पटना। बिहार में पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र में आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS-112) और राज्य पुलिस डाटा सेंटर के स्थायी भवन निर्माण को मंजूरी दी है।

परियोजना का विवरण और लागत

इस परियोजना पर कुल 172.80 करोड़ रुपए का अनुमानित खर्च आएगा। इसके तहत आधुनिक भवन, फर्नीचर, तकनीकी ढांचा और अन्य आवश्यक बुनियादी संरचनाएं बनाई जाएंगी। प्रस्तावित भवन B+2 और G+7 संरचना में होगा, जिसमें ERSS-112 और राज्य पुलिस डाटा सेंटर के सभी आधुनिक कार्यालय, कंट्रोल रूम, सर्वर रूम और तकनीकी इकाइयां शामिल होंगी।

पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण

सम्राट चौधरी ने बताया कि यह आधुनिक और मजबूत भवन प्रशासनिक कार्यों को सुचारु बनाने के साथ-साथ पुलिसकर्मियों को सुरक्षित और सुविधाजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराएगा। इससे पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी और आम जनता को भी इसका लाभ मिलेगा।

आपातकालीन सेवाओं में सुधार

भवन निर्माण से राज्यभर से आने वाली आपात कॉल और डेटा का त्वरित और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित होगा। पुलिस, अग्निशमन, एम्बुलेंस और अन्य आपात एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, जिससे रिस्पॉन्स टाइम और कार्यक्षमता में सुधार आएगा।

डिजिटल पुलिसिंग में बड़ा कदम

राज्य पुलिस डाटा सेंटर के निर्माण से बिहार पुलिस की डिजिटल क्षमता, डेटा सुरक्षा और विश्लेषण प्रणाली मजबूत होगी। यह अपराध नियंत्रण, निगरानी और जांच प्रक्रिया को और अधिक वैज्ञानिक और तेज बनाएगा।
यह परियोजना राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आपात सेवाओं में आधुनिक तकनीक के उपयोग की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।