Extra LPG Charge By Hotels : होटल और रेस्टोरेंट अब ग्राहकों से कोई भी एक्स्ट्रा चार्ज, जैसे ‘LPG चार्ज’ या ‘फ्यूल कॉस्ट रिकवरी’ फीस नहीं ले सकेंगे. केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि खाने की कीमत के अलावा, बिल में सिर्फ सरकार द्वारा तय किए गए टैक्स ही जोड़े जा सकते हैं.

LPG संकट के बीच, सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि होटल और रेस्टोरेंट को अपनी सभी इनपुट लागतें (खर्चे) अपने मेनू में लिखी कीमतों में ही शामिल करनी होंगी. अगर कोई रेस्टोरेंट बिल में कोई अलग से चार्ज जोड़ता है जैसे गैस की बढ़ती कीमतें या कोई और ऑपरेशनल खर्च तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा. अथॉरिटी के मुताबिक, ग्राहकों को सिर्फ़ मेनू में लिखी कीमत और उस पर लगने वाले टैक्स का ही पेमेंट करना होगा.

कैफे ने लेमोनेड पर 5% ‘गैस-संकट चार्ज’ लगाया

हाल ही में, बेंगलुरु के एक कैफ़े ने लेमोनेड के बिल पर 5% ‘गैस संकट चार्ज’ लगा दिया. ‘Theo Café’ की एक वायरल रसीद के मुताबिक, एक ग्राहक ने दो मिंट लेमोनेड ऑर्डर किए, जिनकी कीमत 179 प्रति गिलास थी. यानी कुल 358 रुपए. कैफे ने 17.90 (5%) की छूट दी और उसके बाद 5% ‘गैस संकट चार्ज’ जोड़ लिया. साथ में GST भी जोड़ दिया. इससे कुल बिल 374 हो गया.

सर्विस चार्ज पर लगे बैन से बचने की कोशिश

CCPA की एक जांच में पता चला है कि कई होटल और रेस्टोरेंट ‘सर्विस चार्ज’ पर लगे बैन से बचने के लिए नए-नए नामों से चार्ज वसूल रहे हैं. इसे ग्राहकों के अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए, अथॉरिटी ने कड़ी निगरानी रखने और सजा देने वाली कार्रवाई करने का वादा किया है.

अगर आपके बिल में ऐसे चार्ज दिखें तो क्या करें?

CCPA ने सलाह दी है कि अगर आपको अपने बिल में कोई ‘LPG चार्ज’, ‘फ्यूल चार्ज’, या कोई और एक्स्ट्रा फीस जुड़ी हुई दिखे, तो आपका पहला कदम होटल या रेस्टोरेंट मैनेजमेंट से उसे हटाने के लिए कहना होना चाहिए. अगर वे चार्ज हटाने से मना कर देते हैं, तो ग्राहक औपचारिक शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

शिकायत दर्ज करने के 4 तरीके

  • हेल्पलाइन नंबर: नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन के नंबर 1915 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करें.
  • मोबाइल ऐप: NCH ऐप के जरिए भी शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं.
  • e-Jagriti पोर्टल: कंज्यूमर कमीशन में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए e-Jagriti पोर्टल का इस्तेमाल करें.
  • कलेक्टर को शिकायत: उपभोक्ता डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर या CCPA को लिखित शिकायत भी दे सकते हैं.