फर्जीवाड़े की हद तो देखिये, 200 से 400 साल के मजदूर इस सरकारी योजना में कर रहे हैं काम

दिल्ली। आम तौर पर इंसान की उम्र सौ वर्ष या उसके आसपास होती है। सौ के करीब जाकर आदमी कुछ कर पाने में लाचार हो जाता है। लेकिन बिहार के चतरा में वैसे भी इंसान हैं, जिनकी सरकारी दस्तावेज में उम्र 461 वर्ष हो रही है। वो पूरी तरह स्वस्थ हैं और मनरेगा मजदूर हैं। ऐसे इंसानों की संख्या एक दर्जन के करीब है और सौ से दो-ढाई सौ वर्ष वाले तो सैकड़ों में हैं।

ये सभी मनरेगा के तहत मजदूरी कर रहे हैं। इनमें से कुछ ने 22 दिनों तक काम किया है, तो कुछ ने 56 दिनों का। इस प्रकार सौ से अधिक वर्ष वाले जितने भी मजदूर हैं, वे मनरेगा में काम कर भुगतान भी प्राप्त कर चुके हैं।       सुनने में हास्यास्पद जरूर लग रहा होगा, लेकिन मनरेगा का रिकार्ड खंगालने पर यह सब कुछ आपको मिल जाएगा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत मजदूरों का बनाया गया जॉबकार्ड में उम्र का उल्लेख है। जब अधिकारियों ने मामले की जांच की तो इस फर्जीवाड़े को देखकर उनके भी होश उड़ गये। अब अधिकारी मामले में बड़ी कार्रवाई की बात कर रहे हैं।

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