कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में सीनियर लेडी डॉ. हेमलता का निधन हो गया। अपहरण के बाद वह चर्चा में आई थीं। रविवार को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। जिसके बाद दोपहर में उनका अंतिम संस्कार किया गया। लेकिन उनकी मौत ने अब बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि उनकी करोड़ों रुपए की संपत्ति अब किसकी होगी। इसे लेकर प्रशासन जांच में जुट गया है।

डॉक्टर दंपत्ति पर धोखे से प्रॉपर्टी अपने नाम कराने के आरोप

बता दें कि महिला डॉक्टर ने राइट टाउन स्थित बेशकीमती प्रॉपर्टी के लिए प्रताड़ित किए जाने का जिक्र किया था। उन्होंने डॉक्टर दम्पत्ति पर धोखे से दानपत्र पर आधी प्रॉपर्टी अपने नाम कराने का आरोप भी लगाया था। साथ ही गायत्री परिवार पर भी आधी प्रॉपर्टी  को दानपत्र के जरिए लेने के आरोप हैं। IMA ने रिटायर्ड डॉक्टर को प्रताड़ित कर करोड़ों की प्रॉपर्टी के फर्जीवाड़े के आरोप लगाए हैं। 

दस्तावेजों की जांच जारी

वसीयत, दानपत्र सहित अन्य दस्तावेजों की गहन जांच जारी है। जिला अस्पताल से रिटायर्ड डॉ. हेमलता श्रीवास्तव के दो वीडियो सामने आए थे। जमीन की रजिस्ट्री कराने एम्बुलेंस से रजिस्ट्री कार्यालय ले जाने के आरोप भी हैं। उन्होंने डॉ. सुमित जैन और डॉ. प्राची जैन पर शारीरिक और मानसिक स्थिति सही न होने के बावजूद रजिस्ट्री कराने के आरोप लगाए थे। IMA ने पूरे मामले की जांच के लिए कलेक्टर से मांग की थी।  

प्रॉपर्टी की नए सिरे से होगी जांच

दिवंगत डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव की प्रॉपर्टी की अब नए सिरे से जांच होगी। निगम तय करेगा कि लीज की जमीन को गिफ्ट किया जा सकता है कि नहीं। जमीन दान करवाने में लीज शर्तों का भी उल्लंघन हुआ है। इसे लेकर लीज संबंधी नियम खंगाले जा रहे हैं। निगम की रिपोर्ट पर तय होगा कि जमीन शासन के पास जाएगी या नहीं। SDM जांच में सामने आया है कि दिवंगत महिला डॉक्टर ने नर्सिंग होम बनाने के लिए जमीन दी थी। 

पति या बेटे के नाम नर्सिंग होम बनाने दी थी जमीन

हेमलता श्रीवास्तव ने अपने पति या बेटे में नाम पर नर्सिंग होम बनाने के लिए जमीन दी थी। शर्त में लिखा था कि जमीन पर नर्सिंग होम नहीं बना तो इसे शासन को वापस दे दिया जाए। बता दें कि SDM के पास गिफ्ट डीड रद्द करने का अधिकार है।

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