बठिंडा। पुलिस प्रशासन की ओर से गत दिनों गांव जियौंद में किसानों पर किए गए जब्र के विरोध में चार दर्जन के करीब किसान, मजदूर, मुलाजिम व अन्य सार्वजनिक संगठनों ने बठिंडा में एक विशाल रोष रैली की। रैली में हजारों की संख्या में वर्करों ने हिस्सा लिया। इस दौरान बठिंडा पुलिस प्रशासन विशेषकर एसएसपी के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करने की मांग करी गई। बाद में संगठनों ने शहर में एक रोष मार्च भी किया।

धरने के दौरान अलग-अलग संगठनों के नेताओं के अलावा पुलिस अत्याचार का शिकार हुए किसान चरनजीत सिंह निवासी माड़ी व पुलिस लाठीचार्ज में जख्मी हुए अन्य किसानों ने भी शिरकत की। वक्ताओं ने कहा कि पंजाब सरकार व पुलिस प्रशासन किसानों-मजदूरों के अलावा हर आम आदमी की आवाज को लाठी व गोली के दम से दबाना चाहते हैं लेकिन सरकार की इस प्रकार की मंशा को लोग कभी पूरा नहीं होने देंगे।

उन्होंने कहा कि धरने-प्रदर्शनों से निकली पार्टी का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी को अब आम लोगों के धरनों से डर लगने लगा है। उन्होंने कहा कि बठिंडा पुलिस को सरकार की ओर से विशेष हिदायतें दी गई हैं कि इस पूरे क्षेत्र में सरकार के खिलाफ उठने वाली आवाजों को सख्ती से दबाया जाए।