पंजाब के फाजिल्का में सतलुज नदी में बड़े जलस्तर की वजह से गांव मुहार जमशेर के पास पड़ती BSF की पोस्ट भी इसकी चपेट में आ गई है. हालत यह है कि अब रास्ता पार करने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बचा है, जिसके चलते BSF को भी राशन व अन्य सामान नाव के जरिए ले जाना पड़ रहा है.

जवान पानी से पैदल गुजर पोस्ट तक जा रहे हैं, जबकि डीसी का कहना है कि BSF जवानों के हौसले बुलंद हैं, चेकिंग जारी है. पंजाब का बड़ा हिस्सा बाढ़ की चपेट में है, और ऐसे में जिला फाजिल्का के भी 20 गांव इसकी चपेट में हैं.


इनमें से एक गांव मुहार जमशेर भी है, जिसकी भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यह गांव तीन तरफ से पाकिस्तान से घिरा हुआ है, तो चौथी तरफ सतलुज दरिया है. यहां पर सतलुज से पूर्व BSF की पोस्ट है, वह भी पानी से घिर चुकी है और BSF ने कुछ जरूरी सामान ऊंची जगहों पर शिफ्ट कर दिया है. BSF जवानों को खाद्य सामग्री सहित अन्य सामान, जैसे गैस सिलेंडर, सब्जियां, दूध भी किश्ती के सहारे पोस्ट तक लेकर जाना पड़ रहा है. BSF जवान खुद भी पानी के बीच से ही गुजर कर पोस्ट तक पहुंच पा रहे हैं.


उधर, जिला फाजिल्का की डीसी अमरप्रीत कौर संधू, IAS और SSP फाजिल्का गुरमीत सिंह भी हालातों का जायजा लेने पहुंचे. DC अमरप्रीत कौर संधू ने कहा कि बाढ़ से सतलुज पार के गांवों से सड़क संपर्क टूट चुका है, और इसी के चलते उक्त मुहार जमशेर गांव से संपर्क भी टूट चुका है, तथा करीब 70 लोगों का पलायन हो चुका है.

BSF की पोस्ट भी प्रभावित हुई है. पहले ट्रैक्टर-ट्रॉली से आना-जाना हो रहा था, लेकिन अब किश्ती ही एकमात्र साधन रह गया है खाने-पीने का सामान या अन्य जरूरी वस्तुएं ले जाने का. यह एक चुनौती है, जिसका सामना तो करना ही पड़ेगा.