राज्य चुनाव आयोग ने नगर निकाय चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने का हवाला देते हुए सोमवार को महाराष्ट्र सरकार को ‘लाडली बहिन’ योजना की जनवरी की किस्त एडवांस में जारी करने से रोक दिया। हालांकि आयोग के इस फैसले के बाद लाडली बहनों को दिसंबर की किस्त मिलने का रास्ता साफ हो गया लेकिन जनवरी की किस्त के लिए उन्हें इंतजार करना पड़ेगा। दरअसल खबरों में दावा किया गया था कि योजना के लाभार्थियों को मकर संक्रांति से पहले उनके बैंक खातों में दिसंबर और जनवरी की किस्तों को मिलाकर 3000 रुपये प्राप्त होंगे। इस पर कई शिकायतें मिलने के बाद चुनाव निकाय ने स्पष्टीकरण दिया।
दरअसल राज्य निर्वाचन आयोग ने रविवार को राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल को पत्र भेजकर मीडिया में आई खबरों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा था और यह भी पूछा था कि क्या सरकार चुनाव से ठीक पहले दो महीनों की किस्त एक साथ जारी करने का इरादा रखती है। इसने कहा था कि इसका जवाब सोमवार को दिया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग ने स्थानीय निकाय चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता के संबंध में 4 नवंबर, 2025 को समेकित निर्देश जारी किए थे।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
इस संबंध में जारी एक बयान के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित योजना के तहत नियमित या लंबित किस्तों का भुगतान किया जा सकता है, लेकिन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदर्श आचार संहिता की अवधि के दौरान कोई अग्रिम भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार, चुनाव की घोषणा से पहले शुरू हो चुके विकास कार्य और कल्याणकारी योजनाएं आचार संहिता की अवधि के दौरान जारी रह सकती हैं।
कब से नहीं मिली लाडकी बहिन योजना की किस्त?
दरअसल मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना को महाराष्ट्र में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। पूरे राज्य में करीब डेढ़ करोड़ या उससे ज्यादा महिलाएं इसका फायदा उठा रही हैं। 2.5 लाख से कम इनकम वाले परिवारों की महिलाओं को लाडकी बहिन योजना के जरिए हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है। लेकिन लाडकी बहिन योजना के लाभार्थियों को दिसंबर 2025 की किस्त नहीं मिली है। चूंकि पूरे राज्य में नगर निगम चुनाव की धूम मची है। वहीं राज्य में आचार संहिता लागू है। इसलिए महिलाओं को पिछले महीने इस योजना की किस्त नहीं मिली थी।
15 जनवरी को महराष्ट्र में वोटिंग
दरअसल महाराष्ट्र में 29 नगर पालिकाओं के चुनाव हो रहे हैं। इन चुनावों के लिए 15 जनवरी को वोटिंग होने वाली है। इसलिए अगर महिलाओं को 14 जनवरी को दो महीने की किस्त मिलती है, तो इसका महिलाओं पर असर पड़ सकता है। कांग्रेस ने दावा किया कि इससे 1 करोड़ महिलाएं प्रभावित हो सकती हैं और वे उसी हिसाब से वोट कर सकती हैं। कांग्रेस के इस एतराज के बाद अब एक अहम खबर सामने आई है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब गिरीश महाजन ने दावा किया कि लाडकी बहिन योजना की पात्र लाभार्थियों के खातों में मकर संक्रांति (जो 14 जनवरी को पड़ती है) से पहले दिसंबर और जनवरी की संयुक्त किस्त के रूप से 3,000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे, जो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से विशेष उपहार है। विपक्ष ने इस घोषणा को 15 जनवरी को 29 नगर निकायों के लिए होने वाले चुनावों से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास करार दिया था।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की थी शिकायत
महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता और वकील संदेश कोंडविलकर ने शनिवार को राज्य निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें दावा किया गया कि भुगतान मतदान से एक दिन पहले 14 जनवरी को प्रस्तावित है। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग से अंतरण को रोकने के लिये हस्तक्षेप करने की मांग की थी। विवाद के बीच मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि लाडकी बहिन योजना राज्य सरकार की एक सतत योजना है और यह चुनाव आचार संहिता के प्रतिबंधों के अंतर्गत नहीं आती। हालांकि, कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि पार्टी इस योजना के विरोध में नहीं है, लेकिन मतदान से ठीक पहले दो महीने की सहायता राशि एकसाथ जारी करना आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है।
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