प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को कोलकाता में कई जगहों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया. इसमें दक्षिण कोलकाता में एक बिजनेसमैन और टीएमसी नेता का घर भी शामिल है. यह मामला गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन और जमीन हड़पने से जुड़े कथित फाइनेंशियल गड़बड़ियों के मामले में हैं. ईडी सूत्रों का कहना है कि कोलकाता में अपराधी सोना पप्पू के यहां छापेमारी में ईडी को 1.2 करोड़ रुपए कैश मिले.

सोना पप्पू कोलकाता का एक अपराधी है, उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और ED उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है.

ED सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने कस्बा-बालीगंज इलाके में बिस्वजीत पोद्दार, जिन्हें सोना पप्पू के नाम से भी जाना जाता है, के फर्न रोड वाले घर पर सुबह-सुबह रेड मारी. सर्च सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई, जिसमें ईडी अधिकारियों के साथ सेंट्रल आर्म्ड फोर्स के जवान भी थे. ED मनी लॉन्ड्रिंग और सिंडिकेट द्वारा नियंत्रित कंस्ट्रक्शन से जुड़े कथित वित्तीय कदाचार की जांच कर रही है, जिसमें कई प्रभावशाली लोगों के शामिल होने की आशंका है.

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता में अवैध निर्माण, भूमि हड़पने और वित्तीय गड़बड़ियों के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. दक्षिण कोलकाता में एक बिजनेसमैन और अपराधी ‘सोना पप्पू’ के ठिकानों पर छापेमारी हुई, जिसमें ₹1.2 करोड़ नकद जब्त किए गए. यह कार्रवाई साउथ कोलकाता के कुछ हिस्सों में चल रहे गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन सिंडिकेट से जुड़े कथित फाइनेंशियल कदाचार की चल रही जांच का हिस्सा है.

अधिकारियों ने बताया कि पोद्दार के खिलाफ पहले ही कई FIR दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें जबरन वसूली, धमकी और जबरदस्ती के आरोप हैं. ईडी सोना पप्पू के करीबी राहुल दास के घर भी पहुंची. काकुलिया रोड पर घर पर भी सर्च की. पोद्दार के घर के अलावा ईडी अधिकारियों ने बालीगंज में सन एंटरप्राइज नाम की एक फर्म के ऑफिस समेत पांच से छह दूसरी जगहों पर भी तलाशी ली. हालांकि, यह साफ नहीं है कि फर्म का पोद्दार से कोई सीधा लिंक है या नहीं.

पोद्दार का नाम हाल ही में रवींद्र सरोबर के पास दो ग्रुप्स के बीच हुई झड़प में भी सामने आया था, हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. जबकि लोगों ने इस घटना में उसके साथियों के शामिल होने का आरोप लगाया है, पोद्दार ने किसी भी भूमिका से इनकार किया है.

जांचकर्ताओं को शक है कि पोद्दार का कस्बा और बालीगंज में कई लोकल सिंडिकेट पर कंट्रोल था और कथित तौर पर कंस्ट्रक्शन कंपनियों से बड़ी रकम इकट्ठा करता था. सूत्रों ने बताया कि ईडी पिछले कुछ दिनों से कम से कम चार से पांच FIR की जांच कर रहा था, जिसके बाद बुधवार को कोऑर्डिनेटेड रेड की गई. ईडी की नई एक्टिविटी ऐसे समय में हुई है जब राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और यह राजनीतिक रूप से सेंसिटिव समय है.

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