लखनऊ. फर्जी बीमा घोटाले के मामले में सीबीआई स्पेशल कोर्ट का बड़ा फैसला आया है. अदालत ने इस मामले से जुड़े 4 आरोपियों को सजा सुनाई है. वहीं एक आरोपी को कोर्ट ने बरी कर दिया है. न्यायालय ने एन.के. सिंघल को 3 साल के कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही 2.30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

वहीं सह आरोपी संजय कुमार जैन को भी 3 साल की सजा के साथ 95 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. सह आरोपी नीरज कपूर को भी 3 साल की सजा और 95 हजार रुपये का जुर्माना, आरोपी बृजेश कनोडिया को 2 साल की सजा और 25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है. सीबीआई ने 2004 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी.

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मामले में शुरू की गई जांच में ये बात सामने आई थी कि 1999 से 2002 के बीच एनके सिंघल ने अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए घोटाले की साजिश रची थी. उन्होंने जालसाजी कर न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी को फर्जी बीमा दावों के माध्यम से लगभग 9,81,840 रुपये का नुकसान पहुंचाया था. मामले की जांच पूरी होने के बाद सीबीआइ ने 30 नवंबर 2005 को एनके सिंघल, नीरज अग्रवाल, संजय कुमार जैन, प्रदीप कुमार दीक्षित, नीरज कपूर, अमर नाथ शुक्ला और बृजेश कनोडिया के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया था.