चेंबर की पहली बैठक में मचा बवाल, पूर्व पदाधिकारी के कार्यकारिणी को असंवैधानिक बताए जाने पर भड़के सदस्य, दिखाया बाहर का रास्ता…

सुप्रिया पांडेय, रायपुर। चेम्बर ऑफ कॉमर्स की विस्तारित कार्यकारिणी की शनिवार को हुई चेम्बर भवन में पहली बैठक में ही मारपीट की नौबत आ गई. बैठक में आमंत्रित किए गए पूर्व पदाधिकारी राजेश वासवानी ने अपने सुझाव में चेंबर कार्यकारिणी को ही असंवैधानिक करार दे दिया, जिससे नाराज होकर सदस्यों ने उन्हें बैठक से बाहर का रास्ता दिखा दिया. 

जानकारी के अनुसार, चेम्बर की विस्तारित कार्यकारिणी की पहली बैठक में पूर्व महामंत्री लालचंद गुलवानी, और प्रकाश लालवानी के साथ मालवीय रोड व्यापारी संघ के महामंत्री और मोबाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश वासवानी को आमंत्रित किया गया था. इस दौरान वासवानी ने सुझाव देने की बात कही. इसके लिए मंच पर आमंत्रित किए जाने पर उन्होंने कार्यकारिणी को चेम्बर के संविधान के खिलाफ बताते हुए  ठीक करने की जरूरत बता दी. इस पर भड़के चेम्बर पदाधिकारियों ने उन्हें मंच से नीचे उतारने के साथ बैठक स्थल से बाहर का रास्ता दिखा दिया. 

वासवानी ने लल्लूराम डॉट कॉम से चर्चा में बताया कि चेम्बर के पदाधिकारियों ने उन्हें बैठक में आमंत्रित किया था. एक जिम्मेदार सदस्य होने के नाते उन्होंने चेम्बर की कार्यप्रणाली पर सुझाव देना उचित समझा, लेकिन उनकी बात को सुनना तो दूर खुद चेम्बर अध्यक्ष अमर पारवानी ने उन्हें मंच से नीचे उतर जाने को कर दिया. उन्होंने घटना पर दुखी जताते हुए कहा कि मामले की पुलिस में शिकायत करने के लिए वे सीनियर नेताओं से चर्चा करने के बाद निर्णय लेंगे.

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चेंबर कार्यकारिणी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव ने लल्लूराम डॉट कॉम से चर्चा में बताया कि अमर परवानी ने राजेश वासवानी का विशेष तौर पर सम्मानित किया था. वासवानी ने मंच पर अपनी बात कहने पर अड़े थे, जिसका अन्य सदस्यों ने विरोध किया. सभी सदस्यों के विरोध करने पर उन्हें नीचे से अपनी बात कहने की बात कही. मंच से उतारे जाने और माइक छिनने की बात गलत है. वासवानी ने अपनी बात कहते हुए अमर्यादित भाषा का उपयोग करने लगे, जिसका सदस्यों ने विरोध किया. इस पर वासवानी सदन छोड़कर चले गए. धक्का-मुक्की वाली कोई बात नहीं है. मामले को चेंबर की अनुशासन समिति को सौंपा जाएगा, जिसकी रिपोर्ट पर उचित निर्णय लेंगे. वहीं कैट एक राष्ट्रीय संस्था है, जिसको चर्चा में लाना ठीक नहीं है.

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