गुरुग्राम। हरियाणा के वरिष्ठ राजनेता और विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत का शनिवार को गुरुग्राम में निधन हो गया। वे लंबे समय तक प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे और अपनी सादगी व जनसेवा के लिए पहचाने जाते थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अपनी शोक संवेदना में कहा कि पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। उनका विनम्र स्वभाव और जनहित के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

गोपीचंद गहलोत ने हरियाणा की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2000 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने गुरुग्राम सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ते हुए दिग्गज नेता धर्मबीर गाबा को शिकस्त दी थी। उस दौर में सदन में निर्दलीय विधायकों की प्रभावी उपस्थिति को देखते हुए तत्कालीन चौटाला सरकार में उन्हें विधानसभा का डिप्टी स्पीकर नियुक्त किया गया था।

वे अपने लंबे राजनीतिक करियर के दौरान इनेलो के वरिष्ठ नेता रहे और बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। उनके निधन पर विभिन्न दलों के नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

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