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सीएम केजरीवाल की सख्ती आई काम, कोरोना से जान गंवाने वालों के परिवारों को मिली मदद

सीएम अरविंद केजरीवाल ने अधिकारियों को दी शाबाशी

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा पिछले सप्ताह ‘मुख्यमंत्री कोविड-19 परिवार आर्थिक सहायता’ योजना को लेकर की गई सख्ती के बाद कोरोना से जान गंवाने वाले ज्यादातर लोगों के परिवारों को आर्थिक मदद मिल गई है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सख्ती के बाद अधिकारियों ने युद्धस्तर पर काम किया और अब तक सत्यापित हुए आवेदनों में से 89 फीसदी पीड़ित परिवारों के खाते में एकमुश्त रकम (50 हजार रुपए) भेज दी है.
वहीं बाकी के पीड़ित परिवारों को भी आने वाले बुधवार तक यह रकम मिल जाएगी. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को फिर योजना की समीक्षा के लिए बैठक की और युद्धस्तर पर काम कर पीड़ित परिवारों को मदद पहुंचाने के लिए अधिकारियों को शाबाशी भी दी. इस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी लाभार्थियों की मासिक पेंशन भी एक सप्ताह में शुरू करने के निर्देश दिए.
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योजना की समीक्षा
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सख्त निर्देश दिए कि पेंशन के लिए जो लोग अभी तक पंजीकृत नहीं हुए हैं, उन सभी लोगों का युद्ध स्तर पर पंजीकरण करवाया जाए और सभी पीड़ितों परिवारों की पेंशन एक सप्ताह के अंदर शुरू की जाए. हालांकि, अधिकारियों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बताया कि मासिक पेंशन के लिए अब तक रजिस्टर्ड आवेदकों में से 86 फीसदी लोगों की पेंशन शुरू कर दी गई है. इस बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री कैलाश गहलोत और राजेंद्र पाल गौतम, मुख्य सचिव और डीएम समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
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सीएम अरविंद केजरीवाल
बता दें कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बीते 1 अक्टूबर को कोरोना से जान गंवाने वाले दिल्ली के लोगों के परिवारों को ‘मुख्यमंत्री कोविड-19 परिवार आर्थिक सहायता योजना’ के तहत दी जा रही आर्थिक मदद की समीक्षा की थी. उस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को सरकारी सहायता मिलने में आ रही समस्याओं को लेकर अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जताई थी.
डेथ सर्टिफिकेट और सर्वाइविंग मेंबर सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पीड़ितों को सरकारी दफ्तर बुलाने और अधिकारियों द्वारा विभिन्न तरह के दस्तावेज मांगने से बेहद खफा थे. बैठक में सीएम अरविंद केजरीवाल ने साफ किया था कि कोरोना से हुई मौत पर डेथ सर्टिफिकेट और सर्वाइविंग मेंबर सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है. कोरोना से हुई मौत को सत्यापित करने के लिए गृह मंत्रालय की सूची ही पर्याप्त है. सीएम अरविंद केजरीवाल ने अधिकारियों को गृह मंत्रालय की लिस्ट से मृतकों का नाम सत्यापित कर उनके परिवारों को तत्काल मदद राशि देने के निर्देश दिए थे. इसी क्रम में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सचिवालय में पुनः योजना की समीक्षा बैठक की, जिसमें अधिकारियों ने पिछले एक सप्ताह में योजना की हुई प्रगति रिपोर्ट रखी.
अधिकारियों ने बैठक में रखी योजना की प्रगति रिपोर्ट
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने सीएम अरविंद केजरीवाल के सामने पिछले एक सप्ताह में हुई योजना की प्रगति की रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि एकमुश्त सहायता के लिए प्राप्त आवेदनों में से 14,605 आवेदन ऑनलाइन और होम विजिट करके सत्यापित किए गए हैं. इन सत्यापित आवेदनों में से 13,005 लोगों के बैंक खाते में एकमुश्त सहायता राशि (50 हजार रुपए) भेज दी गई है. अधिकारियों ने बताया कि कोरोना से हुई मौतों में 2,196 परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने एकमुश्त सहायता राशि के लिए आवेदन नहीं किया है.
वहीं, अधिकारियों ने बताया कि पीड़ितों को मासिक पेंशन से लाभान्वित करने का काम तेजी से चल रहा है. अभी तक मासिक पेंशन के लिए जितने आवेदन रजिस्टर्ड हुए हैं, उनमें से सत्यापन के बाद 86 फीसदू लोगों को पेंशन मिलनी शुरू हो गई है. इस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मासिक पेंशन के लिए पंजीकरण और बढ़ाने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मासिक पेंशन के लिए अभी तक जिन लोगों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उन सभी लोगों से संपर्क कर उनका पंजीकरण कराया जाए और मासिक पेंशन के लिए पंजीकरण कराकर एक सप्ताह के अंदर सभी को पेंशन देना शुरू करें.
सीएम ने पिछली समीक्षा बैठक में पीड़ित को खड़ा कर अधिकारियों को दिखाया था आईना
इससे पहले मुख्यमंत्री ने 1 अक्टूबर को ‘मुख्यमंत्री कोविड-19 परिवार आर्थिक सहायता’ योजना की समीक्षा की थी. बैठक में मुख्यमंत्री ने योजना की प्रगति पर नाराजगी जताई और उन्हें आईना दिखाने के लिए एक पीड़ित को लाकर खड़ा कर दिया था. पीड़ित ने बताया कि उनके पिता की कोरोना से मौत के बाद एक शिक्षक ने उनके घर आकर फॉर्म भरवाया और सत्यापन करने का लेटर भी दिया. इसके बाद उनके पास फोन आया कि आपको ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा. उन्होंने ऑनलाइन आवेदन भी कर दिया. एक बार उनके पास फिर फोन आया कि आप सारे डॉक्यूमेंट लेकर आइए और भौतिक सत्यापन कराइए. साथ ही, आरटी-पीसीआर रिपोर्ट भी मांगी गई, जो उनके पास नहीं थी. काफी भागदौड़ के बाद अधिकारियों ने यह सत्यापित किया कि उनके पिता की मौत कोरोना से हुई है. इस दौरान पीड़ित की आपबीती सुनकर बैठक में मौजूद अधिकारी भी आवाक रह गए थे.
कोरोना से जान गंवाने वालों के परिवारों को आर्थिक मदद देने के लिए शुरू की गई योजना
केजरीवाल सरकार ने कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को आर्थिक मदद देने के लिए जुलाई से ‘मुख्यमंत्री कोविड-19 परिवार आर्थिक सहायता’ योजना की शुरुआत की थी. इसके तहत एकमुश्त वित्तीय मदद और मासिक पेंशन दी जा रही है. एकमुश्त वित्तीय मदद के तहत कोरोना से जान गंवाने वाले हर व्यक्ति के परिवार को 50 हजार रुपए की एकमुश्त राशि दी जा रही है, जबकि मासिक पेंशन तहत मृतकों के आश्रितों को हर महीने 2500 रुपए पेंशन दी जा रही है.
इसके अलावा, कोरोना से जिन बच्चों के माता-पिता दोनों की मौत हो गई है या माता-पिता में से किसी एक की पहले मौत हो चुकी है और दूसरे की कोरोना से मौत हो गई है और बच्चे अनाथ हो गए हैं, उन्हें केजरीवाल सरकार 25 साल की उम्र तक हर महीने 2500 रुपए पेंशन दे रही है.
योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन भी कर सकते हैं आवेदन
जिन लोगों के घर में कोरोना की वजह से मौत हुई है, वे योजना का लाभ लेने के लिए दो तरह से आवेदन कर सकते हैं. पहला तो वे खुद पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं और दूसरा दिल्ली सरकार के अधिकारी खुद पीड़ित परिवार के घर जाएंगे और फॉर्म भरवाकर रजिस्ट्रेशन करवाएंगे.

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