पंच केदारों में चतुर्थ केदार भगवान श्री रुद्रनाथ जी के कपाट 18 मई को मध्याह्न 12 बजकर 58 मिनट पर ग्रीष्मकाल के लिए खोले जाएंगे. बसंत पंचमी के पावन पर्व पर शुक्रवार को भगवान रुद्रनाथ जी के शीतकालीन गद्दी स्थल गोपीनाथ मंदिर में ब्राह्मणों ने हक हकूकधारियों की मौजूदगी में पंचांग गणना के आधार पर तिथि की घोषणा की. जिसके बाद अब 18 मई को श्री रुद्रनाथ जी के दर्शन ग्रीष्मकालीन दर्शन होंगे.
बता दें कि पिछले वर्ष भी 18 मई को ब्रह्ममुहुर्त में रुद्रनाथ मंदिर के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोले गए थे. कपाट कार्तिक माह तक श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खुले थे. इस दौरान दर्शन के लिए देश–विदेश से श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखण्ड पहुंचे थे.
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कपाट खुलने की प्रक्रियाओं के तहत भगवान रुद्रनाथ की चल विग्रह मूर्ति 14 मई को पूजा अर्चना के बाद गोपीनाथ मंदिर के गर्भगृह से मंदिर परिसर में लाई जाएगी. जहां से 16 मई को भगवान रूद्रनाथ की चल विग्रह डोली रुद्रनाथ के लिये प्रस्थान करेगी. जिसके बाद 18 मई को विधि विधान से मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खोल दिए जाएंगे.
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