Rajasthan News: अजमेर के पुलिस कप्तान (SP) के दफ्तर में गुरुवार को उस समय कोहराम मच गया, जब एक शख्स ने न्याय की गुहार लगाते-लगाते अचानक खुद पर डीजल डाल लिया। इससे पहले कि वह खुद को आग लगा पाता, वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाई और डीजल का केन छीन लिया। ग्राउंड सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने तुरंत पीड़ित के कपड़े उतरवाए और उस पर पानी डालकर उसे सुरक्षित किया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

बेटी की मौत और गलत काम का आरोप

बता दें कि आत्मदाह की कोशिश करने वाला यह शख्स अपनी बेटी की मौत के मामले में दर-दर की ठोकरें खा रहा है। पीड़ित पिता का आरोप है कि उसकी बेटी ने आत्महत्या की थी, जिसके पीछे तनिक मेघवंशी नाम के युवक का हाथ है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उक्त युवक ने उसकी बेटी के साथ गलत काम किया था, जिसकी वजह से उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।

पुलिस की सुस्ती ने बढ़ाया गुस्सा

गौरतलब है कि पीड़ित ने इस मामले में अलवर गेट थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, लेकिन उसका आरोप है कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस की इसी ढिलाई और सिस्टम से तंग आकर पिता ने एसपी ऑफिस में अपनी जान देने की कोशिश की। पिता का कहना है कि, अगर पुलिस समय पर कार्रवाई करती, तो मुझे आज डीजल हाथ में नहीं उठाना पड़ता।

जांच के आदेश, एसपी बोले- मामला संज्ञान में है

घटना के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ तुरंत मौके पर पहुंचे और पीड़ित को शांत कराया। सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने अब इस पूरे घटनाक्रम और अलवर गेट थाने की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। एसपी ने भी स्पष्ट किया है कि मामला संज्ञान में आ चुका है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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