प्रदीप गुप्ता, कवर्धा। कबीरधाम जिले के शिक्षा विभाग में विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में सामने आए करीब 2.18 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार मामले की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि अब विभाग में फर्जी पदोन्नति का एक और नया मामला सामने आया है। इस मामले में शिक्षा संभाग दुर्ग के संभागीय संयुक्त संचालक ने कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों की पदोन्नति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है और जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कबीरधाम को आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2021 में जिला शिक्षा विभागीय कार्यालय में पदस्थ शिव कुमार निर्मलकर (कनिष्ठ लेखा परीक्षक) और जेपी बर्वे (लेखापाल) को पदोन्नत कर सहायक ग्रेड–1 के पद पर नियुक्त किया गया था। इस पदोन्नति को लेकर विभाग में शिकायत की गई थी, जिसके बाद मामले की जांच की गई।

जांच के दौरान यह पाया गया कि संबंधित कर्मचारियों को दी गई पदोन्नति छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग की सेवा भर्ती नियमों के विपरीत की गई थी। इसके बाद दुर्ग संभागीय कार्यालय की ओर से संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया। दोनों कर्मचारियों ने अपना जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।

इसके बाद संभागीय संयुक्त संचालक रूपलाल ठाकुर ने आदेश जारी करते हुए शिव कुमार निर्मलकर और जेपी बर्वे दोनों की पदोन्नति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी कबीरधाम को इस पूरे मामले में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया गया है।

गौरतलब है कि हाल ही में शिक्षा विभाग में 2.18 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार को लेकर भी सवाल उठे थे। ऐसे में एक के बाद एक सामने आ रहे मामलों से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि जिला शिक्षा अधिकारी इस मामले में कितनी निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई करते हैं या 2.18 करोड़ के कथित भ्रष्टाचार मामले की तरहां ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।