चंडीगढ़। राजधानी के पॉश इलाके सेक्टर-19 में रविवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एक माननीय जस्टिस के सरकारी आवास के परिसर में अचानक एक ड्रोन आकर गिरा। सुरक्षा में तैनात गार्डों ने जैसे ही ड्रोन को गिरते देखा, पुलिस को सूचना दी। मामला हाई-प्रोफाइल होने के कारण देखते ही देखते पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया।

सूचना मिलते ही सेक्टर-19 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सरिता राय दल-बल के साथ पहुंचीं। सुरक्षा की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बम निरोधक दस्ता (Bomb Squad), डॉग स्क्वायड, मोबाइल फॉरेंसिक टीम और ऑपरेशन सेल के कमांडो को तैनात किया गया। पुलिस के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कोठी और आसपास की सड़कों को सील कर दिया। करीब दो घंटे तक विस्फोटक की आशंका को देखते हुए हाई-लेवल चेकिंग चलती रही।

इन्वेस्टिगेशन में खुला ड्रोन का राज

जांच के दौरान जब पुलिस टीमें पास की कोठियों में पूछताछ करने पहुंचीं, तब असली मामला सामने आया। पता चला कि यह कोई जासूसी या संदिग्ध ड्रोन नहीं, बल्कि पास ही रहने वाले 9 साल के एक बच्चे का रिमोट कंट्रोल खिलौना था। बच्चे की मां ने पुलिस को बताया कि बेटा घर के बाहर ड्रोन उड़ा रहा था, जो अचानक अनियंत्रित होकर जस्टिस के घर की बाउंड्री वॉल के अंदर गिर गया।

रोता हुआ घर पहुंचा था मासूम

परिजनों ने बताया कि ड्रोन गायब होने के बाद बच्चा रोता हुआ घर लौटा था। उन्होंने काफी तलाश की, लेकिन वह कहीं नहीं मिला। जब पुलिस की भारी हलचल देखी, तब उन्हें अहसास हुआ कि मामला उनके बच्चे के खिलौने से जुड़ा है। पुलिस ने बच्चे से बात की और ड्रोन में कोई भी संदिग्ध उपकरण न होने की पुष्टि के बाद राहत की सांस ली।