भिलाईनगर। भिलाई इस्पात संयंत्र के टाउनशिप प्रशासन ने दुकानों एवं आवासों के लंबित विद्युत बिलों की वसूली हेतु विधिसम्मत कार्यवाही प्रारंभ कर दी है. लंबित बकायादारों को 15 दिनों का नोटिस देकर कनेक्शन काटा जा रहा है.
टाउनशिप प्रशासन ने कहा है कि विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 56 के अंतर्गत बिल का भुगतान न करना स्पष्ट उल्लंघन की श्रेणी में आता है. ऐसे में संबंधित दुकानदारों, निवासियों एवं अन्य उपभोक्ताओं को विधिवत नोटिस जारी किए जा रहे हैं. नोटिस जारी होने के 15 दिवस पश्चात भी बकाया राशि का भुगतान न किए जाने की स्थिति में विद्युत आपूर्ति विच्छेदन (डिस्कनेक्शन) की कार्रवाई की जा रही है. यह प्रक्रिया आगे भी निरंतर जारी रहेगी.

विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, बिल का भुगतान न करने की स्थिति में वितरण कंपनी को उपभोक्ताओं की विद्युत आपूर्ति काटने का विधिक अधिकार प्राप्त है. तदनुसार, कुछ प्रमुख दुकानों पर भी कार्रवाई की गई है और उनकी विद्युत आपूर्ति विच्छेद कर दी गई है.
क्या रिटेंशनधारियों पर भी होगी कार्रवाई
इधर बीएसपी की कार्रवाई के चलते अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या आगामी दिनों में रिटेंशनधारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. रिटेंशनधारियों से सांसद विजय बघेल और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडेय ने रेंट जमा नहीं करने की अपील की थी.
हालांकि, उन्हें नगर सेवाएं विभाग बढ़े हुए रेंट के आधार पर बिल भेज रहा है जो कि 24 रु. प्रति वर्गफूट के हिसाब से बहुत भारी पड़ रहा है. लगातार तीन माह से आ रहे भारी भरकम बिल ने रिटेंशनधारियों में बेचैनी बढ़ा दी है. अब तक की स्थिति में बीएसपी मैनेजमेंट ही सांसद, विधायक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व रिटेंशनधारियों पर भारी पड़ता दिख रहा है. तीनों नेता मिलकर भी वह दबाव नहीं बना पाए हैं जिसकी उम्मीद रिटेंशनधारी कर रहे थे.
महाराजा चौक से बोरसी तक बनेगा फोरलेन
दुर्ग। शहर के आउटर क्षेत्रों में आबादी लगातार बढ़ती जा रही है. इस बड़ी आबादी को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने फोरलेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है. दुर्ग शहर के भीतर महाराजा चौक से बोरसी चौक तक फोरलेन बनाया जाएगा. इसके लिए प्रशासकीय तथा तकनीकी स्वीकृति लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रदान की की गई है.
इस सड़क के निर्माण से लोगों को सुरक्षित तथा सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी. यह सड़क दुर्ग शहर के यातायात तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. लोक निर्माण विभाग द्वारा इस पर फोरलेन सड़क निर्माण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति 2396.71 लाख रुपए तथा तकनीकी स्वीकृति 1149.36 लाख रुपए दी गई है. मार्ग निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित किया गया है.
स्कूल शिक्षा मंत्री तथा स्थानीय विधायक गजेंद्र यादव की विशेष पहल से दुर्ग शहर में चारों ओर सड़कों का जाल बिछ रहा है. आउटर क्षेत्र में फोरलेन की सौगात दी जा रही है. शहर के भीतर भी बेहतर क्वालिटी की कनेक्टिंग रोड बनाई जा रही है. दुर्ग शहर के भीतर मिनी माता चौक से महाराजा चौक ठगड़ा डेम तक फोरलेन सड़क निर्माण की प्रकिया शुरू गई है, जिसका भूमिपूजन गुरुवार को होगा. वहीं महाराजा चौक से बोरसी चौक तक 1.8 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनाने की पहल भी शुरू हो चुकी है.
दरअसल महाराजा चौक से बोरसी चौक तक भारी आवागमन बना रहता है. सुबह से लेकर देर रात्रि तक वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है. वर्तमान में सिंगल लेन होने से सड़क संकरी है. इस वजह से ट्रैफिक का बहुत दबाव रहता है. यही वजह है कि इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटना होती रहती है. इसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के विभागीय बजट में महाराजा चौक से बोरसी चौक तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य को शामिल किया गया.
विद्युत पोल शिफ्टिंग के लिए राशि का भुगतान : मार्ग के दोनों तरफ 1.80 मी. लंबाई में एवं 7.00 मी. चौड़ाई में डामरीकरण तथा 1.50 मी. पेवर शोल्डर का प्रावधान है. यूटिलिटि शिफ्टिंग हेतु नगर निगम दुर्ग को राशि 225.86 लाख रुपए की राशि विभाग द्वारा प्रदाय किया जा चुका है. विद्युत पोल शिफ्टिंग हेतु सुपरविजन के लिए बिजली विभाग को राशि 3,83,699 लाख रुपए दिया गया है.
सीमांकन एवं सर्वे कार्य पूर्ण
पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता बी. के. पटोरिया ने बताया कि भू अर्जन हेतु सीमांकन एवं सर्वे कार्य पूर्ण हो चुका है. प्रकरण तैयार करने हेतु भू-अर्जन अधिकारी दुर्ग के स्टाफ द्वारा नक्शा खसरा का मिलान किया जा रहा है. मुआवजा प्रकरण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है. दरअसल इस सड़क के किनारे बसावट के अलावा अतिक्रमण की भरमार है. इसे हटाए जाने की कार्रवाई की जाएगी.
साथी बाजार परियोजना का भूमिपूजन कल
दुर्ग। दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के मध्य स्थित रूआबांधा में लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में “साथी बाजार” परियोजना की स्थापना की जा रही है. यह छत्तीसगढ़ राज्य में केंद्र सरकार की “साथी” परियोजना के अंतर्गत स्थापित होने वाला पहला साथी बाजार होगा. इस परियोजना का भूमिपूजन 20 फरवरी को आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन, पशुधन विकास मंत्री राम विचार नेताम के करकमलों से किया जाएगा.
साथी बाजार परियोजना के लिए ‘छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम, रायपुर’ द्वारा ‘इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर को दुर्ग जिले के रुआबांधा क्षेत्र में 5 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है, जहां इस आधुनिक बाजार का निर्माण किया जाएगा. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना, महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाना तथा केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को एकीकृत कर आमजन को अधिकतम लाभ प्रदान करना है.
साथी बाजार में लगभग 154 प्रकार के उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था होगी, जिसमें दैनिक उपयोग की सभी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध रहेंगी. कई कृषि उत्पादों की ‘प्रोसेसिंग सुविधाएं भी बाजार परिसर में विकसित की जाएंगी. परियोजना के अंतर्गत किसानों को आधुनिक कोल्ड स्टोरेज सुविधा, भंडारण व्यवस्था तथा विपणन के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित हो सकेगा. साथी बाजार, स्थानीय किसानों, महिला समूहों एवं उद्यमियों के लिए एक सशक्त मंच के रूप में विकसित होगा, जो क्षेत्रीय आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
सेक्टर 9 हॉस्पिटल में होगी विशेषज्ञ डाक्टरों की नियुक्ति
भिलाईनगर। बीएसपी मैनेजमेंट ने अपने हास्पिटल में डाक्टरों की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला है . 2 विशेषज्ञ डाक्टरों के अलावा 14 जनरल ड्यूटी मेडिकल अफसरों की भर्ती होगी. इसमें भिलाई के लिए 12 और माइंस के लिए कर सकते हैं. बीएसपी या सेल की दूसरी यूनिटों से रिटायर, दूसरे पीएसयू या सरकारी आफिस से रिटायर हुए डाक्टर या फिर एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करने वाले डाक्टर पात्र हैं. जो वालंटरी रिटारयमेंट के जरिए अलग हो गए हैं, वे अप्लाई नहीं कर सकेंगे.
डाक्टरों की नियुक्ति फिलहाल एक वर्ष के लिए की जा रही है लेकिन कम्पनी अपनी मर्जी से एक साल की अवधि बढ़ा सकती है. लेकिन अधिकतम अवधि 3 वर्ष ही होगी. सेवा अवधि में बढ़ोतरी डाक्टरों के 2 पोस्ट है. यह दरअसल रिटायर हो चुके डाक्टरों के लिए ही है. असल में यह पद रिटायर हो चुके डाक्टरों के लिए ही है. 26 फरवरी को सुबह 9.30 बजे से शाम 5 बजे तक इंटरव्यू रखा गया है. 26 फरवरी तक परफार्मेंस के रिव्यू के आधार पर की जिनकी उम्र 69 वर्ष होगी वह भी अप्लाई जाएगी.
बैलेस्टेड ट्रैक में परिवर्तन कार्य के चलते प्रभावित होंगी कई ट्रेनें
दुर्ग। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के गोंदिया स्टेशन के प्लेटफार्म पर वॉशेबल एप्रन का डिसमेंटलिंग एवं बैलस्टेड ट्रैक में रूपांतरण कार्य किया जाना है. इसको लेकर रेलवे प्रशासन द्वारा ब्लॉक किया जाएगा. इसके चलते दुर्ग से गुजरने वाली कुछ गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा. नागपुर मंडल के अंतर्गत गोंदिया स्टेशन पर वॉशेबल एप्रन को डिस्मेंटलिंग कर उसे बैलेस्टेड ट्रैक में परिवर्तित करने का कार्य 5 अप्रैल से किया जाएगा. इसके चलते 5 अप्रैल से 24 अप्रैल तक कुछ गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा. जिससे दुर्ग से नागपुर एव बिलासपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को भारी गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ेगा.
रेलवे प्रशासन द्वारा दुर्ग स्टेशन से गुजरने वाली गाड़ी संख्या 18030 शालीमार लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस को 4 से 24 अप्रैल तक रद्द किया जा रहा है. गाड़ी संख्या 18029 लोकमान्य तिलक टर्मिनेटर एक्सप्रेस को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 6 से 26 अप्रैल तक रद्द रखा जाएगा. गाड़ी संख्या 18237 कोरबा अमृतसर एक्सप्रेस 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक रद्द रहेगी. 18238 अमृतसर बिलासपुर एक्सप्रेस अमृतसर से 7 से 27 अप्रैल तक रद्द रहेगी. गाड़ी संख्या 12410 हजरत निजामुद्दीन से रायगढ़ तक चलने वाली एक्सप्रेस 2, 4,6, 7, 8, 9, 11, 13, 14, 15, 16, 18, 20, 21 22 अप्रैल को रद्द रहेगी.
रायगढ़ से हजरत निजामुद्दीन की ओर जाने वाली गाड़ी संख्या 12409 रायगढ़ से 4, 6, 8, 9, 10, 11, 13, 15,16,17, 18, 20, 22, 23 24 अप्रैल को रद्द रहेगी. इसी तरह गाड़ी संख्या 12101 लोकमान्य तिलक टर्मिनस शालीमार एक्सप्रेस शालीमार से चलने वाली लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस संख्या 12102 भी रद्द रहेगी. विशाखापट्टनम से हजरत निजामुद्दीन की ओर जाने वाली एक्सप्रेस विशाखापट्टनम से 5, 7, 8, 9, 12, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 22 एवं 23 अप्रैल को रद्द रहेगी. गाड़ी संख्या 12808 निजामुद्दीन विशाखापट्टनम एक्सप्रेस सहित अन्य डेमू पैसेंजर रद्द रहेगी.
फोटो बदलकर जमीन की रजिस्ट्री कराने वाली 2 महिला आरोपी गिरफ्तार
राजनांदगांव। जमीन मामले में धोखाधड़ी कर दो साल से फरार चल रहे दो महिला आरोपियों को बसंतपुर पुलिस ने घेराबंदी कर बोराई, दुर्ग क्षेत्र से गिरफ्तार किया है.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी द्वारा 10 अगस्त 2024 को थाना बसंतपुर में लिखित शिकायत प्रस्तुत कर बताया गया कि उसकी माता एवं अन्य महिला के नाम दर्ज ग्राम कातुलबोर्ड स्थित खसरा नंबर 48 / 1 रकबा 1.10 डिसमिल भूमि को आरोपी प्रताप मजूमदार एवं अन्य सहआरोपियों द्वारा कूटरचित पावर ऑफ अटॉर्नी 10 अगस्त 2023 तैयार कर विभिन्न व्यक्तियों को विक्रय कर धोखाधड़ी की गई है.
शिकायत पर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 357/2024 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 34 भादवि के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया. विवेचना के दौरान पूर्व में आरोपी प्रताप मजूमदार, हेमंत सेन एवं केशव देवांगन को गिरफ्तार कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका था, जिसके साथ अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी थी.
बसंतपुर थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपियों की लगातार पतासाजी की जा रही थी. मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में घेराबंदी कर 2 फरार महिला आरोपियों बोराई, दुर्ग क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया.
दोनों महिला आरोपी दुर्ग के रहने वाले
पूछताछ में आरोपियों ने मुख्य आरोपी प्रताप मजूमदार के कहने पर पंजीयन कार्यालय में विक्रय पत्र हेतु अन्य महिला के नाम के स्थान पर स्वयं का फोटो लगाकर भूमि विक्रय में धोखाधड़ी करना स्वीकार किया. दोनों महिला आरोपियों रुक्मणी मजूमदार पति प्रताप मजूमदार (38 साल) एवं सरोज निर्मलकर पिता गणेश निर्मलकर (40 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया है.
जिला अस्पताल में स्किन, ईएनटी और स्त्री रोग के डॉक्टर नहीं
राजनांदगांव। जिला अस्पताल में भले ही करोड़ों रूपए बिल्डिंग में खर्च कर दिए गए हैं. लेकिन अत्याधुनिक इलाज की सुविधा प्रदान करने के लिए यहां डाक्टर ही नहीं है. यहां मामूली बीमारियों से पीड़ित मरीजों के इलाज करने ही डाक्टर नहीं है. जिसमें स्त्री रोग, निश्चेतना बीमारियों के डाक्टर नही है, वहीं स्किन के इलाज और नाक, कान व गला के इलाज के लिए मरीजों को अच्छी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
जिला अस्पताल में स्पेशलिस्ट डाक्टरों के आलावा भारी भरकम नर्सों की कमी लंबे समय से बनी हुई है. जिसके चलते सीधा खामियाजा मरीजों को उठानी पड़ रही है. हालांकि, जिला अस्पताल में लंबे समय से नर्सों की भर्ती की मांग और स्पेशलिस्ट डाक्टरों की मांग उठती रही है. लेकिन स्वीकृत पदों के अनुसार भर्ती नही होने के कारण मरीजों के इलाज पर सीधा असर पड़ रहा है. जिला अस्पताल में रोजाना पांच सौ मरीज ओपीडी में पहुंच है. जिसमे ज्यादातर गंभीर बीमार के मरीज आते है. ऐसे में डाक्टर की कमी के चलते या तो मरीजों को निजी अस्पताल का रूख करना पड़ता है या भर्ती मरीजों को रिफर करने जैसी स्थिति निर्मित हो रही है.
बाहर से आ रहे निश्चेतना के डाक्टर
जिला अस्पताल में सबसे बड़ी विडंबना यह है कि आपरेशन के पहले मरीजों को बेहोशी का इंजेक्शन देने वाले विशेषज्ञ की कमी बनी हुई हैं. इसके लिए बाहर से डाक्टर आते हैं. जिला अस्पताल में स्कीन डाक्टर की भी मांग बनी हुई है. इसके अलावा ईएनटी व न्यूरो सर्जन की भी कमी होने से मरीज निजी अस्पताल का रूख करने मजबूर हो रहे है.
स्त्री रोग विशेषज्ञ के दो पद खाली
इसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ के तीन पद स्वीकृत है, जिसमें सिर्फ एक ही डाक्टर कार्यरत है. इसी तरह निश्चेतना (आपरेशन से पहले बेहोशी का इंजेक्शन) रोग विशेषज्ञ के तीन पद में एक भी पदस्थ नही है. सर्जरी इन बीमारियों के इलाज के विशेषज्ञ के दो पदों में एक भी स्पेशलिस्ट लिए डाक्टर नहीं नही है. हड्डी रोज के स्वीकृत एक पद में एक भी नही है. पैथालाजिस्ट के दो पदों में एक पद रिक्त है. नाक, कान व गला के एक पद में एक भी डाक्टर नही है. वहीं चर्मरोग के एक पद में भी डाक्टर नही है. वही चिकित्सा अधिकारी के 16 पद में सिर्फ 13 ही कार्यरत है.
स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वाय भी नहीं
जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स के 81 पदों में सिर्फ 69 पदस्थ है, वहीं पद रिक्त है. इसी तरह वार्ड ब्वाय के 14 पद में दस कार्यरत है. वार्ड ब्वाय की कमी के कारण मरीजों को स्ट्रेचर वार्ड तक ले जाने की नौबत आती है. इसके आलावा ओटी अटेंडेंट, आया, ड्रेसर, लैब असिस्टेंट, सहायक ग्रेड तीन, ओटी टैक्नीशियन जैसे जरूरी पदों में कर्मचारियों की कमी बनी हुई है. इस तरह जिला अस्पताल में कुल 203 पदों में सिर्फ 150 कार्यरत है. जबकि 53 पदों में भर्ती नही होने से परेशानी बनी हुई है. जिसमें डाक्टर और कर्मचारी दोनो शामिल है.
नाबालिग श्रमिक की मौत पर कारखाना मालिक को सजा
राजनांदगांव। कारखाना प्रबंधन की लापरवाही से किशोर की मौत पर श्रम न्यायाधीश ने कारखाना मालिक श्रवण कुमार चंद्रवंशी को कुल 16 माह के कारवास तथा 2 लाख 80 हजार रुपए के दंड से दंडित किया गया है. राजनांदगांव श्रम न्यायाधीश अमित जिंदल ने यह फैसला कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 92 के तहत सुनाया है.
जानकारी के अनुसार, श्रवण कुमार चंद्रवंशी जो कि श्रवण गुड़ उद्योग, ग्राम मंझोली, थाना पांडातराई, तहसील पंडरिया, जिला कबीरधाम का मालिक था. उसके कारखाने में 17 फरवरी 2024 को 17 वर्षीय मनोज कुमार की मृत्यु हुई. थी, जिसके संबंध में अभियुक्त श्रवण कुमार चंद्रवंशी द्वारा बिना लायसेंस के कारखाना चलाया जाना, कार्यरत कामगारों के खतरों एवं जोखिमों के संबंध में जानकारी एवं उनसे बचाव हेतु सुरक्षा संबंधी निर्देश एवं प्रशिक्षण प्रदाय नहीं करना, गन्ना क्रेशिंग मशीन के गतिमान हिस्सों को सुरक्षा आवरण नहीं लगाना, कामगार मनोज कुमार की फिटनेस के संबंध में योग्यता प्रमाण पत्र प्राप्त किये बिना, उक्त संबंध में सूचना के प्रदर्शन बिना, पंजी संधारण के बिना, कामगार मनोज कुमार से कार्य कराने से उसकी मृत्यु होने, मनोज कुमार की प्राणांतक दुर्घटना की सूचना नहीं भेजने, उसके नियोजन, वेतन भुगतान, उपस्थिति पंजी पेश नहीं करने पर श्रम न्यायाधीश जेल के साथ-साथ आर्थिक जुर्माना भी लगाया है.
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