वीरेंद्र गहवई/गौरव जैन, बिलासपुर। न्यायधानी के एक स्पा संचालक ने पूर्व एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल पर डराने-धमकाने और पैसों की मांग करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। शिकायत के साथ वायरल वीडियो और कथित स्टिंग से जुड़े सबूत भी सामने आए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ने तत्काल जांच के आदेश देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बिलासपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।

यह है मामला
पूरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र में संचालित एक वेलनेस स्पा से जुड़ा है। स्पा संचालक ने आईजी संजीव शुक्ला को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि पूर्व एडिशनल एसपी द्वारा उसे लगातार डराया-धमकाया जा रहा था और पैसों की मांग की जा रही थी। शिकायत के साथ उसने व्हाट्सएप कॉलिंग के स्क्रीनशॉट और एक वीडियो भी सौंपा है, जो फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने पूर्व ASP का स्टिंग किया, जिसमें कथित रूप से पैसों की मांग और धमकी से जुड़ी बातचीत रिकॉर्ड हुई है। उसके अनुसार, लगातार दबाव के कारण वह मानसिक रूप से परेशान हो गया था, जिसके बाद उसने उच्च अधिकारियों से शिकायत करने का निर्णय लिया।
आईजी ने एसएसपी को जांच के दिए निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के आईजी ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए हैं। एसएसपी बिलासपुर को निर्देश दिए गए हैं कि वे सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, ऑडियो सामग्री और शिकायत पत्र में उल्लेखित तथ्यों की गंभीरता से जांच कर सात दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

पूर्व ASP जायसवाल ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
वहीं वर्तमान में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र जायसवाल ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश बताया है। उन्होंने लल्लूराम डॉट कॉम से मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वायरल वीडियो शायद 13 दिसंबर का है। जब मैं बिलासपुर में एडिशनल एसपी के रूप में पदस्थ था। उस दौरान यह युवक मेरे चेंबर में आया था और किसी एफआईआर के बारे में बात कर रहा था। जिसमें मेरे द्वारा पूर्व में उसको बताया जा चुका था कि यदि वह संबंधित दस्तावेज को लेकर आएगा तो एफआईआर किया जा सकता है। फिर उसके द्वारा बताया गया कि सिविल लाइन थाने में एफआईआर पंजीबद्ध हो चुका है और उसके पश्चात उसके द्वारा पुलिस के विरुद्ध अभद्रता पूर्वक टिप्पणी की गई, जिसमें मेरे द्वारा उसको डांट लगाई गई। जिसे वीडियो में देखा जा सकता है, मेरे द्वारा किसी भी प्रकार के पैसे की मांग नहीं की जा रही है और इसमें बाद में उसके द्वारा वीडियो जारी कराया गया, जिसमें उसके द्वारा मेरे पर पैसे की मांग का आरोप लगाया जा रहा है। इस प्रकार से मेरी छवि को खराब करने और पुलिस को बदनाम करने के लिए उसके द्वारा इस प्रकार का लांछन लगाया गया है।

उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा उस वीडियो में यह भी बोला जा रहा है कि चूंकि वह सपा का संचालक था, तो यदि वह इस प्रकार की अनैतिक गतिविधि करेगा तो पुलिस रेड कार्रवाई भी करेगी। तो इस प्रकार से यह पूरी तरह से मेरी छवि को बदनाम करने और बिलासपुर पुलिस की छवि को खराब करने के लिए यह वीडियो चलाया जा रहा है और मैं इसमें किसी भी प्रकार की जांच के लिए तैयार हूं।
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