डोंगरगढ़। 19 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रि पर्व के लिए मां बम्लेश्वरी का दरबार सज गया है. इस बार नवरात्रि में आस्था और आधुनिक व्यवस्थाओं का अनूठा संगम देखने को मिलेगा. एक ओर जहां 8 हजार से अधिक ज्योति कलशों की रोशनी से पूरा धाम जगमगाएगा, वहीं दूसरी ओर मंदिर परिसर को भगवा थीम और डिजिटल लाइटिंग से भव्य रूप दिया गया है.

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ट्रस्ट द्वारा नीचे स्थित मंदिर को इस बार पूरी तरह भगवा रंग से सजाया गया है. साथ ही करीब 200 आकर्षक मॉडल लगाए गए हैं, जिनमें भगवान की विभिन्न आकृतियां और कलश की मनमोहक झलक श्रद्धालुओं को देखने को मिलेगी. वहीं पहली बार मंदिर परिसर की सभी लाइटों को डिजिटलाइज किया गया है. वार्म लाइट के जरिए ऐसा वातावरण तैयार किया गया है, जो श्रद्धालुओं के मन को मोह लेगा.

मंदिर सज्जों में घंटियों का किया गया विशेष उपयोग

मंदिर सज्जा में इस बार घंटियों का विशेष उपयोग किया जा रहा है. पिछले सात वर्षों से थीम आधारित सजावट कर रहे लाइट विशेषज्ञ विशाल लाइट के अनुसार, घंटियों के माध्यम से सभी मंदिरों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को एक अलग आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा. वहीं, पहली बार लाइट और साउंड सिस्टम के जरिए भक्ति गीतों से परिसर को भक्तिमय बनाने की तैयारी है.

7,500 ज्योति कलश किए जाएंगे प्रज्वलित

इस वर्ष नीचे मंदिर में 901 और पहाड़ी पर स्थित मुख्य मंदिर में लगभग 7,500 ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाएंगे. सभी दीप तेल से जलाए जाएंगे, जिससे पूरे धाम में आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष वातावरण बनेगा. नवरात्रि के नौ दिनों में यहां लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है.

रेलवे ने की श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने भी विशेष व्यवस्था की है. डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, वहीं कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का अस्थायी ठहराव भी यहां दिया गया है. इससे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी.

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सतर्क

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. लगभग एक हजार पुलिस जवानों की तैनाती की जा रही है. मंदिर परिसर, पदयात्री मार्ग, रेलवे स्टेशन और शहर के प्रमुख स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी. पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर क्विक रिस्पांस टीम भी गठित की गई है, जो आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेगी.

राजा कमलनारायण सिंह ने कराया था निर्माण

करीब 200 वर्ष पुराने इस मंदिर का निर्माण खैरागढ़ रियासत के राजा कमलनारायण सिंह द्वारा कराया गया था. वर्तमान में मंदिर ट्रस्ट द्वारा व्यवस्थाओं का संचालन किया जा रहा है. प्रशासन, पुलिस और ट्रस्ट के संयुक्त प्रयासों से इस बार डोंगरगढ़ नवरात्रि महोत्सव भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित होने जा रहा है. भगवा रंग की सजावट, हजारों ज्योति कलशों की रोशनी और आधुनिक व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं को इस बार एक दिव्य अनुभव देने के लिए तैयार हैं.

खामियां पाए जाने पर 5 अस्पतालों का लायसेंस निरस्त

दुर्ग। जिले के कई निजी अस्पतालों में नर्सिंग होम अधिनियम के नॉर्म्स का पालन नहीं किया जा रहा है. 48 निजी अस्पतालों से मांगा स्पष्टीकरण इसकी शिकायत मिलने पर जिले में संचालित 124 निजी अस्पतालों का भौतिक निरीक्षण किया गया. इनमें से 5 अस्पतालों में खामी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त किया गया है.

अस्पताल नर्सिंग होम अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत तथा आयुष्मान योजना के अंतर्गत एम्पेनल्ड दुर्ग जिले के सभी निजी अस्पतालों का एक माह के भीतर भौतिक निरीक्षण कर यथा निर्धारित चेक लिस्ट अनुसार निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने 4 निरीक्षण टीम का गठन किया गया था. निरीक्षण टीम के प्रतिवेदन के आधार पर 48 निजी अस्पतालों में खामियां पाई गई, जिनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है. इनमें से 5 निजी अस्पतालों का लाइसेंस निरस्त किया गया है.

सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी से मिली जानकारी अनुसार जिले में संचालित 124 निजी अस्पतालों के निरीक्षण उपरांत टीम द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट अनुरूप 48 अस्पतालों में कमी पाई गई, जिसके लिए 48 अस्पतालों को छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी अनुज्ञापन अधिनियम 2010 एवं नियम 2013 के तहत स्पष्टीकरण 30 दिवस के भीतर प्रस्तुत किये जाने हेतु कलेक्टर द्वारा नोटिस जारी किया गया है. प्रत्येक निरीक्षण टीम में स्थानीय नगरीय निकाय, जिला आयुष कार्यालय, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि एवं अन्य सदस्य शामिल थे.

डॉ. दानी के अनुसार अस्पतालों से प्राप्त जवाब की जांच हेतु गठित टीम द्वारा 48 अस्पतालों का पुनः निरीक्षण किया गया. निरीक्षण उपरांत 5 निजी अस्पतालों में पाई गई कमियों की पूर्ति किया जाना नहीं पाया गया, जो छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी अनुज्ञापन अधिनियम 2010 एवं नियम 2013 की अनुसूची 1 का भाग ङ (अस्पताल एवं नर्सिंग होम) में विहित मानकों का स्पष्ट उल्लंघन होना पाया गया.

इन अस्पतालों का लाइसेंस किया निरस्त

सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी ने बताया कि नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन पाये जाने पर 5 निजी अस्पतालों दाऊजी मेमोरियल हॉस्पिटल जामगांव आर पाटन, प्राची हॉस्पिटल, पुलगांव, जीवन ज्योति हॉस्पिटल, वार्ड 5 जामुल भिलाई, आईएमआई. हॉस्पिटल, न्यू खुर्सीपार भिलाई, आर्शीवाद नर्सिंग होम, जी.ई. रोड, भिलाई को नर्सिंग होम एक्ट के तहत प्रदत्त लायसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है.

सेल चेयरमैन के लिए 8 अफसर कतार में

भिलाईनगर। सेल चेयरमैन अमरेन्दु प्रकाश के इस्तीफा देने के चलते नए चेयरमैन के लिए इंटरव्यू 28 मार्च को सुबह 9 बजे से 11 बजे के बीच होगा. कुल 8 अफसर चेयरमैन बनने के लिए कतार में हैं. इनमें आधा दर्जन अफसर सेल के ही हैं. पब्लिक इंटरप्राइजेज सलेक्शन बोर्ड ने सेल चेयरमैन के इंटरव्यू की तारीख और दावेदारों की सूची जारी कर दी है.

सेल चेयरमैन के लिए सेल के डायरेक्टर माइनिंग एंड सीएमडी आरआईएनएल (एडिशनल चार्ज) मनीष राज गुप्ता, डायरेक्टर इंचार्ज राउरकेला स्टील प्लांट, सेल के डायरेक्टर फाइनेंस अशोक कुमार पंडा, सेल के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर माइनिंग डेवलपमेंट बिपिन कुमार गिरी, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर माइंस ओजीओएम, सीएमएलओ, राउरकेला मुन्ना प्रसाद, सेल के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रोजेक्ट अनीश सेनगुप्ता, राइट्स के डायरेक्टर फाइनेंस कृष्ण गोपाल अग्रवाल, साउथ इस्ट सेंट्रल रेल्वे के चीफ सेफ्टी आफिसर अनुप कुमार सतपथी इंटरव्यू देंगे. इंटरव्यू के बाद उसी दिन रिजल्ट डिक्लेयर कर दिया जाएगा.

छापामार कार्रवाई में 599 गैस सिलेण्डर जब्त

दुर्ग। घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति एवं वितरण को निर्बाध रूप से बनाये रखने के लिए जिले में निरंतर छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है. जांच के क्रम में ग्राम पंचायत रसमड़ा के बोरई इंडस्ट्रीयल ग्रोथ सेंटर में स्थित पापुशा गैसेस प्रा. लि. की आकस्मिक जांच जिला खाद्य कार्यालय के अधिकारियों द्वारा की गई. उक्त सेंटर में कान्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड द्वारा 2 विभिन्न ब्रांडों गो गैस एवं गैस प्वाइंट के नाम से गैस सिलेंडरों की सप्लाई डीलर के माध्यम से उपभोक्ताओं को की जाती है. सार्वजनिक वितरण प्रणाली से भिन्न समानांतर विपणन प्रणाली के रूप में पापुशा गैसेस प्रा. लि. तथा कान्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड द्वारा कार्य किया जाना पाया गया.

खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया से मिली जानकारी अनुसार फर्म की जांच में कुल 599 गैस सिलेंडर पाए गए. गैस सिलेंडरों में रिफिलिंग के लिए 03 बुलेट भी पाए गए, जिसमें 2841 कि.ग्रा. एलपीजी भंडारित होना पाया गया. जांच के समय फर्म में विभिन्न सिलेंडरों में पेंटिंग का काम किया जा रहा था तथा सिलेंडरों के नेट वेट, टेयर वेट तथा सिलेंडरों की एक्सपायरी डेट अंकित की जा रही थी. मांगे जाने पर उक्त कार्य से संबंधित कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया. फर्म द्वारा प्रस्तुत स्टाक पंजी तथा भौतिक सत्यापन में अंतर पाया गया.

फर्म के मैनेजर द्वारा जानकारी दी गई कि अतुल रबर को डीलर के रूप में उनके द्वारा सप्लाई की जाती है किन्तु उक्त डीलर वैधता अथवा करार किये जाने आदि के संबंध में कोई भी दस्तावेज नहीं दिया गया. इस प्रकार उक्त फर्म का समानांतर विपणनकर्ता के रूप में कार्य करना पाया गया किन्तु फर्म द्वारा इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई और न ही रेटिंग प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया. फर्म द्वारा कलेक्टर दुर्ग को किसी प्रकार की जानकारी नही दी जा रही है.

इस प्रकार पापुशा गैस प्रा.लि. रसमड़ा तथा कान्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड द्वारा द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण विनियमन) आदेश 2000 की विभिन्न कंडिकाओं जैसे- एलपीजी के विक्रय का अप्राधिकृत कारोबार करने, द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस उपस्करों के कब्जा, कार्यस्थल पर स्टाक और कीमत को प्रदर्शित नही करने, रजिस्टर का सही लेखा नहीं रखने, रेटिंग प्रमाण पत्र प्रस्तुत नही करना आदि का उल्लंघन पाये जाने पर 599 नग गैस सिलेंडर तथा 2841 किग्रा एलपीजी जब्त किया गया.

प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर लगा जुर्माना

भिलाईनगर। औद्योगिक इकाइयों द्वारा फैलाए जा रहे पर्यावरण और भूजल प्रदूषण के खिलाफ आम आदमी पार्टी के नेता जसप्रीत सिंह ने कलेक्टर से शिकायत की थी. छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, भिलाई द्वारा जारी जांच रिपोर्ट अनुसार उल्लंघन करने वाले उद्योगों में 4,80,000 रुपये से अधिक के पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि (जुर्माना ) अधिरोपित की गई है.

मेसर्स आदित्य इंडस्ट्रीज और मेसर्स जय अम्बे इस्पात जैसे उद्योगों को बिना वैध अनुमति के संचालन और प्रदूषण फैलाने के कारण उत्पादन बंद करने तथा बिजली काटने के निर्देश दिए गए थे. वार्डों में भूजल की जांच जसप्रीत सिंह की शिकायत पर वार्ड 41, 42, 43, 44, 45 और 46 में स्थापित ट्यूबवेल्स और हैंडपंपों के जल नमूनों की जांच की गई. पीएच मान की जांच और रासायनिक विश्लेषण के बाद वतर्मान में इन वार्डों की स्थिति सामान्य पाई गई है.

इन उद्योगों में हुई कार्रवाई

मेसर्स जय अम्बे इस्पात उद्योग में उत्पादन बंद करने और बिजली काटने का निर्देश.
मेसर्स कोलकेम में 60,000 रुपए का जुर्माना.
मेसर्स हरियाणा रोलिंग मिल्स में 20,000 रुपए का जुर्माना .
मेसर्स ओम साईं इंडस्ट्रीज में 60,000 रुपए का जुर्माना .
मेसर्स श्री महावीर इस्पात और मेसर्स श्याम ट्रेडलिंक में 40,000-40,000 रुपये का जुर्माना . अन्य 05 इकाइयाँ में कुल 2,60,000 रुपए का सामूहिक जुर्माना .

शंकर नाला के गंदे पानी को रोकने उरला में बनेगा ट्रीटमेंट प्लांट

दुर्ग। निगम द्वारा शहर की जीवनदायिनी शिवनाथ नदी को प्रदूषण से बचाने एक बड़ी पहल की जा रही है. इसके तहत शंकर नाला एवं पुलगांव नाला के गंदे पानी का शुद्धिकरण कर उसे नदी में छोड़े जाने के लिए उरला क्षेत्र में अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण किया जाएगा.

इसी क्रम में महापौर अलका बाघमार ने उरला स्थित प्रस्तावित निर्माण स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि यह नगर निगम की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका जल्द ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा भूमिपूजन किया जाएगा, इसलिए सभी आवश्यक तैयारियां शीघ्र प्रारंभ की जाएं. निरीक्षण के दौरान महापौर ने जल कार्य विभाग प्रभारी लीना दिनेश देवांगन एवं लोक कर्म विभाग प्रभारी देवनारायण चंद्राकर, पार्षद रेशमा सोनकर, सरस निर्मलकर, भवन अधिकारी प्रकाशचंद थवानी, उपअभियंता मोहित मरकाम के साथ शंकर नाला के अंतिम छोर उरला अटल आवास के पीछे शिवनाथ नदी और नाला संगम स्थल का जायजा लिया.

लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस प्रोजेक्ट स्थल पर उन्होंने अधिकारियों को भूमि की सुरक्षा, सीमांकन (मार्किंग) एवं अन्य प्रारंभिक व्यवस्थाएं जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए. नगर निगम प्रशासन द्वारा विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूर्ण करते हुए टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाई गई, जिसके बाद राज्य शासन की स्वीकृति मिलने पर चेन्नई की एक कंपनी को लगभग 129 करोड़ रुपए की लागत से कार्य का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है.

रेल्वे स्टेशन रोड सौंदर्यीकरण के लिए निगम ने हटाया अतिक्रमण

राजनांदगांव। शहर को साफ, सुंदर एवं व्यवस्थित रखने अतिक्रमण मुक्त करने एवं सुगम आवागमन के लिए नगर निगम द्वारा शहर में निरीक्षण कर अवैध रूप से कब्जा करने तथा अतिक्रमण कर ठेला खोमचा व पसरा लगाने, नाली के उपर अतिक्रमण करने तथा मलमा रखने वालो को स्वयं अतिक्रमण हटाने समझाईस देने व हटाने निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा द्वारा गठित दस्ता शहर में सुनियोजित अभियान चलाकर कार्यवाही कर रही है.

कार्यवाही में स्टेशन रोड सौदर्यीकरण के लिए अभियान चलाकर चबूतरा, शेड, जेसीबी से तोड ठेला गुमटी हटाया गया. आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए शहर को स्वच्छ, साफ एवं सुंदर रखने तथा सौदर्यीकरण करने निगम का अतिक्रमण दस्ता शहर के विभिन्न स्थानों में निरीक्षण कर एवं शिकायत के आधार पर अतिक्रमण स्थल मे जाकर हटाने समझाइस देने के साथ साथ नही हटाने पर कार्यवाही कर रही है.

इसी कड़ी में मंगलवार को रेल्वे स्टेशन रोड मे सौदर्यीकरण के लिए अतिक्रमण हटाव अभियान चलाया गया. अभियान में अतिरिक्त निर्माण, प्लेटफार्म व शेड जेसीबी से तोडा गया, वही ठेला, खोमचा हटाने की कार्यवाही की गयी. उल्लेखनीय है कि स्टेशन रोड का स्वागत द्वार एवं डिवाईडर पुरानी होने से खराब स्थिति में आ गयी है. जिसका जीर्णोद्धार कर सौदर्यीकरण महापौर श्री मधुसूदन यादव के पहल पर नगर निगम द्वारा किया जा रहा है. सौदर्यीकरण के तहत स्वागत द्वार में मारबल आदि लगाया जायेगा, इसी प्रकार डिवाईडर का मरम्मत कर आकर्षक लाइटें लगाई जा रही है. इसके अलावा रोड में डामरीकरण किया जाना है.

ड्रेन टू ड्रेन डामरीकरण के लिए स्टेशन रोड में अतिरिक्त शेड, चबूतरा निर्माण आदि तोड ठेला खोमचा हटाया गया. इस दौरान निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा स्वयं उपस्थित रहकर स्टेशन रोड के व्यापारियो से सहयोग करने समझाईस दिये. अतिक्रमण हटाने के दोरान कार्यपालन अभियंता दीपक खाण्डे, उप अभियंता मोनेन्द्र साठिया, सह. उद्यान प्रभारी दिलीप गिरी, समयपाल श्री चिराग मेश्राम, प्र. पटवारी श्री मिलिन्द रेड्डी व गणेश झा दस्ता के साथ अतिक्रमण हटाने में लगे रहे.

चारागाह की जमीन पर मल्टीप्लेक्स का अवैध निर्माण

राजनांदगांव। नंदई – मोहारा रोड स्थित चारागाह की जमीन पर मल्टीप्लेक्स के निर्माण का अजीबोगरीब मामला सामने आया है. इसी सप्ताह इसके उद्घाटन की तैयारी की जा रही है. एसडीएम द्वारा की गई जांच में खामियां पाई गई है. टाउन प्लानिंग एवं नगर निगम ने नियमो के विपरीत जाकर अनुज्ञा दी है. और अब इस मामले में यहां के अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता दमयंती मंडल अधिवक्ता रायपुर निर्देश प्रस्तुत की शिकायत पर कमिश्नर दुर्ग के पर एसडीएम राजनांदगांव के द्वारा जांच प्रतिवेदन प्रक्रियागत त्रुटियां है. जांच के दौरान महत्वपूर्ण तथ्यों अभिलेख पर समुचित विचार नहीं किया गया जिसके कारण निष्कर्ष गलत एवं पक्षकार के लिए अन्यायपूर्ण है.

एसडीएम के प्रतिवेदन में कहा गया है कि नंदई मोहरा मार्ग की चौड़ाई 30 मी निर्दिष्ट है. जबकि तत्कालीन उप संचालक नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा मार्ग की चौड़ाई 45 मी दर्शाते हुए अनुज्ञा जारी की गई है जिसका अधिकार उन्हें प्राप्त नहीं है.

तत्कालीन उपसंचालक नगर तथा ग्राम निवेश राजनांदगांव द्वारा स्वयं ही राज्य सरकार की शक्तियों की अवधारणा करते हुए विकास योजना के मार्ग की चौड़ाई में हेर फेर करते हुए मल्टीप्लेक्स हेतु त्रुटि पूर्ण विकास अनुज्ञा जारी कर दी गई जो अनुचित है. ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि मल्टीप्लेक्स के स्वामी को उपयोग हेतु जो भूमि प्रदान की गई है वह वैधानिक है. पहुंच मार्ग उपलब्ध न होने के बावजूद भी अनुज्ञा प्रदान कर दी गई है.