दुर्ग। एक जनवरी से लागू इस प्रक्रिया में दुर्ग संभाग कार्यालय ई-ऑफिस में शिकायत, स्थापना, लाइसेंस और राजस्व भू-आबंटन से संबंधित 919 आवेदनों का ई-ऑफिस के माध्यम से पंजीबद्ध किया गया है, जबकि सरगुजा कार्यालय द्वारा 828, बस्तर द्वारा 641, बिलासपुर द्वारा 142 एवं संभाग कार्यालय रायपुर द्वारा 79 आवेदन ई-ऑफिस के माध्यम से पंजीबद्ध किया गया. इसी प्रकार दुर्ग जिला ई-ऑफिस काउंट में 8,100 प्रकरण के साथ प्रदेश में द्वितीय स्थान पर है.

संभाग आयुक्त एसएन राठौर ने मंगलवार को संभागीय कार्यालय के सभाकक्ष में संभाग स्तरीय अधिकारियों की समय सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक में उक्त जानकारी देते हुए सभी संभाग स्तरीय कार्यालयों में भी ई-ऑफिस के माध्यम से आवेदन पंजीबद्ध करने पर जोर दिया. संभाग आयुक्त राठौर ने कहा कि ई- ऑफिस के क्रियान्वयन एक प्रशासनिक प्रक्रिया है.
इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी काम-काज में पारदर्शिता लाना, फाईलों के निपटान में तेजी लाना और पेपरलेस गर्वनेंस को बढ़ावा देना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ई-ऑफिस केवल एक साफ्टवेयर नहीं है बल्कि कार्य संस्कृति में बदलाव है. सभी विभाग प्रमुख सुनिश्चित करें कि उनके अधीनस्थ कर्मचारियाँ प्रतिदिन लांग-इन करें और ई-फाइलों का निपटान प्राथमिकता के आधार पर करें.
संभाग आयुक्त राठौर ने शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए अवगत कराया कि सभी शासकीय कार्यालयों के अधिकारी/कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति जरूरी है. अधिकारी/कर्मचारी निर्धारित समयानुसार कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करें. उक्त ऑनलाईन उपस्थिति / अनुपस्थिति प्रक्रिया के आधार पर शासन स्तर पर एक्शन लिया जा सकता है.
टाउनशिप के व्यापारियों का रिट पिटीशन हाईकोर्ट में खारिज
भिलाईनगर। 31 अक्टूबर 2025 को पारित कोर्ट के फैसले के खिलाफ दुकान पट्टेदारों द्वारा दायर की गई रिट अपील को डिवीजन बेंच ने खारिज कर दिया है. अब दुकान पट्टेदारों के पास बीएसपी द्वारा की गई मांग के खिलाफ कोई मामला नहीं है. अब जिन भी दुकानदारों ने लीज रेंट / राजस्व नहीं पटाया है भिलाई इस्पात संयंत्र एस्टेट कोर्ट के माध्यम से ऐसे दुकानदारों के विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई कर सकता है.
हाईकोर्ट के डिविजन बेंच ने अपने 2 फरवरी के आदेश में कहा है कि सेल द्वारा उठाई गई विवादित मांगें एक समान, बोर्ड द्वारा अनुमोदित लीज नवीकरण नीति पर आधारित हैं, जो सभी समान रूप से स्थित लीजधारकों पर लागू होती है, और प्रमाणित प्रोफेशनल्स द्वारा किए गए मूल्यांकन पर आधारित हैं. एकल न्यायाधीश ने आदेश दिनांक 31 अक्टूबर 2025 में सही कहा है कि ऐतिहासिक लीज दरें या पिछली रियायतें किसी सार्वजनिक प्राधिकरण को वतर्मान बाजार की वास्तविकताओं और प्रशासनिक विवेक के अनुरूप अपनी नीति को संशोधित करने से नहीं रोक सकतीं.
बीएसपी आवास को हैंडओवर करने के नए नियम से कार्मिक परेशान
भिलाईनगर। बीएसपी आवास को अब जमा करते समय मूल निर्माण की स्थिति में जमा करना होगा. यदि आवास में अतिरिक्त निर्माण किया गया है तो उसे आवंटिती को तोड़कर जमा करना होगा. इस नियम की आड़ में पैसे लेने का खेल भी शुरु हो गया है.
बीएसपी आवास को अतिरिक्त निर्माण के साथ अब नगर सेवाएं विभाग वापस नहीं लेगा. जो भी अतिरिक्त निर्माण होगा उसे आवंटिती को तोड़ना होगा . ब्लाक 15 बी, सड़क 22, सेक्टर 2 निवासी सज्जाद हुसैन ने बताया कि उनको अतिरिक्त निर्माण को तोड़कर जमा करने कहा गया. यह भी शिकायत मिली है कि अतिरिक्त निर्माण सहित हैंडओवर लेने के लिए 15000 रु. की डिमांड कर रहे हैं. कुल मिलाकर हैंडओवर के नए नियम से बीएसपी आवास खंडहर बनते जा रहे हैं. ऐसे खंडित आवासों को आवंटित कराने से कर्मी हिचकेंगे.
गैंगरेप के फरार तीन रसूखदार आरोपियों को पकड़ने टीम रवाना
भिलाईनगर। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तीन रसूखदार आरोपी जिले से फरार हो गए हैं. उन्हें पकड़ने के लिए दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर अलग- अलग टीमें बनाकर आरोपियों को पकड़ने के लिए दूसरे राज्यों में रवाना हो गई हैं. इस मामले में पूर्व में पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.
पीड़िता ने महिला थाने में दर्ज करायी गई शिकायत में बताया कि पीडब्ल्यूडी में टाइम कीपर के पद पर पदस्थ कृपा शंकर कश्यप उर्फ राजू ने उसे डेलीवेज में नौकरी दिलाने का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप है. इसके बाद उसने अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता को डराता रहा. आरोप है कि उसने अपने दोस्तों और करीबियों के साथ मिलकर अलग-अलग रेस्ट हाउस और दुर्ग के एक स्थान पर सामूहिक दुष्कर्म किया.
इस मामले में पुलिस आरोपी विजय, गोविंद और अनिल को गिरफ्तार कर चुकी है. हालांकि मुख्य आरोपी कृपा शंकर कश्यप, भीम नारायण पांडेय और संजय पंडित अभी फरार है. डीआईजी व एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि मामले के फरार आरोपियों की खोजबीन के लिए टीमें बनायी है. तीनों फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी हो जाएगी.
पीएचडी शोधार्थियों से धोखाधड़ी पर कनिष्ठ सलाहकार के खिलाफ अपराध दर्ज
भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) में पीएचडी शोधार्थियों से शुल्क के नाम पर की गई बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी की है. विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर थाना नेवई पुलिस ने पीएचडी शाखा में पदस्थ कनिष्ठ सलाहकार सुनील कुमार प्रसाद के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी एवं गबन के आरोप में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है.
नेवई पुलिस ने बताया कि सीएसवीटीयू के प्रभारी कुलसचिव ने 27 जनवरी के माध्यम से थाना नेवई को कार्रवाई के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था. आवेदन के अवलोकन एवं जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि विश्वविद्यालय के पीएचडी पंजीकृत शोधार्थियों से निर्धारित शुल्क जमा कराने के नाम पर गंभीर अनियमितताएं की गई हैं. विश्वविद्यालय प्रशासन ने गठित दो सदस्यीय जांच समिति की प्रारंभिक जांच में कुल 9 लाख 44 हजार 500 रुपए के गबन की पुष्टि हुई है.
जांच में यह भी सामने आया कि पीएचडी शाखा में कार्यरत कनिष्ठ सलाहकार सुनील कुमार प्रसाद ने शोधार्थियों से नकद राशि लेकर उन्हें फर्जी शुल्क रसीदें प्रदान की गई. कुछ मामलों में राशि को उनके निजी बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कराया गया. रिपोर्ट पर नेवई पुलिस ने मामले में 340(2), धारा 316 (2), 336 (3),338 एवं भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत आरोपी सुनील कुमार प्रसाद के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है. मामले की जांच निरीक्षक अनिल साहू के नेतृत्व में की जा रही है. पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान यदि अन्य किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके विरुद्ध भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
कार्य परिषद की बैठक में एफआईआर करने लिया गया निर्णय : जांच समिति के समक्ष पूछताछ में सुनील कुमार प्रसाद ने राशि प्राप्त करना स्वीकार किया, हालांकि उसने यह दावा किया कि वह यह रकम तत्कालीन प्रभारी कुलसचिव अंकित अरोरा को सौंप देता था और बदले में रसीदें प्राप्त होती थी, लेकिन इस संबंध में वह कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका. मामले पर विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक 22 जनवरी में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाए. साथ ही इस पूरे प्रकरण में अन्य अधिकारियों/कर्मचारियों की संलिप्तता की भी आशंका जताई गई है.
साइबर धोखाधड़ी के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले 16 खाताधारक गिरफ्तार
दुर्ग। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के समन्वय से की गई कार्रवाई में मोहन नगर पुलिस को सफलता मिली है. 22 बैंक खातों के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी करने वाले 16 आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. म्यूल अकाउंट के जरिए 10,67,665 रुपए की साइबर ठगी का खुलासा किया गया है.
पुलिस ने बताया कि उक्त कार्रवाई समन्वय पोर्टल से प्राप्त सूचना के आधार पर की गई है. थाना मोहन नगर क्षेत्र अंतर्गत कुल 22 बैंक खातों का उपयोग साइबर धोखाधड़ी से अर्जित राशि के लोन के लेनदेन में किया जाना पाया गया है. विवेचना के दौरान बैंक खातों के माध्यम से कुल 10,67,665 रुपए की राशि साइबर अपराध से प्राप्त होना प्रमाणित पाया गया था.
खाताधारकों द्वारा जानबूझकर अपने बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए गए जिनका उपयोग विभिन्न प्रकरण में ठगी की राशि के स्थानांतरण के लिए किया गया था. इस प्रकरण में पुलिस ने धारा 317 (2),317 (4),318 (4), 111 (3) 61 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया था. विवेचना के दौरान 16 आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है. अन्य आरोपियों पतासाजी की जा रही है.
किसी को ना दे बैंक का विवरण : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल ने आम नागरिकों से अपील की है कि वह अपने बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेक बुक, ओटीपी अथवा मोबाइल बैंकिंग वितरण किसी भी व्यक्ति को ना दे . साइबर अपराध से संबंधित किसी भी सूचना की तत्काल रिपोर्ट साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा नजदीकी थाना में दे साइबर अपराध में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
भिलाई स्टील हाफ मैराथन में रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 5 फरवरी
भिलाईनगर। 8 फरवरी को स्वास्थ्य, उत्साह और सामुदायिक भावना के भव्य उत्सव का साक्षी बनने जा रहा है. शहीद वीर नारायण सिंह जयंती स्टेडियम में आयोजित होने वाली भिलाई स्टील हाफ मैराथन के लिए प्रातः 6 बजे से औपचारिक फ्लैग ऑफ निर्धारित है. लगभग 1500 ऊर्जावान धावक स्वास्थ्य और फिटनेस को जीवनशैली बनाने के संकल्प के साथ इस आयोजन में भाग लेंगे.
इस आयोजन के लिए पंजीकरण आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है. कुल 8,00,000 रुपए की आकर्षक नगद पुरस्कार राशि विभिन्न वर्गों में प्रदान की जाएगी. 21.09 किलोमीटर की हाफ मैराथन ओपन श्रेणी में पुरुष एवं महिला वर्ग के लिए 18 से 45 वर्ष तथा 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में आयोजित की जाएगी. इसके अतिरिक्त 10 किलोमीटर एवं 5 किलोमीटर दौड़ पुरुष एवं महिला वर्ग के लिए समान आयु वर्गों में आयोजित होगी. न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है.
बीएसपी ने हटाया बेजा कब्जा
मरोदा। नेवईभाटा स्थिति एसएलआर एम सेंटर के पास तथा बैकुंठधाम मंदिर से लगा हुआ मरोदा डैम के नीचे बीएसपी की भूमि लगभग 10000 वर्ग फीट पर अवैध कब्जा 4 जाली सीमेंट के खंभे आदि कर डायमंड से फेंसिंग करते हुए कैटल सूअर पालन किया जा रहा था. प्रवर्तन विभाग की टीम ने उक्त भूमि से अवैध कब्जाधारी को बेदखल किया. सूअर पालन हेतु बनाए गए बाड़ा फेंसिंग एवं रहने हेतु बनाई झोपड़ियां को हटाया.
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें


