अतीश दीपंकर, भागलपुर। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार द्वारा शुरू किया गया भूमि सुधार जनकल्याण संवाद अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता की भूमि से जुड़ी समस्याओं के समाधान का सशक्त मंच बनता जा रहा है।यह बातें आज सोमवार को उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने भागलपुर के टाउन हॉल मे भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम के उद्घाटन दीप जलाते हुए कही। उन्होंने कहा कि, इस संवाद का उद्देश्य केवल भाषण देना नहीं, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं को सुनना, समझना और उनका नियम सम्मत समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करना है।

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि, भूमि सुधार और भूमि विवाद अत्यंत जटिल विषय हैं, जिनमें विधिक प्रावधानों के साथ जमीनी वास्तविकताओं की गहरी समझ आवश्यक है। इसी सोच के साथ विभाग ने अपने कार्यकाल के पहले 100 दिनों में प्रमंडलवार और जिलावार जनसंवाद का निर्णय लिया है, ताकि वास्तविक फीडबैक के आधार पर पारदर्शी, जनसुविधा आधारित और स्थायी नीतियां बनाई जा सकें।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि, विभाग की सभी सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन हैं। आम लोगों को इन सेवाओं का लाभ आसानी से मिले, इसके लिए 12 दिसंबर से पटना से जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई। ऑनलाइन आवेदन करने में आमलोगों को हो रही कठिनाइयों को देखते हुए प्रत्येक अंचल कार्यालय में सीएससी सेंटर खोले गए हैं, जहां कंप्यूटर प्रशिक्षित वीएलई तय मामूली शुल्क पर आवेदन के साथ उचित परामर्श भी देंगे।

कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जहां बीमारी ज्यादा होती है, वहां भीड़ भी बढ़ती है। हंगामा समाधान नहीं है, शांतिपूर्ण संवाद से ही रास्ता निकलता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि, फर्जी कागजात के आधार पर कार्यों में बाधा डालने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को ऐसे तत्वों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का अधिकार दे दिया गया है। इस अधिकार का सही दिशा में उपयोग कर सही कार्य में बाधा डालने वाले माफिया तत्वों को जेल के अंदर भेजें।

उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि, इस संवाद के उद्देश्यों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए पटना के ज्ञान भवन में राज्य के सभी 38 जिलों के अपर समाहर्ता (राजस्व), भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचल अधिकारियों की भूमि सुधार जनकल्याण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें उन्हें जनता की परेशानियों के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।

उन्होंने कहा कि, विभाग की कार्यप्रणाली के केंद्र में बिहार की जनता है। पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार के बिचौलिये, दलाल या भू-माफिया की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सही व्यक्ति किसी भी स्थिति में पीड़ित नहीं होगा, जबकि नियम तोड़ने वालों पर कठोर कार्रवाई तय है।

अपने अब तक के कार्यों का उल्लेख करते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि, 1 जनवरी 2026 से राजस्व अभिलेखों की सत्यापित नकल केवल ऑनलाइन उपलब्ध है, जिसे पूर्ण वैधानिक मान्यता प्राप्त है। नगर निकाय क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने की व्यवस्था तय कर दी गई है। एससी-एसटी पर्चाधारियों को शत-प्रतिशत दखल दिलाने के लिए ऑपरेशन भूमि दखल देहानी शुरू किया गया है। परिमार्जन प्लस के तहत मामलों के लिए 15, 35 और 75 कार्य दिवस की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है।

उन्होंने बताया कि, पारिवारिक बंटवारा पोर्टल से अब बंटवारा और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया आसान हुई है। पुराने दाखिल -खारिज, परिमार्जन प्लस और मापी के मामलों के निष्पादन के लिए विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। हर शनिवार को थाना की जगह अंचल कार्यालय में जनता दरबार लगेगा। ये व्यवस्था आम जनता को थाना जाने में होने वाली परेशानी को देखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्व कर्मचारी अब अपने पंचायत में बैठकर काम करेंगे।

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि, मापी के बाद प्रतिवेदन ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकारी भूमि की गलत जमाबंदी पर तत्काल स्थगन के आदेश के साथ सभी जिले में लैंड बैंक निर्माण के निर्देश दिए गए हैं। फर्जी कागजात के आधार पर व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर प्रत्येक अंचल में प्राथमिकी दर्ज करने के सख्त आदेश जारी किए गए हैं। सभी अंचल कार्यालयों में सूचना पट और शिकायत पेटी अनिवार्य की गई है। शिकायत पेटी में आनेवाली शिकायतों का अंचल अधिकारी को गंभीरता से निष्पादन करने को कहा गया है।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि, बेहतर कार्य करने वाले टॉप तीन अंचल अधिकारियों को विभागीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा, जबकि लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनैतिक आचरण पर कठोर कार्रवाई होगी।

ये भी पढ़ें- बिहार में बड़ा आंदोलन करने जा रही है कांग्रेस, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने किया ऐलान, इन मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरेगी पार्टी