गया। जिले में कांग्रेस की राजनीति ने एक नया और विवादित मोड़ ले लिया है। पार्टी आलाकमान ने जिले को दो सांगठनिक हिस्सों में बांटते हुए डबल कमान की रणनीति अपनाई है। इस फैसले के तहत रजनीश कुमार उर्फ झुना को नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि वर्तमान अध्यक्ष संतोष कुशवाहा भी फिलहाल अपने पद पर बने हुए हैं।
पहली बार भूमिहार नेतृत्व और सामाजिक समीकरण
इस नियुक्ति का सबसे अहम पहलू जातिगत समीकरण है। 1947 के बाद पहली बार गया कांग्रेस की कमान किसी भूमिहार नेता (रजनीश कुमार) को सौंपी गई है। इसे सवर्ण मतों को वापस खींचने की कोशिश माना जा रहा है। हालांकि, इस ऐतिहासिक बदलाव के साथ ही संगठन की अंदरूनी दरार सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हो गई है।
सोशल मीडिया पर बगावत के सुर
नए जिलाध्यक्ष के ऐलान के अगले ही दिन विरोध की लहर दौड़ गई। कांग्रेस नेता सहाब रहमानी ने संतोष कुशवाहा के पक्ष में मोर्चा खोलते हुए तीखी टिप्पणी की। उन्होंने सौ में नब्बे शोषित हैं जैसे नारों का सहारा लेकर सीधे तौर पर नई नियुक्ति को चुनौती दी। रहमानी ने यहां तक कह दिया कि तलवे चाट कर पद तो मिल जाएगा, लेकिन जन समर्थन कहां से लाओगे? यह सीधा हमला रजनीश कुमार की स्वीकार्यता पर सवाल खड़ा करता है।
नए नेतृत्व की रणनीति और चुनौतियां
विवादों के बीच रजनीश कुमार ने स्पष्ट किया कि वे जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम से मिलकर विधिवत प्रभार लेंगे। 1989 से पार्टी में सक्रिय रजनीश का दावा है कि उनकी प्राथमिकता पुराने कार्यकर्ताओं को वापस लाना और राहुल गांधी के नेतृत्व को मजबूत करना है। हालांकि, उन्होंने गुटबाजी के सवालों पर चुप्पी साधे रखी।
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