US-EU Trade Deal Suspend: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के ग्रीनलैंड (Greenland) पर कब्जे के विरोध में यूरोपिए देश अब खुलकर सामने आ गए हैं। ग्रीनलैंड को विवाद की जड़ बनाने से नाराज यूरोपीय संघ (EU) ने अमेरिका (US) से व्यापार समझौते को सस्पेंड करने का ऐलान किया है। यूरोपीय संसद का यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए तगड़े झटके के सामान है।

दरअसल, यूएस और ईयू (EU) के बीच पिछले साल 2025 के जुलाई महीने में व्यापार समझौते को लेकर सहमति हुई थी। अब यूरोपीय संसद ने अब सस्पेंड करने का फैसला लिया है। ग्रीनलैंड पर कब्जे और अपने सहयोगियों पर भी ट्रंप की ओर से टैरिफ लगाने की धमकियों के विरोध में यूरोपीय संसद ने यह कदम उठाया है।

यूरोपीय संसद के सदस्य और EU-US व्यापार संबंधों पर INTA समिति के अध्यक्ष बर्न्ड लैंगे (Bernd Lange) ने बुधवार (21 जनवरी, 2026) को जारी एक बयान में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से यूरोपीय देशों पर 10 से 25 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की योजनाएं उस व्यापार समझौते की शर्तों के खिलाफ हैं। स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के वार्षिक बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संबोधन का हवाला देते हुए बर्न्ड लैंगे ने कहा कि मुझे लगता है कि उन्होंने अपना रुख नहीं बदला है। वह ग्रीनलैंड को जितनी जल्दी हो सके अमेरिका का हिस्सा बनाना चाहते हैं। लिहाजा हम अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करते हैं।

जब तक धमकियां खत्म नहीं होतीं, समझौते की संभावना नहीं- लैंगे

उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इस तरह की धमकियां खत्म नहीं होतीं, तब तक किसी भी तरह के समझौते की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि हम प्रक्रिया को रोककर रखेंगे। जब तक ग्रीनलैंड और इन धमकियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती। लैंगे ने आरोप लगाया कि ट्रंप टैरिफ को राजनीतिक दबाव के हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। ताकि ग्रीनलैंड को खरीदा जा सके। उन्होंने इस कदम को यूरोपीय संघ की आर्थिक और क्षेत्रीय संप्रभुता पर हमला करार दिया।

ट्रंप ने सैन्य बल का इस्तेमाल से इनकार किया

इधर दावोस में दिए अपने भाषण में अमेरिकी राष्ट्रपति ने आर्कटिक क्षेत्र में स्थित इस भूभाग (ग्रीनलैंड) पर कब्जे को लेकर तत्काल वार्ता की मांग की। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में सैन्य बल का इस्तेमाल करने से इनकार किया। इस प्रतिबद्धता को लैंगे ने एक छोटा सकारात्मक पहलू बताया, लेकिन लैंगे ने कहा कि 10 से 25 प्रतिशत टैरिफ का प्रस्ताव अभी भी बना हुआ है।

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