छत्तीसगढ़ सिंधी साहित्य अकादमी को विलोपित करने पर समाज में रोष, उठने लगे विरोध के स्वर

रायपुर। छग प्रदेश सरकार द्वारा सिंधी अकादमी के अस्तित्व को खत्म करने पर सिंधी समाज में भारी रोष व्याप्त है. छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के प्रदेश अध्य्क्ष श्रीचंद सुन्दरानी ने कहा कि प्रदेश सरकार के इस कदम पूरे प्रदेश के सिंधी समाज की भावनाओ को भारी ठेस पहुँची है. जगह-जगह इसके लिए विरोध के स्वर उठने लगे है.

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अब तक सिंधी भाषा के विकास के लिए सिंधी अकादमी लगातार इस प्रदेश के साथ-साथ महाराष्ट, मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, दिल्ली सहित अन्य कई राज्यों में स्वतत्रंता से कार्य कर रही है. अब अचानक इसका अस्तित्व समाप्त करना हैरान करने वाला है. जिस प्रकार से यह कदम उठाया गया है उससे यह लगता है कि सरकार सिंधी भाषा व संस्कृति के खिलाफ है. साथ ही पूर्व में भी राज्य कांग्रेस द्वारा विधानसभा चुनाव में एवम निगम मंडल में भी प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है.

इन सभी को देखते हुए समाज के आक्रोश को देखते हुए छतीसगढ़ सिंधी पंचायत ने कल एक आपात बैठक बुलाई गई है, जो कोरोनाकाल के कारण वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से होगी. जिसे छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत युवा विंग के प्रदेश अध्य्क्ष सीए अमित चिमनानी संचालित करेंगे. जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी. संस्था के कार्यकारी अध्य्क्ष बब्बन भोजवानी, महासचिव इंद्र डोडवानी, महिला विंग अध्यक्ष श्रीमती भावना कुकरेजा, युवा विंग प्रभारी जितेंद्र बड़वानी ने भी सरकार के फैसले पर रोष जाहिर किया गया.

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