Falgun Amavasya 2026 : अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष है तो उसे तरह-तरह के कष्ट झेलने पड़ते हैं. पितृ दोष के मुख्य कारण पितरों की नाराजगी को माना जाता है. ऐसे में व्यक्ति की तरक्की, उसके परिवार की खुशी व आर्थिक परेशानी बनी रहती है. सनातन धर्म में अमावस्या की तिथि पितरों को समर्पित है. अमावस्या पितरों को प्रसन्न करने का खास दिन होता है.

आज यानी 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या मनाई जा रही है. फाल्गुनी अमावस्या का विशेष महत्व है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान के बाद दान किया जाता है, पोनिक मंत्र है कि अवश्य के दिन दान करने से कभी न समाप्त होने वाला पुण्य प्राप्त होता है इस दिन पितृ दोष से निवारण के लिए कुछ विशेष उपाय भी किए जाते हैं.

इस तरह से पहचाने पितृ दोष

अगर आपको भी पितृ दोष है तो यह संकेत आपको महसूस होंगे. पितृदोष लगने पर घर में हमेशा कोई कोई न कोई व्यक्ति बीमार रहता है. परिवार में क्लेश की स्थिति बनी रहती है. व्यक्ति के कारोबार में लगातार घाटा होता है. घर में अचानक से पीपल का पौधा उग जाता है. पितृ दोष के कारण व्यक्ति के विवाह में बाधा आती है. संतान प्राप्ति में बाधा आती है.

फाल्गुन अमावस्या पर पितृ दोष के उपाय

दक्षिण दिशा पितरों की मनी गई है. ऐसे में इस दिन पूर्वजों को ध्यान करते हुए अपनी गलती की क्षमा मांगे. साथ ही पितरों के नियमित तर्पण करें. जल्दी कणडे पर खीर की आहुति दें. अमावस्या के दिन पीपल जल चढ़ाएं फिर पांच प्रकार की मिठाई अर्पित करें फिर भगवान विष्णु को स्नान करें और उनकी पूजा अर्चना कर सात बार परिक्रमा लगाए.