चंडीगढ़। पंजाब में किसानों ने अपना विरोध-प्रदर्शन स्थगित कर दिया है. पिछले कई दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर किसान रेलवे की पटरियों पर धरने पर बैठे थे, जिसके कारण कई ट्रेनों को रद्द भी करना पड़ा था. किसानों के विरोध-प्रदर्शन के कारण लोग भी परेशान हो रहे थे, साथ ही चुनावी साल में सरकार भी चिंतित थी, क्योंकि किसानों की नाराजगी का बड़ा खामियाजा विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है. अब लेकिन प्रदर्शन की वजह से बंद पड़े रेलवे ट्रैक जल्द खाली हो जाएंगे. आज सुबह सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने किसान नेताओं के साथ बैठक की, जिसमें किसानों की मांगों को लेकर सहमति बन गई है. जिसके बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन 4 जनवरी तक रद्द कर दिया है. इसी दिन फिर से सरकार के साथ उनकी मीटिंग होगी.

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चन्नी सरकार किसान नेताओं की मांग पर सब्जियों के न्यूनतम मूल्य कानून ला सकती है, जिसमें सरकार सिर्फ दाम तय करेगी. उन पर खरीद की बाध्यता नहीं होगी. इधर किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि ढाई महीने पहले सरकार से मीटिंग हुई थी, तब सरकार ने मांगें मान लीं. हालांकि उन्हें जमीनी स्तर पर लागू नहीं किया. इस वजह से उन्हें मजबूर होकर भीषण ठंड में रेलवे ट्रैक पर बैठना पड़ा.

 

सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने दिया आश्वासन

वहीं सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने किसानों को भरोसा दिया कि बासमती का मुआवजा 12 हजार से बढ़ाकर 17 हजार किया जाएगा. वहीं, 5 एकड़ तक जमीन वालों का 2 लाख तक का कर्ज माफी होगा. बाकी मांगें भी मानी गई हैं, लेकिन यह लागू होती हैं या नहीं, इसे देखकर 4 जनवरी के बाद फैसला लिया जाएगा. सीएम चन्नी ने कहा कि शहीद परिवारों को 170 नौकरी दी गई है, बाकी एक हफ्ते तक दे दी जाएगी. दिल्ली में दर्ज केसों को लेकर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात करने का आश्वासन दिया.