चंडीगढ़। पंजाब में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले भगवंत मान सरकार के सामने एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती खड़ी हो गई है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति के लिए पात्र अधिकारियों का पैनल मांगा है। वर्तमान में 1992 बैच के IPS अधिकारी गौरव यादव कार्यकारी DGP के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, UPSC ने 18 फरवरी को राज्य सरकार को पत्र भेजा है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के 5 फरवरी के ताजा आदेशों का हवाला दिया गया है। इसके तुरंत बाद पंजाब के गृह विभाग ने DGP दफ्तर से योग्य अधिकारियों की सूची तलब कर ली है।

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों में कार्यकारी DGP (Acting DGP) नियुक्त करने की प्रथा पर कड़ी चिंता जताई थी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाला बागची की बेंच ने स्पष्ट किया था कि यह परंपरा वरिष्ठ और योग्य अधिकारियों के अधिकारों का हनन है और ‘प्रकाश सिंह केस’ के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है.

रेस में शामिल प्रमुख नाम

पंजाब में इस वक्त DGP रैंक के 17 अधिकारी हैं। UPSC के नियमों के अनुसार, पैनल में शामिल होने के लिए अधिकारी का कम से कम 6 महीने का कार्यकाल शेष होना अनिवार्य है।

चर्चा में शामिल कुछ प्रमुख नाम

  • संजीव कालड़ा: सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं, लेकिन 28 फरवरी को सेवानिवृत्ति के कारण 6 महीने की शर्त पूरी नहीं कर पाएंगे।
  • शरद सत्या चौहान, हरप्रीत सिद्धू और कुलदीप सिंह: ये तीनों अधिकारी दौड़ में मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
  • पराग जैन: पंजाब कैडर के IPS और वर्तमान RAW चीफ पराग जैन का नाम भी चर्चा में है, हालांकि उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस आने की संभावना कम है।
  • गौरव यादव: वर्तमान कार्यकारी DGP का नाम भी विचारार्थ पैनल में भेजा जाएगा।