अभिषेक सेमर, तखतपुर। जनपद पंचायत तखतपुर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की शह पर कर्मचारियों की मनमानी एक बार फिर उस समय उजागर हो गई, जब जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार ने जनपद कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

निरीक्षण के समय अधिकांश कर्मचारी अपने-अपने टेबल पर उपस्थित मिले और कार्य करते नजर आए, लेकिन जब बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली की जांच की गई, तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई।

आधे से अधिक कर्मचारियों की बायोमैट्रिक में एंट्री ही नहीं

जनपद अध्यक्ष द्वारा पूछे जाने पर बताया गया कि कार्यालय में बायोमैट्रिक मशीन चालू है और उसी के माध्यम से अटेंडेंस दर्ज किया जाता है। लेकिन जब यह पूछा गया कि क्या सभी कर्मचारियों का डेटा एंट्री बायोमैट्रिक मशीन में की गई है, तो जानकारी दी गई कि केवल आधे कर्मचारियों की ही एंट्री हुई है, शेष कर्मचारियों का अटेंडेंस बायोमैट्रिक में दर्ज ही नहीं होता।

इस पर जनपद अध्यक्ष ने सवाल किया कि फिर कर्मचारियों का वेतन किस आधार पर तैयार किया जाता है? क्या बायोमैट्रिक अटेंडेंस के आधार पर या मैन्युअल हस्ताक्षर वाले उपस्थिति रजिस्टर के अनुसार? जिसका जवाब और भी चौंकाने वाला रहा। उन्हें बताया गया कि न तो बायोमैट्रिक अटेंडेंस के आधार पर और न ही मैन्युअल उपस्थिति रजिस्टर के अनुसार वेतन पत्रक तैयार किया जाता है, बल्कि सीईओ के निर्देश के अनुसार उपस्थिति और वेतन पत्रक बनाकर वेतन आहरण किया जाता है।

जनपद अध्यक्ष ने जताई नाराजगी

इस पर जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह पूरी तरह गलत प्रक्रिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपस्थिति रजिस्टर या बायोमैट्रिक अटेंडेंस के आधार पर ही वेतन पत्रक तैयार होना चाहिए और उसी के अनुसार भुगतान किया जाना चाहिए।

मनरेगा शाखा में तकनीकी सहायक मिले अनुपस्थित

इसके पश्चात जनपद अध्यक्ष ने मनरेगा शाखा का निरीक्षण किया, जहां आधे से अधिक तकनीकी सहायक अनुपस्थित पाए गए। जब उपस्थिति रजिस्टर की जांच की गई तो सामने आया कि अनेक तकनीकी सहायकों के पिछले दो दिनों के हस्ताक्षर रजिस्टर में दर्ज नहीं थे।

इस संबंध में बताया गया कि 1 तारीख को व्यस्तता के कारण विजिट रजिस्टर में एंट्री नहीं हो सकी, जबकि 2 तारीख की एंट्री अभी शेष है। इस पर जनपद अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि जो भी कर्मचारी विजिट पर जाते हैं, उन्हें पहले मुख्यालय में उपस्थिति दर्ज करनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट रहे कि कौन कर्मचारी कहां है और कार्यालय में उपस्थित हुआ है या नहीं। इसके बाद जनपद अध्यक्ष ने अनुपस्थित तकनीकी सहायकों को उपस्थिति रजिस्टर में अनुपस्थित दर्ज करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर के आदेश की अवहेलना!

जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार ने बताया कि कलेक्टर महोदय के स्पष्ट आदेश हैं कि 1 जनवरी से सभी शासकीय कार्यालयों में बायोमैट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य है। इसके बावजूद जनपद पंचायत तखतपुर में तीन महीने पहले बायोमैट्रिक मशीन लगने के बाद भी आधे से अधिक कर्मचारियों की एंट्री नहीं की गई, जिससे उनकी उपस्थिति दर्ज ही नहीं हो पा रही है।

उन्होंने कहा कि यह स्थिति लापरवाही है या जानबूझकर की गई मनमानी, यह जांच का विषय है, लेकिन यह तथ्य सामने आया है कि वेतन भुगतान उपस्थिति के आधार पर नहीं, बल्कि सीईओ के निर्देश पर किया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है।

जनपद सदस्यों ने भी उठाए सवाल

निरीक्षण के दौरान मौजूद जनपद सदस्य मनहरण कौशिक ने कहा कि बायोमैट्रिक मशीन लगने के बावजूद कर्मचारियों का वेतन सीईओ के निर्देश पर दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे जनप्रतिनिधियों के सम्मान को ठेस पहुंचती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

जनपद सदस्य रामकुमार सिंगरौली ने कहा कि जनपद पंचायत तखतपुर में सीईओ की मनमानी चरम पर है। जब मन होता है तब कार्यालय आते हैं और जब नहीं चाहते तो अनुपस्थित रहते हैं। आधे से अधिक कर्मचारियों की बायोमैट्रिक एंट्री न होना सीईओ की घोर लापरवाही को दर्शाता है। वहीं जनपद सदस्य ऋषभ कश्यप ने कहा कि जनपद के सीईओ तानाशाही रवैया अपनाए हुए हैं, जिससे आम जनता की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने शासन से मांग की कि ऐसे सीईओ को तत्काल हटाकर किसी ईमानदार, नियमों का पालन करने वाले और समय के पाबंद अधिकारी की नियुक्ति की जाए।

निरीक्षण के दौरान ये रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार के साथ जनपद सदस्य मनहरण कौशिक, रामकुमार सिंगरौल एवं ऋषभ कश्यप उपस्थित रहे।