Join Whatsapp Group

यहाँ क्लिक करें

शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मोहम्मद दीपक…एक ऐसा नाम किसी चर्चा पूरे देश में हो रही है। कई पक्ष में तो कई इन नाम की आलोचना कर रहे हैं। ठीक उसी तरह जब आई लव मोहब्बत लेकिन, अब इस नाम को लेकर मध्यप्रदेश में बड़ा विवाद शुरू हो गया है। दरअसल, ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने ऐलान किया है कि मोहम्मद दीपक नाम का अभियान शुरू किया जाएगा। मुस्लिम त्योहार कमेटी का तर्क है कि इस शख्स ने इंसानियत का धर्म अदा कर एक मुस्लिम बुजुर्ग को मॉब लिंचिंग जैसी घटना से बचा लिया। इस अभियान पर सनातनी संगठनों ने हिंदुओं पर एक बार फिर षड्यंत्र के तहत आघात बताया। उधर, बीजेपी ने विरोध के स्वर प्रखर कर इस अभियान को मुस्लिम तुष्टिकरण करार देकर राजनीतिक साजिश बताया है। बता दें कि आई लव मोहम्मद जैसे स्लोगन को लेकर भी मध्यप्रदेश में माहौल गर्म हो चुका है।

दरअसल, यह विवाद देवभूमि कहे जाने वाले उत्तराखंड के कोटद्वार में एक छोटी से घटना से उपजा था। दिन बीती 26 जनवरी का था। कोटद्वार में बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर दुकान के मालिक वकील अहमद रोजाना की तरह अपनी दुकान पर बैठे थे। तभी कुछ युवकों ने दुकान के नाम पर आपत्ति दर्ज कराते हुए इससे बदलने की बात कही। इस पर बहस शुरू हुई और विवाद में दीपक कश्यप नाम के युवक की एंट्री हुई। भीड़ के बीच युवक ने कहा कि मेरा नाम मोहम्मद दीपक है। इस नाम के साथ विवाद जैसे तैसे थम गया लेकिन इसके बाद भी घटना क्रम जारी रहा। एक हिंदू युवक का अपने नाम के आगे मोहम्मद लगाना और मुस्लिम बुजुर्ग की दुकान के नाम पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।

दीपक ने मुस्लिम को बचाया, मिशाल के लिए शुरू होगा मोहम्मद दीपक अभियान- मुस्लिम त्योहार कमेटी

मामले को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी की बैठक भोपाल में हुई। कमेटी के अध्यक्ष शमशुल हसन ने बताया कि हम मामले पर नजर बनाए हुए हैं। बुजुर्ग का कसूर इतना था कि वो मुसलमान था। बड़ी घटना को अंजाम देने की नियत के पहुंचे बजरंग दल समेत अन्य हिंदू संगठनों को दीपक कश्यप ने मोहम्मद दीपक नाम बताकर रोक दिया। ऐसे मोहम्मद दीपक को मुस्लिम त्योहार कमेटी सलाम करती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ऐसा राज्य है जो हिंदू मुस्लिम विवादों से घिरा हुआ है। इस घटना के बाद मुस्लिम ही नहीं बल्कि कई लोग ने मोहम्मद संजीव या मोहम्मद कोई अन्य धर्म के नाम की अलख जग चुकी है। मोहम्मद दीपक ने जो पैगाम पूरे मुल्क के सामने दिया है इसे मध्यप्रदेश से अभियान के तौर पर पहुंचाया जाएगा।

एक व्यक्ति के आधार पर मुस्लिमों का पूरे हिंदुओं को टारगेट क्यों, प्रशासन होगा जिम्मेदार – साधु संत समिति

मामले को लेकर अखिल भारतीय साधु संत सन्यासी समिति के अध्यक्ष स्वामी श्री अखिलानंद जी महाराज ने कहा कि यह तो षड्यंत्र है जो सालों से सनातियों को तोड़ने के लिए जारी है। इस बार हथियार मोहम्मद दीपक के कथित नाम को बनाया जा रहा है। ऐसे ही सनातनी धर्मियों को लोग तोड़ने का प्रयास करते हैं। इस बात पर विचार मंथन किया जाना चाहिए कि आखिर दीपक तो अपने आप को मोहम्मद दीपक बता रहा है क्या वह कश्यप है भी कही नहीं। यह भी जांच का एक विषय है। यदि को विवाद था तो मोहम्मद के नाम से ही कैसे थम गया। क्या दीपक कश्यप अपने वर्तमान नाम से इस विवाद को नहीं रोक सकता था। मामले में कई संदिग्ध बातें प्रतीत होती हैं। उन्होंने कहा कि अब हिंदुओं को टारगेट कर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। तोड़ने या नीचा दिखाने के लिए मोहम्मद दीपक के नाम पर अभियान तैयार किया गया है। महाराज ने प्रशासन और सरकार से मांग कि है की इस अभियान को अनुमति न दी जाए। यदि यह हुआ तो यह कई लोगों के सम्मान को ठेस पहुंचाएगा। लिहाजा फिर सबक सिखाने का काम भी हमारा होगा।

कट्टरपंथी करते हैं सिर्फ जहर घोलने का काम, लव जिहाद के लिए अभियान चलाएं- बीजेपी

मोहम्मद दीपक के अभियान को लेकर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि उत्तराखंड के एक छोटे से मामले को लेकर राजनीतिक फायदे के लिए ऐसे अभियान को चलाने की बात की जा रही है। कट्टरपंथी समाज में जहर घोलने का काम करते हैं। जरूरत इस बात कि है कि ऐसे संगठनों को लव जिहाद के खिलाफ अभियान चलाना चाहिए। अभियान इस बात का भी चलाएं कि अन्य धर्मों के जुलूस, शोभा यात्राओं पर पथराव न करें। जागरूक इस बात तो करें कि अन्य धर्मों का भी सम्मान करें। हमला नहीं बल्कि सद्भाव सिखाने के लिए अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि यह केवल लोग केवल तुष्टीकरण के तहत राजनीतिक संगठनों के प्रभाव में इस तरह के अभियान चल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी सरकार सभी को सम्मान देती है।

सदभाव नहीं चाहती बीजेपी और उससे जुड़े संगठन, मोहम्मद दीपक से नफरत क्यों- कांग्रेस

मामले को लेकर कांग्रेस ने कहा कि हिंदूवादी संगठनों समेत बीजेपी पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता डॉ. विक्रम चौधरी ने कहा कि बीजेपी का काम सिर्फ नफरत फैलाना है। उससे जुड़े संगठन भी इसी तरह से काम करते हैं। उन्होंने कहा कि रसखान भी कृष्ण भक्ति में लीन थे। यह इतिहास बीजेपी को अब याद नहीं आता। मोहम्मद दीपक के नाम से एक हिंदू ने मुस्लिम बुजुर्ग को माव लीचिंग से बचाया था। लिहाजा किसी मजहबी संगठन का यह अभियान सद्भाव का है। चौधरी ने यह भी कहा कि ऐसे अभियानों से बीजेपी की राजनीतिक दुकानों पर ताला लगना भी तय है। उन्होंने विरोध करने वाले हिंदू संगठनों को बीजेपी का कृपा पात्र भी बताया। आरोप लगाया कि ऐसे संत ही समाज में दुख का कारण है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m