पुरी: सुबह के घने कोहरे के कारण पुरी जिला प्रशासन को शुक्रवार को चिल्का झील में सभी फेरी और टूरिस्ट बोट सेवाओं को सुबह 11 बजे तक बंद करना पड़ा है, क्योंकि इससे सुरक्षा को गंभीर खतरा था. “बेहद जरूरी” बताई गई एडवाइजरी में चेतावनी दी गई थी कि कम विजिबिलिटी से समुद्री दुर्घटनाएं हो सकती हैं और जान-माल का नुकसान हो सकता है. अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि हालात सुधरने तक यह एहतियाती रोक जरूरी थी.

जारी किए गए मुख्य निर्देश इस प्रकार हैं
- सेवाओं पर रोक: भारी कोहरे के दौरान नदियों, झीलों और जल निकायों में सभी फेरी और नावें बंद रहेंगी.
- पुलिस और स्थानीय प्रशासन बिना इजाज़त संचालन को रोकने के लिए फेरी घाटों की जाँच करेंगे.
- ब्लॉक डेवलपमेंट अधिकारी और स्थानीय अधिकारी यात्रियों और ग्रामीणों को अलर्ट करने के लिए घोषणाएं करेंगे.
संबंधित तहसीलदार, बीडीओ, यूएलबी अधिकारियों और पुलिस को नियमों का पालन सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है, उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा. सुबह के शुरुआती घंटों में पुरी में विजिबिलिटी तेजी से गिर रही है, जिससे आवागमन असुरक्षित हो गया है. अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं और मौसम की स्थिति में सुधार होने पर प्रतिबंध हटा देंगे.
इस रोक से चिल्का झील क्षेत्र में यात्रा और पर्यटन अस्थायी रूप से बाधित हुआ है, लेकिन अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है.


