एमपी में पहली बार जलाशयों से निकाली जाएगी गाद और रेत, कैबिनेट में लगेगी मुहर !

शब्बीर अहमद, भोपाल। प्रदेश में पहली बार जलाशयों से गाद और रेत निकाली जाएगी। यह गाद किसानों को दी जाएगी ताकि खेती के लिए इस बेहद उपजाऊ गाद का उपयोग किया जा सके। इसके अलावा बाधों से रेत का उपयोग भी सरकार राजस्व बढ़ाने में करेगी। इसकी नीलामी की तैयारी सरकार ने कर ली है।

कमलनाथ सरकार ने लिया था फैसला

जलाशयों से रेत और गाद निकालने का प्रस्ताव आज भोपाल स्थित मंत्रालय में होनी वाली शिवराज कैबिनेट में लाए जाएंगे। इन दोनों ही कवायदों के लिए रानी अवंती बाई जलसागर परियोजना, तवा, इंदिरा सागर और बाणसागर जलाशयों को शामिल किया गया है। इसके अलावा जलाशयों की क्षमता बढ़ाने को लेकर तैयार प्लानिंग को भी कैबिनेट में हरी झंडी दी जा सकती है ताकि जल आपूर्ति समेत सिंचाई का रकबा भी प्रदेश में बढ़ाया जा सके।

इन प्रस्ताव पर भी हो सकता है फैसला

जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश नजूल भूमि निवर्तन निर्देश 2020 में संशोधन कर नगरीय निकायों में बस स्टैंड बनाने के लिए निशुल्क भूमि का प्रावधान किया जा सकता है। फिलहाल मार्केट, कॉम्पलेक्स और बस स्टैंड बनाने के लिए भूमि के बाजार मूल्य के 50 प्रतिशत भूमि आवंटन का नियम है साथ ही पेयजल, इंफ्रास्ट्रेक्टर, किसानों से जुड़े मुद्दों पर कैबिनेट में विचार मंथन के बाद महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है।

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