कुमार उत्तम/ मुजफ्फरपुर। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू न करने और सरकार के ठंडे रवैये के विरोध में मंगलवार को पूरे देश में करीब आठ लाख बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) पिछले 13 वर्षों से इस मांग को सरकार के सामने रख रहा है। 2015 में सरकार ने दूसरे व चौथे शनिवार को बंद करने की घोषणा की थी, पर बाकी शनिवारों को बंद करने का निर्णय स्थगित कर दिया गया। इसी पुरानी मांग के चलते UFBU ने 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल का निर्णय लिया।
मुजफ्फरपुर में बैंक शाखाएं पूर्णतः बंद
मुजफ्फरपुर जिले की सभी बैंक शाखाएं पूरी तरह बंद रहीं। 240 से अधिक शाखाओं के बंद रहने से लगभग 150 से 200 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हुआ। बैंक कर्मचारी, अधिकारी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन और रैली निकालते रहे।
केंद्र और क्षेत्रीय कार्यालयों में प्रदर्शन
शहर के बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक, एसबीआई, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के कंट्रोलिंग ऑफिस और शाखाएं बंद रहीं। कर्मचारियों ने कार्यालयों पर सभा कर सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया।
आंदोलन जारी रहेगा
UFBU के जिला संयोजक मनोरंजनम ने कहा कि सरकार हमारी मांग नहीं मानेगी तो भविष्य में और आंदोलन होंगे। अन्य नेताओं ने भी सरकार को मांग मानने के लिए मजबूर करने का संकल्प व्यक्त किया।
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