Donald Trump on Greenland: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर अमेरिका लाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हौंसले बुलंद है। ट्रंप कभी क्यूबा तो कभी कोलंबिया को कब्जा करने की धमकी दे रहे हैं। अब ट्रंप ग्रीनलैंड पर भी कब्जा करने की धमकी दे रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की बात दोहराई है। ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड लेकर रहेंगे। यह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है।

वहीं डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने ट्रंप के बयानों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे दबाव करार दिया है। नाटो सहयोगी डेनमार्क की चेतावनियों के बावजूद ट्रंप ने साफ कहा है कि वह ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने को लेकर गंभीर हैं और इसे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से ग्रीनलैंड की जरूरत है। उन्होंने एक बार फिर कहा कि ग्रीनलैंड की रणनीतिक स्थिति और वहां मौजूद खनिज संसाधन अमेरिका के लिए बेहद अहम हैं। ट्रंप ने साफ कहा है कि वह ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने को लेकर गंभीर हैं।

यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब ट्रंप के करीबी सलाहकार स्टीफन मिलर की पत्नी केटी मिलर ने सोशल मीडिया पर अमेरिकी झंडे के रंगों में ग्रीनलैंड का नक्शा पोस्ट किया और उस पर ‘जल्द ही’ लिखा। इसके जवाब में अमेरिका में डेनमार्क के राजदूत ने याद दिलाया कि दोनों देश सहयोगी हैं और डेनमार्क की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए।

ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री का जवाब- अब बहुत हो गया
ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स फ्रेडरिक नीलसन ने ट्रंप के बयान पर कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा, ‘अब बहुत हो गया. कोई दबाव नहीं, कोई इशारा नहीं और अमेरिका में शामिल करने की कोई कल्पना नहीं। उन्होंने साफ किया कि बातचीत संभव है, लेकिन वह अंतरराष्ट्रीय कानून और सही कूटनीतिक रास्ते से ही होगी।

डेनमार्क ने कहा- अमेरिका को कब्जे का कोई अधिकार नहीं
डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने कहा कि अमेरिका को डेनिश साम्राज्य के किसी भी हिस्से को अपने में मिलाने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने बताया कि डेनमार्क और ग्रीनलैंड नाटो के सदस्य हैं और पहले से ही अमेरिका के साथ रक्षा समझौता मौजूद है।

ब्रिटेन का समर्थन, फिर भी ट्रंप अड़े
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने डेनमार्क का समर्थन किया है, लेकिन इसके बावजूद ट्रंप अपने रुख से पीछे हटते नहीं दिखे। उन्होंने दोहराया कि ग्रीनलैंड अमेरिका, यूरोप और ‘फ्री वर्ल्ड’ की सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। स्टार्मर ने कहा कि ग्रीनलैंड के भविष्य का फैसला सिर्फ ग्रीनलैंड और डेनमार्क ही कर सकते हैं किसी तीसरे देश को इसमें दखल देने का अधिकार नहीं है।

यूरोपीय संघ ने ट्रंप के दावे को नकारा
ट्रंप ने दावा किया था कि यूरोपीय संघ चाहता है कि अमेरिका ग्रीनलैंड को नियंत्रित करे। हालांकि यूरोपीय आयोग की प्रवक्ता पाउला पिन्हो ने इस दावे को सिरे से खारिज किया है।

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