पुलिस कवर्धा की बजाए जबरदस्ती शहडोल ले जा रही है शव- बच्चूलाल के परिजन, देखिए वीडियो

रायपुर। कवर्धा सीएम हाउस के बाहर आत्मदाह करने वाले बच्चूलाल का शव पुलिस कवर्धा नहीं ले जाने दे रही है, ये आरोप है- मृतक बच्चूलाल के परिजनों का.

मृतक बच्चूलाल के परिजनों का आरोप है कि पुलिस उसके शव को जबरदस्ती शहडोल ले जा रही है, जबकि वे कवर्धा में बच्चूलाल का अंतिम संस्कार करना चाहते हैं. लल्लूराम डॉट कॉम के पास जो वीडियो है, उसमें महिला पुलिसकर्मी कह रही है कि मृतक की पत्नी शहडोल में अंतिम संस्कार करना चाहती है. इस पर भी मृतक की बहन ने साफ किया कि महिला पुलिसकर्मी गलत कह रही हैं. उन्होंने पुलिस पर मृतक की पत्नी को धमकी देने का आरोप लगाया.

मृतक बच्चूलाल की बहनों ने बताया कि पुलिस ने उनकी भाभी को डराया-धमकाया है और जबरदस्ती ये कहलवा रहे हैं कि वो शहडोल में पति के शव का अंतिम संस्कार चाहती है.

इस मामले में पुलिस पर गंभीर आरोप मृतक बच्चूलाल के परिजन लगा रहे हैं.

पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने भी लगाए गंभीर आरोप

इधर पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने भी पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि भ्रष्ट प्रशासन मामले को दबाने में लगा हुआ है. पुलिस मृतक के परिजनों को धमकाकर शव का अंतिम संस्कार शहडोल में कराना चाहती है, ताकि भाजपा के विरुद्ध जनता आक्रोशित नहीं हो.

वहीं बच्चूलाल ने जिस नगर पंचायत अध्यक्ष पर पैसा लेने का आरोप लगाया था, उस भाजपा नेता पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए और मृतक के परिवार को 10 लाख रुपए मुआवजा और पत्नी को सरकारी नौकरी देनी चाहिए.

मोहम्मद अकबर ने कहा कि मृतक की पत्नी, बहन और अन्य परिजन चाहते हैं कि बच्चूलाल के शव का अंतिम संस्कार कवर्धा में हो, जबकि प्रशासन उन्हें इसके लिए रोक रहा है, जिसका उसे कोई अधिकार नहीं.

क्या है मामला?

सीएम हाउस के बाहर आत्मदाह करने वाले बच्चू लाल की रविवार को इलाज के दौरान मौत हो गई. आत्मदाह के बाद बच्चूलाल को इलाज के लिए रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बच्चूलाल ने 8 नवंबर को आत्मदाह कर लिया था.

बताया जा रहा है कि पीड़ित बच्चूलाल और उसकी पत्नी सुनीता नगर पंचायत में पिछले 9 महीने से स्वीपर के पद पर काम कर रहे थे. दोनों का वेतन 7-7 हजार रुपए था. पीड़ित की पत्नी सुनीता के अनुसार कि दोनों को कुल 9 हजार रुपए हर महीने मिलते थे और वे 5 हजार रुपए नगर पंचायत अध्यक्ष को जमा कर देते थे. जब उन्होंने अपने पैसे मांगे, तो दोनों को 1 नवंबर को नौकरी से निकाल दिया गया. जिसकी वजह से बच्चूलाल काफी परेशान रहता था और 8 नवंबर को उसने आत्मदाह कर लिया.

वायरल वीडियो, जिसमें पुलिस पर आरोप लगे हैं..

 

 

 

 

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