गयाजी। बिहार के गया जिले में अधिवक्ता संजय कुमार सुधाकर पर हुए जानलेवा हमले के खिलाफ कानूनी बिरादरी में भारी उबाल है। मंगलवार को गया बार एसोसिएशन के सदस्यों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सिविल कोर्ट परिसर से शुरू हुआ यह पैदल मार्च एसएसपी कार्यालय और समाहरणालय तक पहुंचा, जहां अधिवक्ताओं ने डीएम और एसएसपी को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
रंगदारी न देने पर रॉड से किया हमला
मिली जानकारी के अनुसार, घटना 23 फरवरी 2026 की है। अधिवक्ता संजय कुमार सुधाकर बंगाली बीघा स्थित अपने निर्माणाधीन मकान पर थे। उनकी पत्नी शारदा कुमारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, स्थानीय निवासी राहुल कुमार अपने सहयोगियों मनीष, छोटू और 20-25 अज्ञात लोगों के साथ वहां पहुंचा और 2 लाख की रंगदारी मांगी। पैसे देने से इनकार करने पर आरोपियों ने लोहे की रॉड से वकील के सिर और चेहरे पर जानलेवा हमला कर दिया। वर्तमान में घायल अधिवक्ता मगध मेडिकल कॉलेज के सर्जरी वार्ड में भर्ती हैं।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बार एसोसिएशन के जॉइंट सेक्रेटरी सिकंदर कुमार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे स्पष्ट है कि चंदौती पुलिस आरोपियों को संरक्षण दे रही है। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि चंदौती थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित किया जाए और उन पर मुकदमा दर्ज हो।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
इस मार्च में मनीष कुमार, गौरव राज, ज्वाला मेहता समेत बड़ी संख्या में वकील शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी और लापरवाह पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे।
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