भिलाईनगर। सीजीएम टीए एंड सीएसआर उत्पल दत्ता को प्लांट के अंदर शाप्स में भेज दिया गया है. उनकी जगह एबी श्रीनिवास को जीएम इंचार्ज टाउन सर्विसेस बनाया गया है. इसके अलावा कुछ अन्य अफसरों के प्रभार में बदलाव किया गया है. बीएसपी मैनेजमेंट ने एक बड़ा बदलाव करते हुए सीजीएम टाउन सर्विसेस उत्पल दत्ता को वापस प्लांट के अंदर भेजने का आदेश जारी कर दिया. उनकी जगह एबी श्रीनिवास जीएम इंचार्ज टाउन सर्विसेस होंगे.

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उत्पल दत्ता को बहुत कम अवधि में हटाने के पीछे अब कयास लगाए जा रहे हैं कि रिटेंशन सहित कुछ अन्य मुद्दों को लेकर टाउनशिप में अशांत माहौल वजह हो सकते हैं. टाउन सर्विसेस को लेकर पहली बार एक साथ सांसद और विधायक ने मोर्चा खोला वह भी अलग अलग पाटियों के विधायक अनशन तक में बैठ गए.

सांसद और विधायक ने पहली बार ही बीएसपी मैनेजमेंट को इस तरह का अल्टीमेटम दिया है. सांसद और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रिटेंशन सहित बीएसपी के कुछ अन्य मुद्दों को लेकर केन्द्रीय इस्पात मंत्री से मिल आए . राजनेताओं को आवास खाली करने का नोटिस भेजना भी चर्चा का विषय रहा.

हालांकि, कहना मुश्किल है कि उत्पल दत्ता को मैनेजमेंट ने हटाने का निर्णय क्यों लिया. लेकिन टाउनशिप के इतिहास में वर्तमान जैसा अशांत माहौल कभी नहीं रहा. रिटेंशन को लेकर रिटायर्ड कार्मिक उबल रहे हैं. व्यापारियों का असंतोष भी ज्यों का त्यों है. राज्य सरकार के प्रभावशाली प्रशासनिक अफसर भी आवास खाली करने संबंधी नोटिस से नाराज हैं. हालांकि, रिटेंशन के मुद्दे पर बीएसपी मैनेजमेंट पीछे हटने के मूड में नहीं लग रहा.

बीएसपी मैनेजमेंट वर्सेस राजनेता और रिटायर्ड कामरिकों की लड़ाई का अंजाम क्या होगा यह भविष्य में ही पता चलेगा. अब तक की स्थिति में मैनेजमेंट ही राजनेताओं पर हावी दिखता है. राजनेता अल्टीमेटम पर अल्टीमेटम दे रहे हैं लेकिन मैनेजमेंट को इससे कोई फर्क पड़ता नहीं दिख रहा .

इन अफसरों के प्रभार में भी हुआ बदलाव

नए आदेश के अनुसार, सीजीएम बीआरएम योगेश शास्त्री को सीजीएम यूआरएम का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. जीएम इंचार्ज यूआरएम विशाल गुप्ता को जीएम प्रोजेक्ट बनाया गया है. जीएम इंचार्ज एचआर जेएन ठाकुर को सीजीएम एचआर का पॉवर दिया गया है. सीजीएम शाप्स हरीश कुमार सचदेव अब सीजीएम एमआरडी होंगे.

डीपीएस भिलाई के नए प्रिंसिपल का चयन अप्रैल मध्य तक

भिलाईनगर। डीपीएस भिलाई के प्रिंसिपल परशांत वशिष्ठ 31 मार्च को रिटायर हो रहे हैं. 30 मार्च को उनका विदाई समारोह होगा. नए प्रिंसिपल की चयन प्रक्रिया शुरु हो गई है. अप्रैल मध्य तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाने की उम्मीद है.

बोर्ड आफ मैनेजमेंट ने 24 मार्च को एक आदेश भी निकाल दिया जिसमें वाइस प्रिंसिपल अमजद हसन जंजानी को नए प्रिंसिपल के चयन तक प्रिंसिपल का प्रभार दिया गया है. परशांत वशिष्ठ के द्वारा की जा रही नए शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया को बोर्ड आफ मैनेजमेंट ने रोक दिया था. वह प्रक्रिया भी बहुत जल्द शुरु की जाएगी. परशांत वशिष्ठ को उनके अनुरोध पर रिटायर होने के बाद 1 माह तक वर्तमान में आवास रहने की अनुमति गई है.

निस्तारी तालाबों के लिए तांदुला से छोड़ा जा रहा पानी

दुर्ग। निस्तारी की समस्या व गिरते भूजल स्तर की समस्या को देखते हुए तांदुला जलाशय से 12 सौ क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. इससे दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के आठ सौ निस्तारी तालाबों में पानी भरा जाएगा. गिरते भूजल स्तर की समस्या के चलते अनेक हैण्डपंप बंद हो गए हैं. निस्तारी तालाबों में पानी भरने से बंद हो चुके हैण्डपंप भी रिचार्ज होंगे.

गौरतलब है कि नवभारत समाचार पत्र में निस्तारी तालाबों के सूखने एवं गिरते भू जल स्तर की वजह से हैंडपंपो में पानी नहीं आने के कारण गहराते जल संकट को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी. इसके बाद तांदुला मुख्य नहर से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा बढ़ाने के साथ माइनर नहरों में भी निस्तारी तालाबों को भरने पानी छोड़ दिया गया है. जनपद उपाध्यक्ष राकेश हिरवानी ने बताया कि नहर से होकर तालाबों में पानी पहुंचना भी शुरू हो गया है.

पानी का ना करे दुरुपयोग : जलसंसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता सुरेश पाण्डेय का कहना है कि पाटन, बेरला, दुर्ग सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पानी की बहुत मांग है. जिसे देखते हुए तांदुला से फिलहाल 1200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. इनमें से 800 क्यूसेक पानी दुर्ग जिले तक पहुंच रहा है. शेष का बालोद जिले में खपत हो रहा है. उन्होंने कहा कि पानी बहुत कीमती है नहरों में छोड़ा गया पानी व्यर्थ न बहे. इसका ध्यान रखते हुए पानी का सदुपयोग करे. विभाग का मैदानी अमला को भी इसके लिए मानिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं.

एफएसएनएल में 30 मार्च को प्रस्तावित हड़ताल स्थगित

भिलाईनगर। एफएसएनएल में 30 मार्च को प्रस्तावित हड़ताल पर क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), रायपुर के समक्ष 23 व 25 मार्च को सुलह बैठक रखी गई थी. 27 मार्च को भी एफएसएनएल प्रबंधन एवं भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन के मध्य भी उक्त मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल की गई. इसी क्रम में, भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन एवं एफएसएनएल कर्मचारी यूनियन के मध्य आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में वतर्मान स्थिति एवं सुलह कायर्वाही की प्रगति से यूनियन को अवगत कराया गया.

इस महत्वपूर्ण बैठक में यूनियन की तरफ से उज्जवल दत्त एवं उनकी टीम तथा भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन की तरफ से मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन जे एन ठाकुर व महाप्रबंधक आई आर विकास चंद्रा शामिल हुए. एफएसएनएल कमर्चारी यूनियन, भिलाई द्वारा यह आश्वासन दिया गया है कि प्रबंधन के साथ चल रही सकारात्मक वार्ता एवं सुलह प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए 30 मार्च को प्रस्तावित हड़ताल को स्थगित किया जा रहा है.

डाक विभाग में विदेशी पार्सल एवं दस्तावेज बुकिंग की सुविधा

भिलाईनगर। दुर्ग संभाग के अंतर्गत सभी प्रमुख डाकघरों एवं अन्य उपडाकघरों में विदेशी पार्सल एवं दस्तावेजों की बुकिंग सुविधा उपलब्ध है. यह सुविधा आम नागरिकों और व्यापारिक संस्थाओं के लिए सुरक्षित, किफायती एवं विश्वसनीय विकल्प प्रदान करती है. आम नागरिक अपने परिजनों को विदेश में पार्सल एवं दस्तावेज अन्य विकल्पों की तुलना में सस्ते दरों पर भेज सकते हैं.

व्यापारिक संस्थाएँ भी अपने उत्पाद एवं दस्तावेज आसानी से विदेश भेज सकते हैं. उनके लिए डाकघर निर्यात केंद्र (डीएनके) आकर्षक छूट भी प्रदान करती है. डाकघर निर्यात केंद्र ग्राहक के रूप में पंजीकरण हेतु मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड (आईईसी), एडी कोड, एलयूटी इत्यादि जैसे मूलभूत दस्तावेजों की आवश्यकता होती है.

डोंगरगढ़ के बूढ़ादेव पहाड़ी में लगी भीषण आग, देर रात पाया गया काबू

डोंगरगढ़ . शहर की प्राचीन बूढ़ादेव पहाड़ी में शुक्रवार शाम अचानक भीषण आग लग गई. इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया. शाम करीब चार बजे पहाड़ी में लगी आग तेजी से फैलती चली गई, लेकिन लंबे समय तक प्रशासनिक अमला मौके से नदारद रहा, जिससे हालात बिगड़ते चले गए. स्थिति तब बदली जब घटना को प्रमुखता से उठाया गया. इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और रात करीब नौ बजे जिम्मेदार अधिकारी व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. टीम के लगातार प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया गया.

यह आगजनी इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि बूढ़ादेव पहाड़ी के चारों ओर घनी आबादी बसी हुई है. बुधवारी पारा, केदारबाड़ी, मज़ार पारा और दंतेश्वरी पारा जैसे क्षेत्रों में हजारों की संख्या में लोग निवास करते हैं. ऐसे में आग के रिहायशी इलाकों तक पहुंचने का खतरा बना हुआ था और जनहानि की आशंका भी बनी रही.

आग लगने के शुरुआती घंटों में स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन संसाधनों की कमी और आग की तीव्रता के चलते स्थिति काबू में नहीं आ सकी. बाद में पहुंची वन विभाग की टीम ने लगातार प्रयास कर आग पर नियंत्रण पाया. हालांकि, प्रशासन अब स्थिति को नियंत्रण में बता रहा है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर चार घंटे तक जिम्मेदार तंत्र मौके से दूर क्यों रहा. यदि समय पर कार्रवाई की जाती तो नुकसान को और कम किया जा सकता था.

गौरतलब है कि इससे पहले नवरात्र के पंचमी के दिन ऊपर मां बम्लेश्वरी पहाड़ी के पीछे भी इसी तरह आगजनी की घटना सामने आई थी, जिसमें पुलिस अमले ने तत्परता दिखाते हुए समय रहते आग पर काबू पा लिया था.