शिवम मिश्रा, रायपुर। कांग्रेस नेता विकास तिवारी को लगातार झटके पर झटके मिल रहे हैं। झीरम घाटी नक्सल कांड को लेकर पार्टी लाइन से हटकर दिए गए बयानों के बाद पहले उन्हें वरिष्ठ प्रवक्ता पद से हटाया गया, फिर कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया। अब एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें राज्यसभा सांसद रंजीता रंजन के सांसद प्रतिनिधि पद से भी हटा दिया गया है।

बता दें कि विकास तिवारी ने झीरम घाटी नक्सल कांड को लेकर कांग्रेस नेताओं सहित भाजपा नेताओं का नार्को टेस्ट कराने की मांग की थी। उन्होंने इस संबंध में न्यायिक जांच आयोग को पत्र भी लिखा था। पार्टी ने इस कदम को अनुशासनहीनता माना और वरिष्ठ नेताओं के नाम मीडिया में जोड़कर प्रचारित करना पार्टी लाइन का उल्लंघन माना।
पहले विकास तिवारी को प्रवक्ता पद से हटा
बायन के बाद पहले छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने विकास तिवारी को वरिष्ठ प्रवक्ता पद से हटा दिया था। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर पार्टी की ओर से विकास तिवारी को तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का नोटिस भी जारी किया गया था। इसके बाद उन्हें कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया।
देखिये आदेश की कॉपी-

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