दुर्ग। दुर्ग शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सड़क चौड़ीकरण के दो बड़े कार्यों के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। महापौर अल्का बाघमार ने कहा कि ये दोनों कार्य मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधान में शामिल हैं, जिनसे शहर के यातायात और विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उरला मुख्य मार्ग से प्रस्तावित एस.टी.पी. (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) तक सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए कुल 297.04 लाख रुपये (लगभग 2.97 करोड़) की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना में कंसल्टेंसी शुल्क 2.93 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। यह मार्ग शहर के महत्वपूर्ण हिस्सों को जोड़ता है, जिससे इस सड़क के चौड़ीकरण के बाद यातायात का दबाव कम होगा और आवागमन सुगम होगा।

उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी और अधिक व्यापक परियोजना के तहत गुंडरदेही रोड से गौठान, प्रधानमंत्री आवास, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय होते हुए पोटिया चौक तक सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए कुल 363.52 लाख रुपये (लगभग 13.63 करोड़) की प्रशासकीय मंजूरी प्रदान की गई है। इस परियोजना में 12.89 लाख रुपये कंसल्टेंसी शुल्क तय किया गया है। यह सड़क कई महत्वपूर्ण आवासीय, शैक्षणिक और सार्वजनिक क्षेत्रों को जोड़ती है, जिससे इसके उन्नयन से बड़ी आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य स्वीकृत बजट और तकनीकी स्वीकृति के अनुरूप ही किया जाएगा। प्राक्कलन में किसी भी प्रकार का बड़ा परिवर्तन बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि निविदा (टेंडर) प्रक्रिया पूरी तरह नियमानुसार, पारदर्शिता के साथ और विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी की जाएगी निर्माण कार्य केवल स्वीकृत डी. पी. आर. नक्शे और लेआउट के अनुसार ही किया जाएगा। गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए तय समयसीमा में कार्य पूर्ण करना अनिवार्य होगा।

केन्द्रीय विद्यालय में छात्रों के लिए प्रवेश खुला

दुर्ग। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय दुर्ग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कुछ कक्षाओं में सीमित रिक्तियों की घोषणा की गई है। विद्यालय प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार कक्षा तीसरी एवं कक्षा बारहवीं (विज्ञान, वाणिज्य एवं कला संकाय) में प्रवेश हेतु सीटें उपलब्ध हैं। जारी विवरण के अनुसार रिक्तियों का विवरण निम्नानुसार है: कक्षा तीसरी – 01 सीट, कक्षा बारहवीं (विज्ञान) – 10 सीटें, कक्षा बारहवीं (वाणिज्य) – 20 सीटें, कक्षा बारहवीं (कला) – 13 सीटें। इन कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया ऑफलाइन माध्यम से संचालित की जाएगी। इच्छुक अभिभावक एवं अभ्यर्थी 2 अप्रैल से 8 अप्रैल तक विद्यालयीन समय (प्रातः 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक) में विद्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। विद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश प्रक्रिया में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।

कूलर, डिस्प्ले बोर्ड रखकर बाजारों के सड़कों पर अतिक्रमण

दुर्ग। इंदिरा मार्केट जैसे प्रमुख बाजार के सड़कों पर अतिक्रमण की भरमार है। यहां कूलर, डिस्प्ले बोर्ड रखकर सड़कों पर अतिक्रमण करना आम है। निगम द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने से इनके हौसले बुलंद हो जाते हैं। परेशानी बाजार पहुंचे लोगों को उठानी पड़ती है। अब निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल के निर्देशानुसार निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत शहर के प्रमुख बाजारों में अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में इंदिरा मार्केट, पटवा लाइन सहित अन्य प्रमुख बाजार क्षेत्रों में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। अतिक्रमण अधिकारी परमेश्वर कुमार के नेतृत्व में निगम की अतिक्रमण टीम द्वारा बाजार क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान अनेक दुकानदारों द्वारा अपने दुकान का सामान दुकान के बाहर नाली के ऊपर एवं सड़कों पर अव्यवस्थित रूप से रखे जाने की स्थिति पाई गई, जिससे आम नागरिकों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही थी।

निगम प्रशासन द्वारा सभी संबंधित दुकानदारों को सख्त चेतावनी देते हुए निर्देशित किया गया कि वे अपना समस्त सामान अपने-अपने दुकानों के अंदर ही रखें तथा किसी भी प्रकार से सड़क, नाली अथवा सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण न करें। साथ ही दुकान के बाहर अनधिकृत रूप से साइन बोर्ड लगाने पर भी प्रतिबंध लगाने की बात कही गई।

अतिक्रमण अधिकारी ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि आगामी निरीक्षण के दौरान किसी भी दुकान का सामान सड़क या नाली पर रखा हुआ पाया जाता है, तो संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध जब्ती की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम दुर्ग द्वारा यह अभियान शहर में सुगम यातायात, स्वच्छता व्यवस्था एवं आमजन की सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लगातार जारी रहेगा।

लाइसेंस में आवास लेने बीएसपी अफसरों को 10 लाख करना होगा जमा

भिलाईनगर। ई. क्यू. – 1 ( केवल सी 3 टाइप) / एन क्यू-4 (रूआबांधा सेक्टर) के चिन्हित एवं सूचीबद्ध आवास लायसेंस योजना के तहत 11 माह की अवधि के लिए एक बार आवंटन के लिए नगर सेवाएं विभाग ने आवेदन आमंत्रित किया है।

सुरक्षा निधि के रूप में सी -3 टाइप के लिए 10 लाख रु. एवं एनक्यू-4 श्रेणी रुआंबांधा सेक्टर के लिए 8 लाख रु. सहित 11 माह की किराया राशि एडवांस में जमा करनी होगी। अफसरों को 3600 रु. और कर्मियों को 1800 रु. प्रतिमाह किराया देना होगा। ज्ञात हो कि लाइसेंस योजना के तहत अफसरों कोसी 3 टाइप और कर्मियों को एनक्यू-4 श्रेणी के आवास आवंटित किए जाएंगे।

खास बात यह है कि इन आवासों का रिनोवेशन करने के लिए मैनेजमेंट सहमत है। कारण, विगत वर्ष इस योजना को लांच किए जाने पर बहुत अच्छा रिस्पांस नहीं मिला था। अब चूंकि इन आवासों का रिनोवेशन किया जाना प्रस्तावित है और रिटेंशन स्कीम बंद कर दी गई है इसलिए इस बार लाइसेंस योजना को अच्छा रिस्पांस मिलने की संभावना है।

पहले आओ पहले पाओ

योजना के लिए प्रस्तावित आवास पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवंटित किया जाएगा। किसी एक आवास के विरूद्ध दो या अधिक आवेदन एक साथ प्राप्त होने पर लाटरी के माध्यम से चयन कर आबंटन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यह लाटरी नगर सेवाएं विभाग के महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी के माध्यम से होगा। ऐसे कार्यपालक / गैर कार्यपालक जिनके स्वयं या पति/पत्नी के नाम पर भिलाई इस्पात संयंत्र के 20 किलोमीटर की परिधि क्षेत्र में आवास आबंटित है इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे एवं सभी आवेदकों को तत्संबंधी एक शपथपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। आवास आबंटी को निर्धारित प्रपत्र के अनुसार (रू.50/- का नॉन ज्यूडिशियल स्टैंप पेपर) पर अनुबंध पत्र जमा करना होगा।

सुरक्षा निधि पर ब्याज नहीं मिलेगा

प्रबंधन द्वारा सुरक्षानिधि पर किसी भी प्रकार का ब्याज देय नहीं होगा। आवास रिक्त करने के पश्चात आवेदन देकर सुरक्षा निधि प्राप्त की जा सकती है। बिलों के भुगतान या अन्य राशि लंबित होने की दशा में बकाया राशि के समायोजन के पश्चात ही शेष राशि लौटाई जाएगी। विस्तृत जानकारी के लिए नगर सेवा विभाग के हाउसिंग लाइसेंस सेल से संपर्क किया जा सकता है।

फर्जी दस्तावेजों के जरिए आरटीई के तहत प्रवेशित 23 बच्चों का एडमिशन निरस्त

दुर्ग। फर्जी दस्तावेजों के जरिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेशित 23 बच्चों का एडमिशन निरस्त कर दिया गया है। ये वे बच्चे हैं, जिनका एडमिशन आरटीई के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में निजी स्कूलों के केजी -1 में हुआ था। इनमें सर्वाधिक 9 बच्चे डीपीएस रिसाली के हैं। बताया जा रहा है कि एडमिशन को लेकर शिकायत हुई थी। यह शिकायत संबंधित नगरीय निकाय तथा संयुक्त संचालक कार्यालय शिक्षा संभाग दुर्ग को गई थी। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा के मार्गदर्शन में जांच कराई गई। जांच के बाद 19 मार्च को इन सभी 23 बच्चों के एडमिशन को निरस्त करने का निर्णय लिया गया। वहीं 18 बच्चों के दस्तावेज सही पाए गए। इनको लेकर की गई शिकायत निराधार पाई गई।

दुर्ग जिले के बड़े जिी स्कूलों में एडमिशन के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। यहां तक कि एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेजों में छेड़छाड़ करने से नहीं चूकते। हो सकता है कि फर्जी दस्तावेज बनाने कोई गिरोह सक्रिय हो । तभी तो बीपीएल राशन कार्ड फर्जी होने के कई मामले सामने आए हैं। इस वजह से बच्चों का एडमिशन भी निरस्त हुआ है। सबसे बड़ी परेशानी उन बच्चों का है, जो साल भर की पढ़ाई कर लिए रहते हैं। उसके बाद उन्हें उस स्कूल से बेदखल किया जाता है। हालांकि जिला शिक्षा विभाग ऐसे बच्चों को स्वामी आत्मानंद तथा अनुदान प्राप्त स्कूलों में प्रवेश के लिए अवसर प्रदान करता है, ताकि बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो। उनकी शिक्षा को जारी रखने विभाग हरसंभव प्रयास करता है।

पूर्व में 22 बच्चों का प्रवेश रिजेक्ट

जिला शिक्षा विभाग द्वारा पिछले वर्ष दिसंबर माह में 13 बच्चों का एडमिशन रिजेक्ट किया गया था। इस आशय का आदेश 2 दिसंबर 2025 को जारी किया गया। इन 13 बच्चों में सर्वाधिक 5 बच्चे माइलस्टोन स्कूल के थे। शेष बच्चों में शंकराचार्य स्कूल हुडको 4, केपीएस नेहरूनगर तथा डीएवी हुडको के 2-2 बच्चे शामिल थे। इसके पहले 12 नवंबर 2025 को 9 बच्चों का एडमिशन निरस्त किया गया था। ये सभी माइलस्टोन स्कूल के बताए गए।

दुर्ग जिला अधिवक्ता संघ का चुनाव आज

दुर्ग। जिला अधिवक्ता संघ चुनाव 2026-28 को लेकर चुनाव समिति ने विशेष तैयारी पूरी कर ली है। चुनावी मैदान में उतरे 64 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला आज मतदान पेटी के भीतर बंद हो जाएगा। सभी प्रत्याशी अपने-अपने स्तर पर जोर लगा रहे हैं। कई पदों पर कांटे की टक्कर देखी जा रही है। शनिवार को सुबह 9 से शाम 5 बजे तक अधिवक्ता कक्ष क्रमांक 4 के पीछे खाली मैदान में मतदान होगा।

जिला अधिवक्ता संघ चुनाव को लेकर चुनाव समिति ने तैयारी पूरी कर ली है। सभी मतदाता को मतदान के लिए अपने अधिवक्ता परिचय पत्र को साथ में रखना अनिवार्य किया गया है। अधिवक्ता परिचय पत्र की अनुपलब्धता होने पर मतदान से वंचित किया जा सकता है। सभी मतदाताओं से वन बार वन वोट के लिए घोषणा पत्र भरवाया जाएगा, जिसका कथन होगा कि वह जिला अधिवक्ता संघ दुर्ग के अलावा किसी अन्य अधिवक्ता संघ में पंजीकृत नहीं है और वह सिर्फ जिला अधिवक्ता संघ दुर्ग में मतदान करता है, वहीं जो बार काउंसलिंग ऑफ इंडिया से आयोजित परीक्षा उत्तीर्ण कर जो सदस्य अपना पंजीयन करवा चुका है उसका भी प्रमाण पत्र साथ में रखना आवश्यक होगा।

64 प्रत्याशी आजमायेंगे अपना भाग्य

इस बार चुनाव में 17 पदों पर 64 प्रत्याशी चुनावी मैदान में अपना भाग्य आजमाने उतरे हैं। अध्यक्ष पद पर 8 प्रत्याशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर 7, कनिष्ठ उपाध्यक्ष महिला आरक्षित में 5, महिला प्रत्याशी सचिव पद पर 3, प्रत्याशी सह सचिव पद पर 4 प्रत्याशी, सचिव महिला आरक्षित पद के लिए 3 महिला प्रत्याशी, कोषाध्यक्ष के लिए 4 प्रत्याशी, ग्रंथालय सचिव के पद पर 3 प्रत्याशी, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा सचिव के सामान्य पद पर 2 प्रत्याशी, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा सचिव महिला आरक्षित पद पर 3 महिला प्रत्याशी, कार्यकारिणी सदस्य सामान्य में कुल 18 प्रत्याशी, कार्यकारिणी महिला हेतु आरक्षित पद के लिए 4 महिला प्रत्याशी चुनावी मैदान में है।

अब 850 सफाई कर्मचारियों को मिलेगी पीएफ की राशि

भिलाई नगर। भिलाई नगर निगम में पूर्व सफाई का ठेका लेने वाली कंपनी पीवी रमन ने इपीएफ की राशि लगभग 25 लाख रुपए इपीएफ ऑफिस रायपुर में जमा किया है। उस समय के लगभग 850 प्लेसमेंट कर्मचारी इपीएफ की राशि से अभी तक वंचित हैं। अब इन कर्मचारियों को इपीएफ की राशि के लिए रायपुर में आवेदन करना होगा। लगभग प्रत्येक सफाई कर्मचारी के खाते में 40 से 47 हजार रुपए की राशि का भुगतान भिलाई नगर निगम के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने इपीएफ की राशि के तौर पर रायपुर इपीएफ कार्यालय में जमा कर दिया है।

बीएसपी ने उद्योगों को दिया जाने वाला टेंडर वैल्यू बढ़ाया

भिलाईनगर। भिलाई के एंसिलरी उद्योगों के लिए शुक्रवार का दिन उपलब्धि भरा रहा। बीएसपी प्रबंधन द्वारा एंसिलरी उद्योगों को दिए जाने वाला 7 लाख तक का टेंडर वैल्यू बढ़ाकर 10 लाख कर दिया गया है। साथ ही एंसिलरी पॉलिसी को भी 2 साल के लिए बढ़ा दिया गया है।

बीएसपी एंसिलरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने इसी वर्ष जनवरी माह में स्ट्रक्चरल कमेटी की बैठक में बीएसपी मैनेजमेंट के समक्ष यह मांग रखी थी, जिसे मैनेजमेंट ने पूरा कर दिया है। बीएसपी एंसिलरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रतन दासगुप्ता ने बीएसपी मैनेजमेंट के इस निर्णय पर हर्ष जताते हुए इसे एंसिलरी उद्योगों के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि कहा है। बीएसपी प्रबंधन द्वारा प्रति वर्ष एंसिलरी उद्योगों को दिए जाने वाले टेंडर वैल्यू 7 लाख को बढ़ाने की मांग काफी समय से एसोसिएशन द्वारा की जा रही थी।

इस संबंध में कई बार बीएसपी मैनेजमेंट और एसोसिएशन के बीच बैठक भी हो चुकी थी। मैनेजमेंट द्वारा सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया जा रहा था। दो माह पूर्व जनवरी में बीएसपी स्ट्रक्चरल कमेटी की बैठक में अध्यक्ष दासगुप्ता ने इस मांग को पुरजोर तरीके से रखा। बीएसपी मैनेजमेंट द्वारा आज यह सूचित किया गया कि उनकी यह मांग मान ली गई है और 7 लाख के टेंडर वैल्यू को बढ़ाकर 10 लाख कर दिया गया है। साथ ही एंसिलरी पॉलिसी जो अब तक एक वर्ष के लिए हुआ करती थी उसे भी बढ़ा कर 2 वर्ष के लिए कर दिया गया है।

एंसिलरी अध्यक्ष दासगुप्ता ने इस उपलब्धि के लिए बीएसपी के डायरेक्टर इंचार्ज चित्तरंजन महापात्र, ईडी एमएम अजय चक्रवर्ती, सीजीएम एमएम के.सी. मिश्रा एवं अयान मिश्रा सहित बीएसपी के तमाम अधिकारियों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन, हमेशा हर स्तर पर बीएसपी प्रबंधन को सहयोग करने तत्पर हैं और कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगा। बीएसपी को समय पर कलपुर्जे मिल सके, डिलीवरी एवं क्वालिटी का हम विशेष ध्यान रखेंगे। हम बीएसपी प्रबंधन को भरोसा दिलाते हैं कि हम हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहेंगे।

24 घंटे बाद भी निगम के उद्यान से नहीं हटी मूर्ति

भिलाईनगर। नेहरू नगर के योगा उद्यान में नेहरू नगर के लोगों द्वारा रातों रात हनुमान जी की मूर्ति को स्थापित कर दिया गया। भिलाई निगम और पुलिस प्रशासन ने मूर्ति को हटाने कहा तो संबंधित लोगों ने दूसरे दिन मूर्ति हटाने का आश्वासन दिया। लेकिन आज भी मूर्ति नहीं हटाई गई।

योगेश तिवारी, तिवारी, प्रताप सिंह, सुमन गुप्ता, केतन अरुण यादव, अभिषेक पांडेय, सरस्वती यादव, सौरभ जायसवाल एवं भूपेश तिवारी ने उद्यान के भूमि को खाली किए जाने को लेकर भिलाई नगर निगम को हस्ताक्षर युक्त आवेदन दिया। बावजूद 24 घंटे के पश्चात भी उक्त क्षेत्र से स्वयं द्वारा अतिक्रमण को मुक्त नहीं किया है।

ढाई सौ करोड़ करोड़ की अमृत मिशन योजना के बाद भी टैंकरों के भरोसे है शहर

राजनांदगांव। जिले में भीषण गर्मी शुरू हो जाने के साथ ही आउटर से लगे वार्डों में पानी का संकट गहराने लगा है । अमृत मिशन योजना में करोड़ों रुपए की राशि खर्च कर देने के बाद भी आउटर से लगे वार्डों में पानी का संकट गहरा गया है। नया ढाबा से लेकर आसपास के क्षेत्रों में भी पानी की भारी किल्लत बताई जा रही है। राजनांदगांव जिला मुख्यालय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आउटर से लगे दर्जन भर से अधिक वार्डों में अभी से ही टैंकरों से जलापूर्ति कराने की समस्या उत्पन्न हो गई है। गर्मी की शुरुआती दोनों में ही शुरू हो पानी की खपत में भी काफी तेजी बताई जा रही है।

जर्जर और पुराने हो चुके टैंकरों से ही जलापूर्ति कराए जाने के कारण आधा पानी सड़कों पर ही बह रहा है। तो वही टैंकरों के पहुंचने के साथ ही भारी भीड़ उमड़ रही माने तो राजनांदगांव शहर में प्रतिदिन 4 है। नगर निगम के आधिकारिक सूत्रों की करोड़ लीटर पानी की खपत हो रही है। शहर के दर्जनभर वार्ड अभी से है प्रभावित बताए जा रहे हैं। करोड़ों रुपए की लागत से पाइपलाइन का विस्तार हो जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

जीवनदायनी शिवनाथ नदी में भी पानी की कमी हो जाने के कारण अब अन्य स्रोतों से पानी लिया जा रहा है। वर्तमान में मोखली एनीकट के बाद अब मोगरा बैराज से पानी ले लिया गया है ।

ज्ञात हो कि राजनांदगांव जिला मुख्यालय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 51 वार्ड में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराने मिशन योजना के अंतर्गत पाइप लाइन का के लिए करोड़ों रुपए की लागत से अमृत विस्तार सुनिश्चित कराया गया है। नगर निगम द्वारा प्रतिदिन सुबह और शाम के समय शहर के सभी वार्डों में जलापूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है। 45,000 से अधिक नल कनेक्शन होने के बाद भी शहर के दर्जनभर वार्ड के भीतरी क्षेत्रों में पानी की किल्लत बनी हुई है। विशेष रूप से नया ढाबा पुराना ढाबा, नवागांव, बापूटोला, बीड़ी श्रमिक कॉलोनी, 16 खोली से लेकर कन्हारपुरी, चिखली, शांति नगर, बसंतपुर, लखोली, राजीव नगर, लखोली नंदई क्षेत्र के भीतरी क्षेत्रों में पानी की किल्लत होने के कारण अभी से ही यहां पर टैंकर पहुंचाएं जा रहे हैं। जर्जर और पुराने टैंकर होने के कारण सैकड़ों लीटर पानी सड़कों पर भी बह रहा है।

खास बात यह कि नगर निगम द्वारा पेयजल समस्या का समाधान सुनिश्चित कराने के लिए अमृत मिशन योजना के अंतर्गत बड़े पैमाने पर पाइपलाइन का विस्तार सुनिश्चित कराया गया है। उसके बाद भी पटरी पार क्षेत्र के साथ-साथ आउटर से लगे वार्डों में अभी भी पानी की किल्लत बनी हुई है।

शहर भर में प्रतिदिन दौड़ रहे 45 से 50 टैंकर

नगर निगम के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रभावित क्षेत्र के साथ-साथ मांग करने पर प्रतिदिन 45 से 50 टैंकरों से जलापूर्ति प्रभावित क्षेत्रों में की जा रही है। नगर निगम जल विभाग के प्रभारी यूके रामटेके का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में ही टैंकरों से जलापूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर अधिक से अधिक बड़े टैंकर भी लिए गए हैं।