दुर्ग। ट्रैफिक पुलिस द्वारा ई-चालान के माध्यम से लगातार की जा रही कार्रवाई और भारी-भरकम जुर्माना राशि के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी, दुर्ग शहर के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आम नागरिकों को राहत देने की मांग की.
ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान महंगाई के दौर में आम जनता, विशेषकर गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवार, पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. ऐसे समय में 2000 से 5000 तक के ई-चालान आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है.

वर्क आर्डर जारी होने के बाद स्थल परिवर्तन को लेकर बखेड़ा
दुर्ग। नगर निगम दुर्ग के अधिकारियों के दोहरे मापदंड ने पानी टंकी निर्माण में एक नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है. गया नगर वार्ड 4 में रिक्त जमीन पर पानी टंकी बनाने निगम के अधिकारियों ने बकायदा प्रस्ताव तैयार किया. शासन द्वारा मंजूरी भी दी गई. यहां तक कि वर्क आर्डर भी जारी कर दिया गया.
वर्क आर्डर जारी होने के बाद अब स्थल को इस वजह से परिवर्तन करने जोर दिया जा रहा है कि वह जल भूमि है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या प्रस्ताव तैयार करते समय जमीन की उपयोगिता का आकलन निगम प्रशासन द्वारा नहीं किया गया. मजेदार पहलू यह है कि टंकी निर्माण के लिए एक करोड़ 99 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं. अब वर्क आर्डर के बाद यह निर्माण खटाई में पड़ गया. है. इस लेट लतीफी का खामियाजा आखिरकार जनता को भुगतना पड़ रहा है.
वार्ड 4 गया नगर व आस पास के वार्डों में जल संकट दूर करने पानी टंकी निर्माण की पहल की गई. विभागीय अधिकारियों ने तमाम तकनीकी प्रक्रियाओं के बाद डोंगिया बांधा तालाब के पहले बघेरा मोड़ गयानगर स्थितरिक्त भूमि को उपयुक्त मानते हुए 15 लाख लीटर क्षमता की पानी टंकी बनाने का प्रस्ताव तैयार किए. उसी आधार पर शासन से टंकी निर्माण के लिए राशि की स्वीकृति मिली थी. अब वर्क आर्डर जारी होने के बाद नक्शे में जल भूमि बताकर स्थल परिवर्तन करने की कोशिश हो रही है जबकि 29 जनवरी को एमआईसी में इसकी स्वीकृति हुई है.
निर्माण एजेंसी बिलासपुर की है. इस विरोधाभासी कार्यों से निगम प्रशासन की छवि पर सवालिया निशान लग रहा है. वैसे शिक्षक नगर पानी टंकी निर्माण को लेकर पूर्व में भी विवाद की स्थिति बनी हुई थी. अब गया नगर पानी टंकी निर्माण को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है.
तत्कालीन आयुक्त व टीम ने किया था निरीक्षण
2 वर्ष पूर्व दुर्ग निगम के तत्कालीन आयुक्त लोकेश चंद्राकर की उपस्थिति में कार्यपालन अभियंता मोहन पुरी गोस्वामी, दिनेश नेताम सहित निगम के इंजीनियरों व अमृत मिशन के अधिकारियो ने पानी टंकी निर्माण के प्रस्तावित स्थल बघेरा मोड़ गयानगर का निरीक्षण किया था. उसके बाद प्रस्ताव तैयार करने निर्देशित किया गया.
कब्जा कर करमता भाजी की खेती
करीब एक एकड़ भूमि, जहां एक व्यक्ति द्वारा चालीस वर्ष से अधिक समय से कब्जा कर करमता भाजी की खेती के रूप में उपयोग कर रहा था. जिसे प्रशासन द्वारा खाली कराकर टंकी निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया. उसी प्रस्ताव को वर्तमान महापौर परिषद ने स्वीकृत कर शासन को भेजे थे जिसमें सितंबर माह में सरकार से 15वें वित्त में राशि भी प्राप्त हो गई.
खारुन पुल मरम्मत आज से, रायपुर-दुर्ग का सफर होगा मुश्किल
भिलाईनगर। रायपुर और दुर्ग रोड को जोड़ने वाले कुम्हारी टोल प्लाजा के पास खारुन नदी पुल की मरम्मत कार्य आज से शुरु होने से रायपुर दुर्ग का सफर बड़ा मुश्किल होगा. इसके चलते हर दिन डेढ़ लाख लोग प्रभावित होंगे. इसके चलते दुर्ग व रायपुर पुलिस की संयुक्त रुप से जाम की स्थिति निर्मित ना हो सके इसलिए पूरी प्लानिंग तैयार कर रिहर्सल कराया गया. मंगलवार रात 10.30 बजे से इस पूल को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. यह पूल 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक यानी पूरे एक महीने के लिए बंद रहेगा.
आवाजाही करने वाले वाहन चालकों को दिक्कत न हो, इसलिए सोमवार को पुलिस ने रूट डायवर्सन का रिहर्सल किया. रूट डायवर्सन के रिहर्सल को देखने के लिए दुर्ग के एसएसपी विजय अग्रवाल खुद मौके पर पहुंचे. उन्होंने पूरी व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया. इस दौरान दुर्ग और रायपुर दोनों जिलों के ट्रैफिक पुलिस अधिकारी अलग-अलग स्थानों पर खड़े होकर यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे थे.
कमियां देखकर उन्होंने अधिकारियों को तुरंत ट्रैफिक प्लान में आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए. वहीं पूल बंद रहने के कारण रायपुर से दुर्ग और दुर्ग से रायपुर आने-जाने वाली सभी गाड़ियों को दूसरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ेगा.
जवान रहेंगे तैनात इस पूरे एक महीने के लिए
ट्रैफिक प्लान को अच्छे से लागू करने के लिए दुर्ग पुलिस ने 55 जवानों की ड्यूटी लगाई है. अधिकारियों का कहना है कि अगर सड़कों पर गाड़ियों का दबाव बढ़ा और जरूरत महसूस हुई तो जवानों की संख्या और भी बढ़ा दी जाएगी. वैकल्पिक मार्ग में वाहन चालकों को भटकने से बचाने रुट के चौक चौराहों पर पुलिस जवान तैनात रहेंगे.
एक घंटा पहले घर से निकलना होगा
सिंगल ब्रिज से ही दोनों तरफ का आना-जाना बारी-बारी से कराया जाएगा. इससे जाम की स्थिति बन सकती है. अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि यदि अगर कोई एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, अस्पताल या किसी परीक्षा के लिए या किसी जरूरी काम से जाना है तो वे इस रास्ता का इस्तेमाल कर रहा है तो सामान्य समय से उसे एक घंटा पहले घर से निकलन होगा. वन-वे सिस्टम लागू मरम्मत के दौरान पुल के एक हिस्से से ही दोनों दिशाओं का ट्रैफिक बारी-बारी से चलाया जाएगा. इस वजह से यहां जा लगने की स्थिति बन सकती है.
रिटायर बीएसपी कर्मियों को लाइसेंस पर दिए जाएंगे आवास
भिलाईनगर। बीएसपी से सेवानिवृत्त होने वाले अफसरों व कर्मियों के लिए एक राहत भरी खबर है. अफसरों को 900 वर्गफीट तथा कर्मियों को 600 वर्गफीट तक के आवास लाइसेंस पर लेने की सुविधा मिलेगी. यह आवास 11 माह की अवधि के लिए लाइसेंस पर आवंटित कराए जा सकेंगे.
रिटेंशन स्कीम को लेकर चल रहे टकराव के बीच बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग की ओर से एक राहत भरी घोषणा की गई है. कार्मिकों को लाइसेंस स्कीम के तहत अब तक एनक्यू 1 और एनक्यू 2 श्रेणी के आवास आवंटित करता रहा है. लेकिन अब इन्हें एनक्यू 4 टाइप के आवास आवंटन की भी सुविधा दी जाएगी. अब पूर्व कर्मचारियों की वास्तविक जरूरतों को देखते हुए आंबांधा सेक्टर में कुछ एनक्यू 4 (600 वर्गफीट, एनबी 2 प्रकार) के आवास भी लाइसेंस आधार पर देने के लिए चिन्हित किए गए हैं. इसके गैरकार्यपालक श्रेणी से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए कुछ ईक्यू 1 (900 वर्गफीट, सी 3 प्रकार ) के आवास भी लाइसेंस आधार पर आवंटन के लिए चिन्हित किए गए हैं.
पात्र कार्मिक यदि उन्हें वास्तविक जरूरत के कारण भिलाई में रहना है तो इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं. इस बीच कार्मिक अब यह भी मांग कर रहे हैं कि सब्जेक्ट टू वैकेशन को फिर से लागू किया जाए. असल में आवासों को मूल स्थिति में वापस करने की शर्तों के कारण आवास छोड़ने वाले कार्मिक अतिरिक्त निर्माण को तोड़ने लगे हैं. इससे अच्छे खासे आवास भी खंडहर में तब्दील होते जा रहे हैं. बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ कर उसका मलबा भी यूं ही छोड़ा जा रहा है. कोई कार्मिक जब इन आवासों को आवंटित कराने के पूर्व देखता है तो फिर भारी तोड़फोड़ को देखते हुए वह हिचकता है. इसके चलते आवास लगातार खंडहरनुमा होते चले जा रहे हैं. कार्मिकों का तर्क है कि सब्जेक्ट टू वैकेशन लागू होने से आवासों में तोड़फोड़ नहीं होगा. अनेक खाली आवासों में रात को असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होने से पड़ोस में रहने वाले कार्मिकों का परिवार खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा है.
ट्रेन से गांजा तस्करी के आरोप में तीन नाबालिग बच्चियां गिरफ्तार
भिलाईनगर। इन दिनों लगातार ट्रेन के जरिए गांजा तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं. इस बार फिर से एसीसीयू व भिलाईनगर की संयुक्त टीम ने एमपी (बैतुल) के रहने वाले तीन नाबालिग बच्चियों को गांजा तस्करी करते भिलाईनगर स्टेशन के पास से पकड़ा है . उनके कब्जे से पुलिस ने कुल 8 किलो गांजा जब्त किया है.
भिलाईनगर थाना प्रभारी जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि मंगलवार की सुबह सूचना मिली की कुछ लोग गांजा लेकर ट्रेन में सफर कर रहे हैं. सूचना पर एसीसीयू की टीम के साथ भिलाईनगर स्टेशन के पास पहुंचे. जांच के दौरान तीन नाबालिग बच्चियां के पास से एक काले रंग का बैग मिला. तलाशी लेने पर उसके पैकेट में बड़ी मात्रा में गांजा मिला. गांजा का तौल करने पर कुल 8 किलो गांजा मिला. नाबालिग बच्चियों से पूछताछ करने पर बताया कि वे ओडिशा के काटाभांजी से गांजा लेकर एमपी (बैतुल) में सप्लाई करती हैं. तीनों से और भी पूछताछ की जा रही है कि वे गांजा को किसके पास सप्लाई करने वाले थे. पुलिस ने बताया कि तीनों नाबालिग एमपी (बैतुल) के रहने वाले हैं. इनके खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना कर रही है.
आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करने वाली पत्नी गिरफ्तार
दुर्ग। पति को आत्महत्या करने के लिए प्रताड़ित करने वाली पत्नी सहित तीन आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपी पत्नी, उसका भाई एवं मामा को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है. पुलिस ने घटना से संबंधित डिजिटल साक्ष्य मोबाइल को भी जब्त किया है.
पुलिस ने बताया कि मृतक विशाल गुप्ता (30 वर्ष) निवासी गया नगर वार्ड क्रमांक 4 दुर्ग द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले की जांच की गई थी. मर्ग जांच के दौरान परिजनों के कथन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल निरीक्षण एवं मेडिकल रिपोर्ट का परीक्षण बारीकी से किया गया. जांच में सामने आया था कि मृतक द्वारा 11 मार्च 2026 को आत्महत्या करने से पूर्व अपने मोबाइल फोन में एक वीडियो रिकॉर्ड किया गया था जिसमें उसने अपनी पत्नी एवं उसके परिजनों द्वारा लगातार मानसिक प्रताड़ना देने का उल्लेख किया था.
प्रताड़ना के कारण मानसिक रूप से आहत होकर मृतक द्वारा 11 मार्च की रात 10.30 बजे फांसी लगाकर आत्महत्या करना पाया गया था. जांच के बाद पुलिस ने धारा 108, 3 ( 5 ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम गठित कर आरोपियों की तलाश में टीम उत्तर प्रदेश रवाना की गई थी. तकनीकी साक्ष्य के आधार पर आरोपियों का पता लगाकर 29 मार्च को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस ने आरोपी तनु उर्फ मोहनी गुप्ता (25 वर्ष) निवासी गया नगर दुर्ग हाल पता जिला हमीरपुर उत्तर प्रदेश, शिव गुप्ता निवासी मौहदा जिला हमीरपुर उत्तर प्रदेश तथा कृष्ण कुमार गुप्ता (50 वर्ष). निवासी सुमेरपुर पेलानी रोड जिला हमीरपुर उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है.
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन जमीन रजिस्ट्री से मिला करोड़ों का राजस्व
दुर्ग। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन जमीन रजिस्ट्री से जिले में पंजीयक विभाग को करोड़ों रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ. आज महावीर जयंती का अवकाश के बावजूद कामकाज जारी रहा. जिले के सभी पंजीयक कार्यालयों में आज सुबह से जमीन खरीदी बिक्री करने वालों की काफी चहल पहल रही. अकेले दुर्ग कार्यालय में प्राप्त हुए.
जमीन रजिस्ट्री संबंधित 118 दस्तावेज जानकारी के अनुसार अकेले दुर्ग कार्यालय में उप पंजीयक एक में 22, दो में 22 एवं उप पंजीयक तीन के पास शाम तक जमीन रजिस्ट्री के लिए 56 एपाइमेंट थे. समाचार लिए जाने तक यहां जमीन रजिस्ट्री संबंधित कुल 118 दस्तावेज से 19535374 रुपए का राजस्व विभाग को प्राप्त हो चुका था एवं देर शाम तक कामकाज जारी था.
गौरतलब है कि पंजीयक कार्यालयों में शनिवार व रविवार अवकाश के दिनों में भी कामकाज जारी रहा. इन दो दिनों में जिले में जमीन रजिस्ट्री संबंधी 280 दस्तावेज जमा हुए. इन प्राप्त दस्तावेजों की जमीन रजिस्ट्री से जिले में विभाग को लगभग 5 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था. इस प्रकार जिले में अवकाश के दिनों में कामकाज जारी रखने से विभाग को 7 करोड़ रुपए से अधिक का आय हुआ. शासन को पंजीयक विभाग से बड़ा राजस्व मिलता है इसलिए महानिरीक्षक पंजीयन ने अवकाश के दिनों में भी काम काज जारी रखने निर्देश दिए थे.
चार जिले के 600 कारखानों में श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सिर्फ चार स्टाफ
राजनांदगांव। कारखानों में काम करने वाले श्रमिको की सुरक्षा के लिए राज्य शासन द्वारा जिला मुख्यालय में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा इकाई का गठन किया गया है. राजनांदगांव मुख्यालय में स्थिति कार्यालय में उप संचालक सहित दो बाबू के भरोसे चार जिले के कारखानों का संचालन हो रहा है. कम स्टाफ के चलते श्रमिको की उफ सुनने वाला तक कोई नही है.
राजनांदगांव, कवर्धा, खैरागढ़ छुईखदान गंडई और मोहला मानपुर चौकी व राजनांदगांव में करीब छह सौ कारखाने संचालित है. इन कारखानो में कार्यरत श्रमिको के अधिकारों और उन्हें न सिर्फ सुरक्षा बल्कि उनके स्वास्थ्य के प्रति नियमित मानिटरिंग करने की जिम्मेदारी विभाग के अफसरों की है. लेकिन राजनांदगांव के इंडस्ट्रीयल एरिया वर्धमान नगर स्थित वार्ड में संचालित हो रहे औदयोगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ईकाई में उप संचालक और दो बाबु के आलावा सिर्फ एक चपरासी ही है. जबकि यहां उप संचालक के आलावा सहायक संचालक के पद रिक्त है. इसके आलावा सहायक ग्रेड तीन के दो पद भी खाली है. यही कारण है जमीनी स्तर पर न ही कारखानों की मानिटरिंग हो पा रही है और न ही श्रमिको का लेखाजोखा तैयार हो रहा है. कारखानो में काम करने वाले श्रमिको को हितों के सुरक्षा के लिए जिला मुख्यालय में श्रम विभाग का गठन किया गया है. श्रम विभाग के आलावा शासन द्वारा औद्योगिक स्वास्थ्य व सुरक्षा इकाई विभाग भी संचालित कर रही है. लेकिन दोनों विभाग में कारखानों की मानिटरिंग भगवान भरोसे चल रही है. श्रम विभाग के भी लेबर इस्पेक्टर सिर्फ दफ्तरों तक ही सीमित है. जिसके चलते श्रमिकों की सुरक्षा का ध्यान ही नही रखा जा रहा है.
दो दिन से लापता नाबालिग छात्रा का रेलवे ट्रैक पर मिला शव
खैरागढ़। जिले की 14 वर्षीय लापता छात्रा की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के चिचोला गांव की छात्रा देविका वर्मा का शव बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक किनारे मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किशोरी को तीन आरोपियों ने बहला- फुसलाकर बिलासपुर ले गए और चलती ट्रेन से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी.
मृतका कक्षा 8वीं की छात्रा थी और चार बहनों में दूसरे नंबर पर थी . उसके पिता शैलेंद्र वर्मा स्थानीय हाई स्कूल में स्वीपर के रूप में कार्यरत हैं जबकि माता आंगनबाड़ी में रसोइया हैं. घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. और गांव में शोक का माहौल है. पुलिस अनुसार दूरस्थ थाना क्षेत्र होने के कारण मामले की जांच चुनौतीपूर्ण थी लेकिन पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में खैरागढ़ पुलिस ने मस्तूरी पुलिस के सहयोग से आरोपियों तक पहुंचकर मामले का खुलासा किया. तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है.
गमगीन माहौल के बीच हुआ अंतिम संस्कार
घटना के विरोध में मंगलवार को चिचोला गांव में लोगों में भारी आक्रोश देखा गया. समाचार लिखे जाने तक पुलिस आरोपियों को लेकर खैरागढ़ पहुंचने वाली है वहीं देविका के शव को परिजनों को सौंपे जाने के बाद देर शाम गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया.
चलती ट्रेन से धक्का देकर कर दी हत्या
पुलिस जांच में सामने आया है कि तीन आरोपी बालकों ने छात्रा को बहला- फुसलाकर बिलासपुर ले जाया. आरोप है कि आरोपियों ने चलती ट्रेन से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी. मामले का मास्टरमाइंड एक बालिग आरोपी बताया जा रहा है जबकि उसका एक सहयोगी भी बालिग है और तीसरा आरोपी नाबालिग है. तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
दो दिन से लापता थी छात्रा, रिपोर्ट से पहले हत्या
जानकारी के अनुसार, देविका वर्मा 28 मार्च की रात खैरागढ़ के पिपरिया वार्ड स्थित अपने मामा के घर से अचानक लापता हो गई थी. परिजनों ने खोजबीन के बाद 29 मार्च को खैरागढ़ थाने में दोपहर करीब 12 बजे गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. इसी दिन सुबह करीब 10:30 बजे बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम किसान परसदा के पास रेलवे ट्रैक किनारे एक अज्ञात किशोरी का शव मिला था. 31 मार्च को परिजनों द्वारा पहचान किए जाने पर पुष्टि हुई कि शव देविका वर्मा का ही है. इससे स्पष्ट हुआ रिपोर्ट दर्ज होने से पहले ही किशोरी की हत्या की जा चुकी थी.
समय से पहले 10वीं-12वीं बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन पूर्ण करने की तैयारी
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित की गई दसवीं तथा बारहवीं बोर्ड की कॉपी का मूल्यांकन एवं अंतिम चरण में है. स्कूल प्रबंधन की माने तो समय से पहले ही बोर्ड की कॉपियां मूल्यांकित कर ली जाएगी. स्कूल प्रबंधन की माने तो अब तक 90 हजार से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूर्ण कर लिया गया है. आगामी 6 अप्रैल तक मूल्यांकन का कार्य पूर्ण करने का प्रावधान रखा गया है. मूल्यांकन पश्चात जल्द ही परिणाम की घोषणा भी होगी.
ज्ञात हो कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड द्वारा 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं समय सीमा के भीतर संपन्न कर ली गई है . परीक्षा संपन्न हो जाने के बाद 16 मार्च से बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन सुनिश्चित कराया जा रहा है. राजनांदगांव जिला मुख्यालय स्थित स्टेट हायर सेकेंडरी स्कूल मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है. जहां पर सुरक्षा व्यवस्था के बीच बोर्ड की कॉपियां जांची जा रही है. प्रथम चरण में बोर्ड द्वारा 61000 कॉपियां भेजी गई थी जिसका मूल्यांकन पूर्ण हो जाने के बाद दूसरे चरण में उपलब्ध कराई गई 30000 उत्तर पुस्तिकाओं का भी मूल्यांकन शुरू कर दिया गया है.
स्कूल प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक, अब तक 90 हजार से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकित की जा चुकी है. 6 अप्रैल तक मूल्यांकन का कार्य पूर्ण कराने का प्रावधान रखा गया है. स्कूल प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन सुनिश्चित कराने के लिए 300 से अधिक अनुभवी शिक्षकों को अधिकृत किया गया है . मूल्यांकन प्रभारी के देखरेख में बोर्ड की कॉपियां मूल्यांकित कराई जा रही है. प्रथम चरण में 61 हजार तथा दूसरे चरण में 30000 पहुंची है उत्तर पुस्तिकाएं स्कूल प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक प्रथम चरण में 61000 तथा दूसरे चरण में 30000 उत्तर पुस्तिकाएं भेजी गई है.
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