हेमंत शर्मा, इंदौर। नागरिकों की सेहत से किसी भी तरह का समझौता न हो, इसी मंशा के साथ इंदौर आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए पौने दो करोड़ रुपये कीमत की एक्सपायर बीयर को नष्ट कर दिया। सिमरोल क्षेत्र स्थित माउंट एवरेस्ट ब्रेवरीज लिमिटेड, मेमदीग्राम में बनाई गई करीब 2 लाख 23 हजार 316 लीटर बीयर तय समय पर निर्यात नहीं हो सकी, जिसके चलते उसकी वैधता अवधि समाप्त हो गई थी।
अगर यह बीयर बाजार में पहुंचती, तो जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकती थी। आबकारी विभाग को जैसे ही जानकारी मिली कि बीयर की निर्माण तिथि से छह महीने की अवधि पूरी हो चुकी है और स्टॉक अब एक्सपायर हो चुका है, विभाग ने इसे बेहद गंभीरता से लिया। बिना समय गंवाए नियमानुसार नष्टीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि किसी भी स्तर पर यह बीयर बिक्री या आपूर्ति में न आ सके। इस पूरे मामले में उपायुक्त आबकारी संजय तिवारी की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की गई।
समिति ने पूरी पारदर्शिता और सख्त निगरानी के साथ नष्टीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया। कुल 23,154 पेटियों में भरी बीयर, जिसकी डिस्टिलरी कीमत लगभग पौने दो करोड़ रुपये आंकी गई, को पूरी तरह नष्ट किया गया। सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी ने बताया कि यह बीयर मध्यप्रदेश के अलावा दिल्ली, असम और महाराष्ट्र भेजे जाने के लिए बनाई गई थी, लेकिन संबंधित राज्यों से समय पर डिमांड नहीं आने के कारण इसे निर्धारित समय में निर्यात नहीं किया जा सका। ब्रेवरी प्रबंधन द्वारा खुद आबकारी विभाग को बीयर के एक्सपायर होने की सूचना दी गई, जिसके बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
नष्टीकरण की प्रक्रिया तीन दिनों तक चली। सबसे पहले बोतलों में भरी बीयर को पूरी तरह बहाकर नष्ट किया गया, ताकि दोबारा उपयोग की कोई संभावना न रहे। वहीं, केन में भरी बीयर को बुलडोजर और जेसीबी मशीन की मदद से कुचलकर खत्म किया गया। पूरी कार्रवाई की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई, ताकि भविष्य में किसी भी तरह के सवाल या विवाद की गुंजाइश न रहे। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई को जनहित में बड़ा कदम माना जा रहा है। अक्सर देखा जाता है कि एक्सपायर खाद्य और पेय पदार्थ चोरी-छिपे बाजार में खपा दिए जाते हैं, जिससे आम लोगों की सेहत पर सीधा असर पड़ता है।
लेकिन इस मामले में विभाग ने समय रहते सख्ती दिखाकर साफ संदेश दिया है कि स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। नष्टीकरण के दौरान समिति में शामिल उपायुक्त आबकारी संजय तिवारी, सहायक आयुक्त अभिषेक तिवारी, इकाई प्रभारी अधिकारी प्रतीक्षा शर्मा, धर्मेंद्र जोशी, जहांगीर खान, राजेश जैन, आरएस पुरोहित सहित सभी सहायक जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी उपनिरीक्षक मीना माल और आबकारी आरक्षक मौजूद रहे। हर स्तर पर निगरानी रखी गई, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के मुताबिक हो।
आबकारी विभाग की यह कार्रवाई न सिर्फ विभागीय सख्ती का उदाहरण है, बल्कि शराब उद्योग को भी साफ चेतावनी है कि नियमों की अनदेखी या एक्सपायर उत्पादों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इंदौर में हुई यह कार्रवाई आने वाले समय में प्रदेशभर के लिए एक मिसाल मानी जा रही है।
Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें


