च लाखों रुपए में जाता है वहीं गर्भाशय के ऑपेरशन कराने मरीज सरकारी अस्पताल के बजाए प्राइवेट अस्पतालों पर ही भरोसा जताते रहे हैं. बड़ी उपलब्धि के साथ डॉक्टरों की टीम द्वारा इस सफलतम सर्जरी ने मुंगेली जिला अस्पताल की रेफर सेन्टर की छवि को धो डाला तो वहीं गरीब वर्ग व मरीजों में सरकारी अस्पताल में इलाज कराने एक भरोसा उत्पन्न किया है.

लोरमी विकासखण्ड के गोड़खाम्ही निवासी 45 वर्षीय कुटेलिया बाई साहू को मुंगेली जिला अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था. महिला को लगातार रक्तस्राव से महज दो दिन में महिला का हीमोग्लोबिन 10 से गिरकर चार प्वाइंट तक हो गया था.

महिला का अल्ट्रासाउंड समेत खून की जाच करवाई गई. अल्ट्रासाउंड में पता चला कि महिला की गर्भाशय ग्रीवा में दो बड़े ट्यूमर है. जिसके बाद डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी करने का निर्णय लिया और जिला अस्पताल की टीम ने सफल आपरेशन कर महिला की जान बचा ली वाकई में यह एक काबिले तारीफ और इस ऑपरेशन से जिला अस्पताल की चारो तरफ तारीफ हो रही है.

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