शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्यप्रदेश में इंदौर दूषित पानी कांड के बाद नगरीय प्रशासन विभाग जागा है। इसी कड़ी में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने फरमान जारी किया है कि- प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में जय प्रदाय के तहत पानी के शुद्धिकरण की जांच होगी। सैंपल रिपोर्ट हर माह भेजनी होगी। ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम भी तैयार होगा।
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भोपाल नगर निगम की बड़ी लापरवाही
राजधानी भोपाल नगर निगम 30 लाख लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। इंदौर हादसे से भी भोपाल नगर निगम ने कोई सबक नहीं लिया है। भोपाल में नगर निगम का ड्राइवर पानी का सैंपल ले रहा है। यहां तक कि विजुअली चैलेंज्ड (जिसे कम दिखता हो) लेब असिस्टेंट से निगम वाटर सैंपल टेस्ट करवा रहा है। केवल 4 केमिस्टों के भरोसे ही निगम राजधानी के 15 फिल्टर प्लांट चला रहा है।
लंबे समय से यही सैंपल कलेक्शन कर रहा
नगर निगम के ड्राइवर पंकज जांगड़े ने बीते दिनों में सैकड़ों पानी के सैंपल लिए। टीटी नगर और रोशनपुरा से ड्राइवर जांगड़े ने पानी के सैंपल लिए है। साथ ही कई जगह खुद ही टेस्ट ट्यूब में निगम के ड्राइवर ने क्लोरीन चेक किया है। लंबे समय से यही सैंपल कलेक्शन कर रहा है। विजुअली चैलेंज्ड अशोक विश्वकर्मा निगम के लेब असिस्टेंट ने भी सैकड़ों सैंपल टेस्ट किए है।
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