अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। जिला मुख्यालय सासाराम स्थित नूरनगंज मोहल्ले में इंजीनियरिंग और संतुलन का एक हैरतअंगेज नमूना देखने को मिल रहा है, जहां आधुनिक तकनीक का उपयोग कर एक दो मंजिला भारी-भरकम इमारत को सुरक्षित रूप से जमीन से करीब 3 फीट तक ऊपर उठाया गया है। जलजमाव और सड़क की ऊंचाई बढ़ने जैसी समस्याओं से निपटने के लिए अपनाई गई यह तकनीक स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
मकान मालिक लक्ष्मण कुमार ने बताया कि, उनका मकान करीब डेढ़ डिसमिल में दो मंजिला बना हुआ है, लेकिन सड़क की ऊंचाई बढ़ जाने से परेशानी हो रही थी। मकान अब 3 फीट तक ऊंचा हो गया है और ढांचा भी पूरी तरह सुरक्षित है। वहीं इस चुनौतीपूर्ण कार्य को अंजाम दे रहे कुशल कारीगरों ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया हाइड्रोलिक जैक और सटीक संतुलन पर आधारित है।
इमारत की नींव के पास जैक लगाकर उसे धीरे-धीरे ऊपर उठाया जाता है, जिससे ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। कारीगरों के अनुसार, वे केवल मकान की ऊंचाई ही नहीं बढ़ाते, बल्कि आवश्यकतानुसार पूरे ढांचे को आगे या पीछे खिसकाने में भी सक्षम हैं।
सासाराम में यह तकनीक तेजी से लोकप्रिय हो रही है। कारीगर अब तक शहर के विभिन्न इलाकों में करीब 70 से 80 घरों को सफलतापूर्वक लिफ्ट कर चुके हैं। पुराने मकान जो सड़क से नीचे हो गए थे, उनके लिए यह तकनीक एक वरदान साबित हो रही है, क्योंकि इससे बिना तोड़-फोड़ किए लाखों रुपये की लागत बचाई जा ररही है। इंजीनियरिंग का यह बेजोड़ प्रदर्शन यह साबित करता है कि अनुभव और सही तकनीक के मेल से बड़े से बड़े निर्माण को नया जीवन दिया जा सकता है।
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